Business Idea: आपका सपना बिजनेस वूमन बनना है तो ये खबर आपके मतलब की है। आप कम बजट और कम समय में मशरूम खेती का सेटअप लगाकर बेहतर कमाई कर सकती हैं। आज हम आपको यही बताने की कोशिश करेंगे कि कैसे आप इस काम की शुरुआत कर अपना भविष्य बेहतर कर सकती हैं। बीते काफी समय से मशरूम की डिमांड देश और विदेश में तेजी के साथ बढ़ी है। आने वाले समय में ग्लोबल मशरूम इंडस्ट्री के 3.78 लाख करोड़ तक पहुंचने की संभावना है।
Business Idea: इस राज्य की महिलाओं को हुआ फायदा
icar.org.in की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में कुदरती तौर पर उगने वाले मशरूम स्थानीय लोग चाव के साथ खाते हैं। हालांकि, कुदरती तौर पर उगने वाले मशरूम कम समय के लिए मिलते हैं, इसलिए राज्य में उनकी कमर्शियल खेती की संभावना बहुत अधिक है। इसे ध्यान में रखते हुए, ICAR-RCER के पहाड़ी और पठारी क्षेत्र के लिए कृषि प्रणाली अनुसंधान केंद्र, रांची (FSRCHPR) ने झारखंड के रांची से 18 से 23 किलोमीटर दूर 3 गांवों - सरवाल, हाहाप और कोइरीबेरा में DBT बायोटेक किसान हब परियोजना के तहत ऑयस्टर मशरूम की खेती पर काम किया है।
इससे स्थानीय महिलाओं को काफी मदद मिली है। इतना ही नहीं फ्रेश मशरूम में वैल्यू-एडिशन भी शुरू कर दिया है। जैसे सूखे मशरूम, मशरूम पाउडर और अचार जैसे अलग-अलग प्रोसेस्ड प्रोडक्ट भी तैयार किए जा रहे हैं। प्रोसेस्ड प्रोडक्ट का एक बड़ा हिस्सा लोकल मार्केट में बेचा जाता है, जबकि डिहाइड्रेटेड प्रोडक्ट का एक हिस्सा महिलाएं परिवार के लिए इस्तेमाल कर रहीं हैं।
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Business Idea: अंधेरे में उगाई जाती है मशरूम
जानकारी के अनुसार, मशरूम की खेती अंधेरे में की जाती है। इसके लिए ट्रे या पॉलीथीन बैग को एक अंधेरे कमरे में रख देते हैं। करीब 15 दिन के अंदर इसमें सफेद धब्बे यानी स्पॉन निकलने लगते हैं। इसे ऊपर केसिंग सॉइल डाली जाती है। केसिंग सॉइल एक आवरण मिट्टी होती है, जिसमें कोई पोषक तत्व नहीं होना चाहिए। इसके लिए करीब 2 से 3 साल पुरानी गोबर की खाद, कोकोपीट या रेत मिली पुरानी खाद का इस्तेमाल किया जा सकता है। आवरण मिट्टी डालने के 10 से 15 दिन बाद इसके ऊपर से मशरूम निकलते आप देख सकते हैं। जब मशरूम तैयार हो जाती है तो उसके ऊपर बटन जैसी टोपी आप देख सकते हैं।
Business Idea: मशरूम फार्मिंग से पहले इन बातों का रखें ध्यान
मशरूम का इस्तेमाल न सिर्फ खाने के लिए बल्कि दवा के तौर पर भी किया जाता है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि इसकी खेती करने से पहले आपको कुछ बातों की जानकारी हो ताकि आपको दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
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उपयुक्त स्थान का चयन- मशरूम की खेती के लिए आपको बड़े प्लॉट की जरूरत नहीं। आप 20ft x 20ft के कमरे में एक यूनिट इंस्टॉल कर सकते हैं। हर हफ्ते लगभग 50 किलोग्राम से अधिक उगा सकतीं हैं। जैसे-जैसे आपकी कंपनी बढ़ेगी, आप एक छोटी बिल्डिंग रेंट पर ले सकतीं हैं।
रिसर्च और प्रैक्टिस जरूरी- मशरूम फार्मिंग के लिए सही रिसर्च और प्रैक्टिस जरूरी है। आपको मशरूम उगाने की सही विधि और टेक्नोलॉजी के बारे में सीखना होगा। इसके लिए कई ऑनलाइन कोर्स भी आपको मिल जाएंगे।
स्पॉन एकत्रीकरण- सबसे पहले आपको अपने लोकल मार्केट से मशरूम स्पॉन, जिसे अंडे भी कहते हैं, खरीदने होंगे।
कच्चे माल को जुटाना- फंगस को उगाने के लिए, किनारों पर छेद वाली डिस्पोजेबल प्लास्टिक बैग या बाल्टियों की आपको जरूरत होगी। इन सबके अलावा सब्सट्रेट, पुआल या लकड़ी के चिप्स भी खरीदने होंगे।
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