ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे कॉमन कैंसर में से एक है। अगर इसकी पहचान शुरुआती स्टेज में हो जाए, तो इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। हालांकि, एडवांस स्टेज में पहचान होने पर भी कई थेरेपी की मदद से पेशेंट को एक अच्छी जिंदगी देने की कोशिश की जाती है, लेकिन ब्रेस्ट कैंसर का ट्रीटमेंट काफी लंबा और कई बार थका देने वाला भी हो सकता है। कीमोथेरेपी, सर्जरी और टारगेटेड थेरेपी समेत ट्रीटमेंट के अलग-अलग चरणों में कई साइड-इफेक्ट्स भी देखने को मिलते हैं। ऐसे में पेशेंट्स की मेंटल हेल्थ को मजबूत रखना और उनका पॉजिटिव रहना बहुत जरूरी है।

ब्रेस्ट कैंसर का पता चलने और उसके इलाज के दौरान मानसिक और शारीरिक, दोनों तरह की चुनौतियां आती हैं। मरीजों के लिए यह समझना बहुत जरूरी है कि घबराहट, उदासी या बहुत ज्यादा दबाव महसूस करना कमजोरी की निशानी नहीं, बल्कि इलाज के दौरान होने वाली एक सामान्य प्रतिक्रिया है। इस समय पर अगर पेशेंट नेगेटिव सोच रखते हैं या ऐसा मान लेते हैं कि अब जिंदगी खत्म हो चुकी है, तो इलाज में और मुश्किल आ सकती है। ब्रेस्ट कैंसर ट्रीटमेंट के दौरान कैसे पेशेंट की मेंटल हेल्थ का ध्यान रखना चाहिए, चलिए इस बारे में एक्सपर्ट से जानते हैं। इस बारे में Dr. Pragya Rashmi, Consultant Psychologist, Yashoda Hospitals, Secunderabad जानकारी दे रही हैं।

मेंटल हेल्थ के बारे में डॉक्टर से बात करें

अगर इलाज के दौरान दवाईयों के रिएक्शन या किसी अन्य कारण के चलते आप एंग्जायटी या अन्य कोई लक्षण महसूस कर रही हैं, तो मेंटल हेल्थ के बारे में डॉक्टर से खुलकर बात करें। हो सकता है कि ऑन्कोलॉजिस्ट आपको किसी साइकियाट्रिस्ट या काउंसलर से बात करने की सलाह दें। इससे बिल्कुल न घबराएं। मेंटल हेल्थ से जुड़ी कई तरह की थेरेपी की मदद से आप बेहतर महसूस कर पाएंगी।

कैंसर पेशेंट्स के साथ जुड़ें

आप हॉस्पिटल या सोशल मीडिया के जरिए अन्य कैंसर पेशेंट्स से जुड़ सकती हैं। इससे आप कम अकेला महसूस करेंगी। साथ ही, अन्य कैंसर पेशेंट्स के अनुभव आपको हिम्मत देंगे और आपका डर और तनाव कम होगा।

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डाइट और लाइफस्टाइल पर ध्यान दें

हेल्दी डाइट और जीवनशैली भी ब्रेस्ट कैंसर ट्रीटमेंट के दौरान मेंटल हेल्थ को दुरुस्त बनाए रखने में मदद कर सकती है। नियमित नींद, संतुलित भोजन, शरीर में पानी की सही मात्रा, हल्की-फुल्की कसरत, योग, ब्रीदिंग एक्सरसाइज और माइंडफुलनेस मेडिटेशन, एंग्जायटी को कम करने और मूड को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं।

पॉजिटिव रहने की कोशिश करें

इस समय पर पेशेंट का पॉजिटिव रहना बहुत जरूरी है। ऐसे में मन में किसी भी नेगेटिव विचार को न आने दें। उम्मीद बनाए रखें कि आप ठीक हो सकती हैं। अगर आपको डिप्रेशन के लक्षण महसूस हों, तो इस बारे में जरूर बात करें।

 

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ब्रेस्ट कैंसर ट्रीटमेंट के बीच पॉजिटिव रहना बहुत जरूरी है। अगर आप या आपके परिवार में कोई इस समस्या से जूझ रहा है, तो आप डॉक्टर प्रज्ञा के बताए इन टिप्स की मदद ले सकती हैं। हरजिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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