बिना बोले चेहरे के हाव-भाव से मन की बात भांप लेना एक आर्ट है, जिसमें महिलाओं को माहिर समझा जाता है। हल्की सी उदासी, गुस्सा या मुस्कान को महिलाएं पुरुषों के मुकाबले कई ज्यादा तेजी और सटीकता से समझती हैं। इसे आम बोलचाल में महिलाओं की छठी इंद्री कहा जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि महिलाओं की यह खूबी सिर्फ एक धारणा नहीं है, बल्कि इसके पीछे ठोस साइंटिफिक और न्यूरोलॉजिकल कारण मौजूद हैं। ऐसे में इनके बारे में पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से बताएंगे कि महिलाएं कैसे पढ़ लेती हैं पलक झपकते ही चेहरे के भाव? इसके लिए हमने कोच, हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट और साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) से भी बात की है। जानते हैं आगे...
रिसर्च क्या कहती है?
एनसीबीआई (NCBI) की रिसर्च इस बात की पुष्टि करती है कि चेहरे के हावभाव पहचानने में महिलाएं पुरुषों से काफी आगे हैं। इस स्टडी के मुताबिक, अलग-अलग हाव-भाव पर महिलाओं के अनबायस्ड हिट रेट्स यानी सटीक पहचान करने की दर बहुत ज्यादा थी।
भावनाएं चाहे कितनी भी उलझी हुई या सूक्ष्म क्यों न हों, महिलाएं उन्हें पुरुषों की तुलना में बहुत कम समय में और बिना किसी गलती के डिकोड कर लेती हैं।
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महिलाएं कैसे पढ़ लेती हैं चेहरे के भाव?
इसके पीछे महिला के दिमाग की बनावट और इवोल्यूशन जिम्मेदार हैं। न्यूरोसाइंस के अनुसार, चेहरों और भावनाओं को प्रोसेस करने के लिए जिम्मेदार दिमाग का हिस्सा, जिसे फ्यूसीफॉर्म फेस एरिया कहा जाता है, महिलाओं में ज्यादा एक्टिव होकर काम करता है।
नोट - महिलाओं की यह कला वर्क प्लेस से लेकर पर्सनल रिश्तों तक हर जगह एक वरदान साबित होती है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि पुरुषों को भी अपने परिवेश में ज्यादा सेंसिटिव बनने और दूसरों के द्वारा दिए गए संकेतों पर ध्यान देने की प्रैक्टिस करें।
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