World Brain Day: आज की बिजी लाइफस्टाइल में जिम के लिए समय निकालना काफी कठिन हो जाता है, लेकिन अपने दिमाग की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए आपको घंटों पसीना बहाने की जरूरत नहीं है। एक साधारण सी टेनिस बॉल के जरिए घर पर ही कुछ मिनटों का वर्कआउट आपके न्यूरॉन्स को फिर से एक्टिव कर सकता है। यह छोटी सी बॉल आपके स्ट्रेस को कम करने और ब्रेन की स्पीड को बढ़ाने में बेहद मददगार साबित होती है। ऐसे में इसके बारे में सबकुछ जानना तो बनता है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से बताएंगे कि बॉल एक्सरसाइज क्या है और ये कैसे फायदा पहुंचाता है? इसके लिए हमने आरोग्य योगशाला के योगाचार्य अभिषेक भारती से भी बात की है। जानते हैं आगे...

क्या है बॉल एक्सरसाइज?

बॉल एक्सरसाइज एक बहुत ही आसान और असरदार ट्रेनिंग तकनीक है, जिसमें एक छोटी टेनिस बॉल का इस्तेमाल किया जाता है। यह मुख्य रूप से आपके आंखों और हाथों के तालमेल को सुधारने पर काम करती है। 

जब हमारी आंखें बॉल की स्पीड को ट्रैक करती हैं और हाथ उसे पकड़ते हैं, तो दिमाग के ग्रे सेल्स तेजी से काम करने लगते हैं। यह न्यूरोप्लास्टिसिटी को बढ़ावा देती है, जिससे फोकस और फैसले लेने की स्पीड बेहतर होती है। आइए ब्रेन को एक्टि‍व रखने वाली 2 आसान एक्‍सरसाइज के बारे में जानते हैं। 

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1. सिंगल हैंड ड्रॉप-कैच (Single Hand Drop-Catch)

इसे करने के लिए बॉल को सीधे खड़े होकर अपने कंधे की ऊंचाई पर रखें और बिना उछाल दिए छोड़ दें। बॉल के जमीन पर टप्पा खाने से ठीक पहले, उसी हाथ से उसे तेजी से पकड़ने की कोशिश करें।

फायदे

  • यह वर्कआउट आपकी आंखों के रिफ्लेक्सिस और ब्रेन रिस्पॉन्स टाइम को बेहद तेज बनाता है।
  • जब दिमाग और हाथ का तालमेल पलक झपकते ही बनता है, तो एकाग्रता क्षमता में गजब का सुधार आता है।

2. अल्टरनेट हैंड टॉस (Alternate Hand Toss) 

इस एक्सरसाइज में बॉल को हवा में थोड़ा ऊपर उछालें और बारी-बारी से दाएं और बाएं हाथ से कैच करें। इसमें एक हाथ से फेंककर दूसरे हाथ से संतुलित तरीके से पकड़ना होता है।

फायदे

  • यह गतिविधि दिमाग के दोनों हिस्सों, लेफ्ट और राइट हेमीस्फीयर को एक साथ एक्टिव करती है।
  • इससे आंखों और हाथों का तालमेल (Eye-Hand Coordination) मजबूत होता है, जिससे मानसिक थकावट दूर होती है और ब्रेन हमेशा यंग व एक्टिव बना रहता है।

कुछ जरूरी बातें

  • घर के किसी ऐसे कमरे या बालकनी को चुनें जहां आसपास कोई शीशे या टूटने वाली चीज न हो।
  • बॉल को उछालने या फेंकने के दौरान स्पीड ज्यादा तेज न रखें, जिससे रिफ्लेक्सिस धीरे-धीरे समझ आए।
  • रोज केवल 5 से 10 मिनट का समय निकालें। इसे आप काम के बीच में ब्रेक लेते समय भी कर सकते हैं।
  • एक्सरसाइज करते समय अपना पूरा ध्यान बॉल की दिशा और हाथों के मूवमेंट पर रखें।

 नोट - जिन लोगों को आंखों से संबंधित परेशानियां हैंं, वे इन एक्सरसाइज को डॉक्टर की सलाह पर करें। इससे अलग चक्कर या ब्रेन से जुड़ी बीमारी होने पर भी इसे अपनी लाइफस्टाइल में एक्सपर्ट की सलाह के बाद जोड़ें। 

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Images: magnific