आजकल आपने गौर किया होगा कि ज्‍यादातर स्वस्थ और फिट लोगों को ही दिल का दौरा पड़ रहा है। उन सभी की केस स्टडी खंगालें तो पता चलता है कि सभी फिटनेस फ्रीक थे और अपनी डाइट को लेकर बेहद कॉन्शस भी। इन खबरों को पढ़ने या सुनने के बाद लगता है कि इतने फिट होने के बाद फिर ऐसा क्यों? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए पढ़ें इस लेख को। हार्ट डे के मौके पर हम आपको दिल को हेल्‍दी रखने वाले कुछ एक्‍सरसाइज और आदतों के बारे में बता रहे हैं। इसकी जानकारी हमारे साथ श्री बालाजी ऐक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली के सीनियर कंसल्टेंट व इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमर सिंघल और नारायणा सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल, गुरुग्राम के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. रचित सक्सेना शेयर कर रहे हैं।

दिल की सेहत के लिए कौन-सी एक्सरसाइज फायदेमंद हैं?

दिल हमारे शरीर का मुख्य अंग है। अगर इसे किसी तरह की समस्या होती है, तो उसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है। इसलिए, यह समझना जरूरी है कि शारीरिक फिटनेस में दिल को लेकर कितनी गंभीरता बरतें? जिससे दिल स्वस्थ रहे। अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए एक्सरसाइज बहुत जरूरी है, लेकिन क्या आप सिर्फ एक्सरसाइज से हेल्‍दी रह सकते हैं? इसके लिए योग, एरोबिक, जॉगिंग, बिना तेल की डाइट अपनाना, जंक फूड से दूरी, स्ट्रीट फूड से परहेज, साफ पानी पीना आदि अच्छी आदतें अपनानी होती हैं।

1. कार्डियो

दिल को स्वस्थ रखने के लिए कार्डियो एक्सरसाइज सबसे बेहतर मानी जाती है। इसमें जॉगिंग, ट्रेडमिल, साइकिलिंग शामिल हैं। इससे आप अपने दिल को स्वस्थ रख सकते हैं। इसका लाभ लेने के लिए आपको रोज थोड़ी देर कार्डियो जरूर करना चाहिए। इससे दिल की गति बढ़ती है और उसके आसपास की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इससे आपका पूरा शरीर स्वस्थ और फिट बना रहता है।

2. वेट ट्रेनिंग और स्ट्रेचिंग

इससे शरीर की मांसपेशियों का विकास होता है और दिल स्वस्थ रहता है। वेट ट्रेनिंग में पुशअप्स, स्क्वॉट्स और पुलअप्स जैसे एक्सरसाइज आती हैं। इनसे आपका दिल स्वस्थ रहता है, साथ ही शरीर की हड्डियां मजबूत होती हैं और मांसपेशियों का निर्माण होता है। इसे करने के लिए सबसे पहले स्ट्रेचिंग करें, जिससे लचीलापन आता है। इसके बाद वेट लिफ्टिंग एक्सरसाइज करें।

बरतें सावधानी- वेट ट्रेनिंग एक्सरसाइज को प्रोफेशनल की मदद के बिना न करें। इसमें यह ध्यान रखें कि शरीर के किसी हिस्‍से में दर्द है या फिर चोट लगी है, तो इसे न करना ही बेहतर होगा। आप इस एक्सरसाइज को हफ्ते में सिर्फ 2-3 दिन करें, जिससे 1-2 दिन आपकी मांसपेशियों को आराम मिल सके। आप अपने शरीर के वजन के हिसाब से ही वेट उठाएं, जिससे कोई और समस्या न हो।

3. जंपिंग जैक्स

यह एक्सरसाइज दिल के लिए बेहद अच्छी मानी जाती है। इसे सबसे साधारण एक्सरसाइज माना जाता है। इसके लिए किसी मशीन की जरूरत नहीं है और न ही जिम में जाने की। आप इसे कहीं भी कर सकते हैं। इसे करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं, फिर ऊपर उछलें। इसके बाद हाथों को ऊपर उठाएं, फिर पैरों को फैलाएं। नीचे आने के बाद नॉर्मल पोजिशन में आ जाएं। जंपिंग जैक एक एरोबिक कार्डियो एक्सरसाइज़ है, जिससे आपका दिल तेजी से काम करने लगता है और आपका वजन भी तेजी से घटता है।

4. हर्डल जंप

हर्डल जंप के नाम से ही पता चल रहा है कि इसमें आपको किसी हर्डल को पास करते हुए जंप करना है। इसे करते वक्त आप किसी डंबल, बॉक्स या स्टेपर का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसे कूदकर पार करना होगा। हर्डल जंप से आपकी हार्टबीट बढ़ेगी और काफी कैलोरी बर्न होगी। इस तरह की एक्सरसाइज स्वस्थ रहने के लिए करनी चाहिए।

5. वॉक

दिल को स्वस्थ रखने के लिए वॉक पर जाएं। इसमें तेज गति से चलें, जिससे आपका दिल मजबूत होता है। पैदल चलने से पैरों के जोड़ों पर ज्‍यादा असर नहीं पड़ता और ब्‍लड सर्कुलेशन भी बना रहता है, जिससे आपका दिल स्वस्थ रहता है।

बरतें सावधानी- जब आपका शरीर थक जाए, तब एकदम से न रुकें, धीरे-धीरे रुकें और कोशिश करें कि ज्‍यादा थकान न हो, क्योंकि अगर आप तब भी चलते रहेंगे, तो ब्लड प्रेशर की समस्या होने लगेगी। पैरों के पंजों को सीधे रखें और रास्तों में लगने वाली ठोकरों से सावधान रहें। अगर पैरों में किसी कारण चोट लग गई है या किसी तरह के दर्द की समस्या है तो वॉक न करें, अन्यथा समस्या और बढ़ सकती है। डॉक्टर की सलाह से ही दोबारा वॉक की शुरुआत करें।

6. स्विमिंग करें

अगर आप तैरना जानते हैं तो स्विमिंग करें। यह दिल के लिए बहुत अच्छी एक्‍सरसाइज है। इसमें भी कुछ खास एक्सरसाइजेज हैं, जैसे- वॉटर एरोबिक या स्विमिंग लैप्स, जिससे पूरे शरीर का अच्‍छा वर्कआउट हो जाता है और आपका दिल भी स्वस्थ रहता है।

बरतें सावधानी- अगर आपको कहीं भी दर्द है या फिर चोट लगी है तो जब तक पूरी तरह स्वस्थ न हों, स्विमिंग पर न जाएं।

7. साइकिलिंग करें

रोजाना साइकिलिंग करें। इसमें पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और ब्‍लड सर्कुलेशन बेहतर ढंग से होता है। साइकिलिंग के लिए जिम में भी उपकरण होते हैं, जिनसे आप खुद को फिट रख सकते हैं।

बरतें सावधानी-
जल्दी-जल्दी साइकिलिंग न करें, इससे मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है और पैरों की नसों पर जोर पड़ता है।

घर में रेगुलर एक्‍सरसाइज करें

अगर जिम नहीं जा पा रहे, तो घर पर एक्‍सरसाइज कर सकते हैं। इसके लिए आप किसी अच्छे प्रोफेशनल से मदद लें। रोजाना हल्‍की एक्‍सरसाइज करने से शरीर टोंड रहेगा। इससे कार्डियो-वस्कुलर सिस्टम मजबूत होता है और ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है।

एक्‍सरसाइज के दौरान इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

  • सीने में दर्द या प्रेशर
  • असामान्य सांस फूलना
  • चक्कर या बेहोशी
  • अचानक कमजोरी
  • धड़कन में असामान्य बदलाव

एक्‍सरसाइज करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

  • हैवी एक्सरसाइज न करें। लाइट एक्सरसाइज या फिर योग करें।
  • चेस्‍ट में दर्द है, बेचैनी है, सांस लेने में समस्या है या फिर सांस तेज चल रही है या शरीर में उलझन और पसीना आ रहा है तो ये हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं। इन्हें पहचानें और तुरंत नजदीकी हॉस्पिटल जाएं।
  • अगर आपकी बाईपास सर्जरी हो चुकी है, तो एक्सरसाइज ज्‍यादा करने की कोशिश न करें। ऐसे में आप योग और हल्‍की एक्सरसाइज के माध्यम से शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं।
  • सुबह उठकर पार्क में जाएं। वहां लाइट एक्सरसाइज करें। कुछ एक्‍सरसाइज के लिए ट्रेनिंग लें। तनाव कम करने का प्रयास करें। डॉक्टर के अनुसार आप दिल से जुड़ी समस्या को कंट्रोल कर सकते हैं।

हार्ट प्रॉब्लम के इन लक्षणों का न करें नजरअंदाज

दिल्ली के धर्मशिला नारायणा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर एंड सीनियर कंसल्टेंट डॉ.आनंद कुमार पांडे बताते हैं कि हार्ट प्रॉब्लम के कई प्रकार के लक्षण हैं, अगर इनमें से कोई भी लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए

  • सीने में दर्द, पीठ में दर्द, गले या जबड़े में दर्द और दोनों कंधों में दर्द है तो इसे नजरअंदाज न करें।
  • शरीर में उलझन महसूस हो, पसीना आए या सांस फूल रही है, कुछ कदम चलने में ज्‍यादा दिक्कत आए और घबराहट हो, तब भी डॉक्टर के पास जाएं।
  • पाचन क्रिया में परेशानी हो रही हो, गैस बनें, जी घबराए, थकान या फिर चक्कर आए तब भी लापरवाही न करें और तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या करें या न करें?

दिल की समस्या आम दिनचर्या में लापरवाही और अनहेल्दी डाइट या आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी कुछ गलत आदतों की वजह से होती है, इसलिए अगर हम कुछ बातों पर ध्यान रखें तो इससे बचाव संभव है :

  • स्‍मोकिंग से दूरी बनाएं। अल्कोहल का सेवन न करें। मानसिक तनाव को कम करने की कोशिश करें।
  • रेगुलर एक्‍सरसाइज करें। योग में प्राणायाम और अनुलोम-विलोम करना न भूलें।
  • हेल्दी डाइट को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। अपनी डाइट में ज्‍यादा से ज्‍यादा सैलेड और फलों की मात्रा बढ़ाएं।
  • ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को हल्‍के में न लें। इसके लिए समय-समय पर चेकअप करवा करके जरूरी दवाएं लें। समय-समय ब्लड टेस्ट कराएं। हर 6 महीने में रूटीन चेकअप्स करवाएं।

डिस्क्लेमर : कार्डियो, जंपिंग जैप, वेट ट्रेनिंग और स्ट्रेचिंग जैसी एक्सरसाइज किसी प्रोफेशनल की मदद से करें। सांस फूलने लगे तो थोड़ी देर रुकें। जरूरत से ज्‍यादा और हैवी एक्सरसाइज करना आपके लिए सही नहीं।

लेखक : गीतांजलि