पीरियड्स के दौरान महिलाओं को 3-5 दिन तक ब्लीडिंग होती है। आमतौर पर शुरुआती दिनों में हैवी और फिर हल्का फ्लो आता है। इस समय पर पेट दर्द, ऐंठन, थकान या मूड स्विंग्स जैसी दिक्कतें महिलाओं को अक्सर परेशान करकी हैं। पीरियड्स के दिनों में कई महिलाओं को खून के थक्के यानी ब्लड क्लॉट्स भी आते हैं। ऐसे में कई बार महिलाओं के मन में सवाल उठता है कि यह नॉर्मल है या नहीं, कहीं यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत तो नहीं है, चलिए इस बारे में एक्सपर्ट से समझते हैं। पीरियड्स में ब्लड क्लॉट्स क्यों आते हैं, इसे लेकर कब आपको चिंता करने या डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत है, इन सवालों के जवाब डॉक्टर सोनू खोखर, एमबीबीएस, हेल्थ एंड वेलनेस एक्सपर्ट (Dr. Sonu Khokhar, MBBS, Health and Wellness Expert) दे रही हैं।

पीरियड्स में Blood Clots क्यों आते हैं?

सबसे पहले आपके लिए यह समझना जरूरी है कि आखिर पीरियड्स में ब्लड क्लॉट्स आते क्यों हैं?

  • असल में पीरियड्स के दौरान यूट्रस के अंदर की लेयर टूटकर खून के साथ बाहर निकलती है। जब ब्लीडिंग ज्यादा होती है, तो खून तेजी से बाहर निकल सकता है और ऐसे में खून के थक्के दिखाई दे सकते हैं।
  • शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का बैलेंस बिगड़ने से यूट्रस की अंदरूनी परत (एंडोमेट्रियम) ज्यादा मोटी हो जाती है और ऐसे में जब वह टूटकर बाहर निकलती है, तो खून के बड़े क्लॉट्स दिखाई देते हैं।
  • इसके अलावा, जब आप लंबे वक्त कर लेटने या एक ही जगह बैठने के बाद उठती हैं, तो भी यूट्रस में जमा हुआ खून थक्के के रूप में बाहर आता है।

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पीरियड्स में ब्लड क्लॉट्स आना नॉर्मल है या नहीं?

पीरियड्स के शुरुआती दिनों में जब ब्लीडिंग ज्यादा होती है, तब अगर आपको ब्लड के साथ खून के छोटे थक्के दिखाई दें, तो यह नॉर्मल है। इसे लेकर आपको परेशान होने या घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, डॉक्टर सोनू का कहना है कि अगर थक्के बड़े आकार के हों, बार-बार दिखाई दें या उनके साथ बहुत ज्यादा ब्लीडिंग और तेज दर्द हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

पीरियड्स के दौरान खून के बड़े थक्के क्यों आते हैं?

पीरियड्स के दौरान अगर आपको बार-बार खून के बड़े थक्के आ रहे हैं या हैवी ब्लीडिंग हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।

  • पीरियड्स में ब्लड क्लॉट्स आने की एक वजह यूटेराइन फाइब्रॉइड्स हो सकते हैं। ये यूट्रस में होने वाले नॉन-कैंसर गांठे होती हैं, जो हैवी ब्लीडिंग का कारण बन सकती हैं।
  • एंडोमेट्रियोसिस में भी पीरियड्स के दौरान तेज दर्द और ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती है।
  • शरीर में होने वाला हार्मोनल असंतुलन भी पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग का कारण हो सकता है।
  • थायराइड हार्मोन में उतार-चढ़ाव के चलते भी पीरियड्स के पैटर्न पर असर हो सकता है।

नोट- ऐसा जरूरी नहीं है कि पीरियड्स में बड़े ब्लड क्लॉट्स आने या हैवी ब्लीडिंग होने के पीछे हमेशा कोई गंभीर वजह ही हो, लेकिन इस बारे में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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पीरियड्स से जुड़े इन संकेतों पर जरूर दें ध्यान

डॉक्टर सोनू का कहना है कि पीरियड्स से जुड़े कुछ ऐसे संकेत हैं, जिन पर हर महिला को जरूर ध्यान देना चाहिए।

  • पीरियड्स में बहुत ज्यादा ब्लड क्लॉट्स आना
  • हर घंटे पैड या टैम्पोन को बदलने की जरूरत पड़ना
  • पीरियड्स का सात दिनों से ज्यादा रहना
  • पेट या पेल्विक एरिया में तेज दर्द होना
  • बहुत अधिक थकान और कमजोरी महसूस होना
  • पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग होना

 


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