क्या आपकी रोज की आदतें आपकी फर्टिलिटी को खराब कर रही हैं? हम अक्सर सोचते हैं कि बच्चा न होने की वजह कोई बड़ी बीमारी ही होगी। असल में, प्रेग्नेंसी ने होने की वजह कुछ ओर ही होती है जैसे देर रात तक जागना, घंटों कुर्सी पर बैठना और लगातार स्ट्रेस जैसी छोटी-छोटी आदतें। आइए इंडिया आईवीएफ एंड फर्टिलिटी क्लिनिक की को फाउंडर और डायरेक्टर डॉ. ऋचिका सहाय शुक्ला से जानते हैं कि रोजमर्रा की कौन सी आदतों से प्रेग्नेंसी पर बुरा असर पड़ता है।

रोज की आदतें खराब कर रही हैं फर्टिलिटी

''डॉक्टर, हम तो हेल्दी खाते हैं, योगा भी करते हैं, फिर भी क्यों नहीं हो रहा?'' ये सवाल आजकल हर फर्टिलिटी क्लिनिक में सुनने को मिलता है। जवाब अक्सर खाने में नहीं, बल्कि नींद, स्ट्रेस और लाइफस्टाइल में छिपा होता है। जानते हैं कि आपकी कौन सी रोज की आदतें फर्टिलिटी पर गुपचुप इफेक्ट डाल रही है।

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अच्छी डाइट और योगा के बाद भी कंसीव क्यों नहीं हो रहा?

आजकल के कपल्स को बेबी कंसीव करने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ये लोग हेल्दी खाना भी खाते हैं, योगा भी करते हैं, ग्रीन जूस भी पीते हैं, फिर भी बेबी क्यों नहीं हो रहा है। असल में वजह खाना या योगा नहीं है। वजह है इनकी रोज की छोटी-छोटी आदतें। जैसे रात को करीब 2 बजे तक जागना, काम की कॉल्स के बाद ऑनलाइन एक और एपिसोड देख लेना, दिन में दस घंटे कुर्सी पर बैठे रहना, रात 12 बजे डिनर खाना। ये कोई बड़ी आदत नहीं है जो फर्टिलिटी को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि यह छोटी-छोटी आदतें हैं जो धीरे-धीरे शरीर और फर्टिलिटी को नुकसान पहुंचा रही हैं। 

नींद, स्ट्रेस और वजन का फर्टिलिटी पर असर

नींद वो समय है जब अंडे और स्पर्म को गाइड करने वाले हार्मोन्स अपना काम चुपचाप करते हैं। देर रात में नींद लेने से शरीर का रिदम बिगड़ जाता है। पीरियड्स इर्रेगुलर हो जाते हैं। स्पर्म काउंट नीचे गिरने लगता है। बॉडी को बस यही लगता है कि अभी बच्चे के लिए सही टाइम नहीं है।

इसी तरह स्ट्रेस भी ऐसे ही काम करता है। किसी को नौकरी नहीं छोड़नी चाहिए। लेकिन डिनर के बाद एक वॉक, एक घंटे के लिए फोन से दूर रहना, एक प्रॉपर वीकेंड की छुट्टी; ये कोई लग्जरी आदतें नहीं हैं। ये सेफ्टी के सिग्नल हैं जिन पर आपकी बॉडी ध्यान देती है।

वजन भी मायने रखता है, दोनों तरफ से। ज्यादा बॉडी फैट ओवुलेशन को बिगाड़ सकता है और क्रैश डाइटिंग उसे पूरी तरह रोक सकती है।

वहीं, आदमियों के लिए भी कुछ ऐसी आदतें हैं जिनके बारे में कम लोग जानते हैं। घंटों तक लैपटॉप को गोद में रखकर काम करना। बहुत देर तक गर्म पानी से नहाना। स्मोकिंग, चाहे सिर्फ वीकेंड पर ही क्यों न हो। शराब, दोनों पार्टनर के लिए सही नहीं है। इन सभी आदतों से आदमियों को दूर रहना चाहिए क्योंकि स्पर्म लगभग हर तीन महीने में नए बनते हैं, जो कि असल में अच्छी खबर है।

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छोटी शुरुआत और सही समय पर डॉक्टर की सलाह

यहां एक बात हर कपल को याद रखनी चाहिए कि लाइफस्टाइल का मतलब ब्लेम करना नहीं है। मैराथन रनर्स को स्ट्रगल करते देखा है और नाइट-शिफ्ट वर्कर्स को आसानी से कंसीव करते देखा है। बायोलॉजी सीधे सादे नियमों पर नहीं चलती है और न कोई आदत बदलना प्रेग्नेंसी की गारंटी नहीं दे सकता है। अच्छी आदतें आपके फेवर में चांस बढ़ा देती हैं और वो ट्रीटमेंट को भी बेहतर करने में मदद करती हैं। इसलिए, छोटी छोटी आदतों से शुरुआत करो जैसे रात 11 बजे तक सो जाओ, दिन में 30 मिनट बॉडी को मूव करो, पैकेज्ड फूड से ज्यादा घर का खाना खाओ।

अगर आपको ट्राई करते एक साल से ज्यादा हो गए या 6 महीने, अगर महिला की उम्र 35 से ऊपर है; तो फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से मिलो। घरेलू नुस्खों से दूरी बनाकर रखो। आपकी रोज की आदतें चुपचाप आपकी फर्टिलिटी से बात कर रही हैं। इसलिए, अपनी आदतों पर ध्यान दो।

फर्टिलिटी में सुधार कोई रातों-रात होने वाले जादू नहीं, बल्कि रोज की आदतों में सुधार है। महंगे डाइट प्लान से ज्यादा असरदार आपकी सही समय की नींद, स्ट्रेस फ्री माहौल और टाइम टेबल है। जब आप अपने शरीर का सही तरीके से ध्यान रखते हैं तो कंसीव करने की संभावना अपने आप बढ़ जाती है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।