आज के वक्त में बेशक इंटिमेट हाइजीन को लेकर महिलाएं काफी सजग हो गई हैं, लेकिन फिर भी पर्सनल हाइजीन से जुड़े कई ऐसे सवाल हैं, जिन्हें लेकर आज भी महिलाएं कंफ्यूज रहती हैं। इंटिमेट एरिया को साफ रखने और बैक्टीरिया से छुटकारा पाने के लिए कई महिलाएं इंटिमेट वॉश का इस्तेमाल करती हैं। आज के वक्त में कई तरह के इंटिमेट वॉश मार्केट में मौजूद हैं। वजाइना को साफ रखने के लिए फेमिनिन वॉश का रोजाना इस्तेमाल सही है या नहीं, चलिए इसका जवाब एक्सपर्ट से जानते हैं। यह जानकारी हम डॉक्टर सोनू खोखर, एमबीबीएस डॉक्टर, हेल्थ एंड वेलनेस एक्सपर्ट (Dr. Sonu Khokhar, MBBS Doctor, Health and Wellness Expert) संग हुई बातचीत के आधार पर शेयर कर रहे हैं।

क्या रोजाना Intimate Wash का इस्तेमाल महिलाओं के लिए सही?

डॉक्टर सोनू का कहना है कि सबसे पहले तो आपके लिए यह समझना जरूरी है कि इंटिमेट वॉश का इस्तेमाल करना हर महिला के लिए जरूरी नहीं है। वजाइना एक सेल्फ-क्लीनिंग ऑर्गन है यानी यह खुद अपने आप को साफ कर सकती है। वजाइना में गुड बैक्टीरिया मौजूद होते हैं और वजाइना से हल्का पारदर्शी डिस्चार्ज भी होता है, तो इसके पीएच बैलेंस को बनाए रखने और इसे साफ रखने में मदद करता है। ऐसे में वजाइना के अंदर किसी तरह के वॉश, साबुन या क्लीनिंग प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं होती है। वजाइना के बाहरी हिस्से यानी वल्वा की सफाई जरूरी है। इसके लिए गुनगुना या सामान्य साफ पानी काफी है। वल्वा पर आप हल्के और खुशबू रहित क्लींजर या साबुन का इस्तेमाल कर सकती हैं, लेकिन याद रखें कि इसे वजाइना के अंदर यूज न करें।

इंटिमेट वॉश के रोजाना इस्तेमाल से क्या समस्याएं हो सकती हैं?

ऐसा जरूरी नहीं है कि सभी महिलाओं को वजाइनल वॉश के इस्तेमाल से दिक्कत हो या सभी इंटिमेट वॉश का असर एक जैसा ही हो। हालांकि, खुशबू वाले और केमिकल युक्त इंटिमेट वॉश से कई तरह की दिक्कत हो सकती है। वहीं, जरूरत से ज्यादा सफाई करने से बाहरी त्वचा रूखी हो सकती है। वजाइना वॉश के रोजाना इस्तेमाल से कई दिक्कतें हो सकती हैं।

  • पीएच बैलेंस पर असर- क्लीनिंग प्रोडक्ट्स का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल वजाइना के नेचुरल पीएच बैलेंस पर असर डाल सकता है।
  • खुजली और जलन- कुछ इंटिमेट वॉश के इस्तेमाल से वजाइनका की सेंसिटिव स्किन में इरिटेशन पैदा हो सकती है।
  • रूखापन- बार-बार साबुन या क्लींजर लगाने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है।
  • इंफेक्शन का खतरा- हमारे प्राइवेट पार्ट का अपना एक नेचुरल माइक्रोबायोम होता है, जो गुड बैक्टीरिया से मिलकर बना होता है। ज्यादा इंटिमेट वॉश के इस्तेमाल ये गुड बैक्टीरिया कम हो सकते हैं और इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।

महिलाओं को प्राइवेट पार्ट की सफाई कैसे करनी चाहिए?

इंटिमेट हाइजीन बनाए रखने के लिए महिलाओं को कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  • वजाइना के बाहरी हिस्से को साफ पानी से धीरे-धीरे धोएं।
  • इंटिमेट एरिया के अंदर किसी क्लीनिंग प्रोडक्ट से सफाई न करें। इस प्रक्रिया को डूशिंग कहते हैं।
  • खुशबूदार साबुन, स्प्रे और ऐसे प्रोडक्ट्स से बचें, जिनसे जलन होती हो।
  • रोजाना पैंटी बदलें और कॉटन पैंटी पहनें।
  • पीरियड्स के दिनों में हर 3-4 घंटे में पैड बदलें।

डॉक्टर से सलाह कब लेनी चाहिए?

अगर प्राइवेट पार्ट में लगातार खुजली, जलन, दर्द, असामान्य डिस्चार्ज या तेज बदबू महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इसे नजरअंदाज करना बिल्कुल सही नहीं है।

 


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