हर किसी का सपना होता है अपना घर बनाना। ऐसे में होम लोन लेना एक आम बात है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 20 साल के लोन में शुरुआती 6-7 साल आपकी किस्त का बड़ा हिस्सा केवल ब्याज भरने में ही चला जाता है? जी हां, अगर आप बैंक के इस गणित को समझ लें और रीपेमेंट की सही योजना को अपनाएं, तो बिना अपनी जेब पर भारी दबाव डाले लाखों रुपये का ब्याज बचा सकते हैं और सालों पहले कर्जमुक्त हो सकते हैं। ऐसे में इसके बारे में पता होना जरूरी है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि एक एक्स्ट्रा ईएमआई की रणनीति क्या है? ये लेख चाटर्ड अकाउंटेंट हिमांशु गोयल द्वारा दिए गए इनपुट्स द्वारा बनाया गया है। पढ़ते हैं आगे...
1. 1 एक्स्ट्रा EMI और बैंक का गणित
नीचे दी गई टेबल से समझें कि ₹1 करोड़ के 20 साल वाले होम लोन पर अलग-अलग तरीकों से आपकी कितनी बड़ी बचत हो सकती है-
| रणनीति | लोन के तय समय में कमी | ब्याज में कुल बचत |
| हर साल 1 एक्स्ट्रा EMI देना | ~3 साल 3 महीने कम | ~₹20 लाख की बचत |
| तीसरे साल में ₹5 लाख का प्रीपेमेंट | ~1 साल 10 महीने कम | ~₹14 लाख की बचत |
| दसवें साल में ₹5 लाख का प्रीपेमेंट | बहुत कम समय | केवल ~₹85,000 की बचत |
| हर साल EMI में 5-10% बढ़ोतरी | लोन 10 साल से कम में खत्म | ~₹52 लाख की बचत |
ध्यान दें- लोन की शुरुआत में किया गया छोटा सा प्रीपेमेंट भी लोन के आखिरी सालों में किए गए बड़े प्रीपेमेंट से कहीं ज्यादा फायदेमंद होता है।
2. होम लोन में बचत के 3 तरीके
नीचे दिए गए तीन स्मार्ट तरीकों से आप अपने होम लोन का बोझ काफी हद तक कम कर सकते हैं-
- हर साल 1 एक्स्ट्रा EMI भरें: साल में 12 किस्तों के बजाय केवल 1 ज्यादा किस्त का भुगतान करें।
- शुरुआती सालों में प्रीपेमेंट करें: लोन की शुरुआत यानी शुरू के 5 सालों में जब भी बोनस या एक्स्ट्रा इनकम हो, तो उसका इस्तेमाल लोन चुकाने में करें।
- हर साल EMI में स्टेप-अप करें: जैसे-जैसे हर साल आपकी सैलरी या इनकम बढ़े, अपनी EMI की राशि भी 5% से 10% तक बढ़ा दें।
यह भी पढ़ें- कमाना ही नहीं, पैसों को संभालना भी है जरूरी; युवा महिलाओं के लिए फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस के मायने
3. आज ही यह रणनीति अपनाना क्यों जरूरी है?
- टैक्स छूट का कम फायदा: नई टैक्स व्यवस्था में होम लोन पर पहले जैसी टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलता, इसलिए लोन को लंबा खींचने में कोई समझदारी नहीं है।
- बैंक मार्जिन से बचाव: लोन की अवधि जितनी लंबी होगी, बैंक आपसे उतना ही अधिक ब्याज वसूलेंगे।
- फाइनेंशियल फ्रीडम: लोन जल्दी खत्म होने से आप अपनी रिटायरमेंट या अन्य फाइनेंशियल गोल्स पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
होम लोन का ब्याज कम करना केवल ज्यादा पैसे कमाने का खेल नहीं है, बल्कि सही प्लानिंग है। हर साल 1 एक्स्ट्रा EMI देना या शुरुआती सालों में प्रीपेमेंट करना आपके फ्यूचर को पूरी तरह सुरक्षित और तनावमुक्त बना सकता है।
यह भी पढ़ें- 20 हजार की सैलरी में भी बचा सकती हैं हर महीने 5 हजार रुपये, अपनाएं ये स्मार्ट तरीके
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Images: magnific
