भारतीय पारंपरिक परिधानों में सबसे पहला नाम साड़ी का आता है। आज भी हर महिला की अलमारी में तरह-तरह की साड़ियां देखने को मिल जाएंगी। ऐसे में बात करें मणिपुरी साड़ी की, तो यह साड़ी आज से ही नहीं, बल्कि 500 साल पहले राजा-रानियों के समय से काफी पॉपुलर है। पुराने समय में इस साड़ी को रानियां भी पहना करती थीं।

मणिपुर की साड़ी को कारीगर मशीन का इस्तेमाल करके नहीं, बल्कि हाथ की बुनाई से बनाते थे। इसे बनाने में कुल 15 से 20 दिनों का समय लगता था। मणिपुर की साड़ियों को आज भी महिलाएं खास मौकों पर पहनती हैं। इन साड़ियों को पहनकर वे अपनी खूबसूरती में चार चांद लगाती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं मणिपुरी साड़ी का इतिहास और इसकी खासियत।

मणिपुरी साड़ी का इतिहास

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) की रिपोर्ट के मुताबिक मणिपुरी साड़ी का इतिहास बहुत पुराना है। मणिपुर में बुनाई केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि यह राजघरानों की परंपरा और महिलाओं के सामाजिक सम्मान का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। मणिपुरी साड़ी और कपड़ों में दिखने वाले प्रसिद्ध 'टेम्पल डिज़ाइन' को 'मोइरांग फी' (Moirang Phee) कहा जाता है। इस डिज़ाइन का आविष्कार मोइरांग साम्राज्य की राजकुमारी थोइबी ने किया था।  

प्रिंट करने का तरीका

मणिपुरी साड़ियों को प्रिंट या डाई करने के लिए पहले के समय में पेड़ों की छालों, पत्तियों और प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता था। इन सभी चीजों से कपड़े पर कलर किया जाता था। यही कारण है कि ये साड़ियां सालों-साल अपनी चमक नहीं खोती हैं। मणिपुरी साड़ी सिर्फ रानियों तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि आज भी यह अपने लाइटवेट फैब्रिक, टेम्पल बॉर्डर और खूबसूरती के लिए महिलाओं के बीच काफी चलन में है।

मणिपुरी साड़ियों की खासियत

  • मणिपुरी साड़ियों का फैब्रिक और बुनाई की तकनीक बाकी साड़ियों से काफी अलग है।
  • ये साड़ियां मलबरी सिल्क, एरी सिल्क और कॉटन-सिल्क ब्लेंड से तैयार की जाती हैं।
  • यह सिल्क हल्का और सॉफ्ट होने के कारण बेहद आरामदायक फील देता है।
  • इन साड़ियों पर बनी टेम्पल बॉर्डर साड़ी के लुक को और खास बना देती है।



  • इन साड़ियों को आप सिर्फ त्योहारों पर ही नहीं, बल्कि किसी भी शादी या फैमिली फंक्शन में पहनकर खूबसूरत दिख सकती हैं।
  • मिनिमल और सोबर लुक पाने के लिए इस तरह की साड़ी बेस्ट हो सकती है।  

आप भी अपने साड़ी लुक खास बनाने का सोच रही हैं, तो मणिपुरी साड़ियों को शामिल कर सकती हैं।  

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।

Image Credit :  magnific/amazon