शादी हो या त्योहार, साड़ी महिलाओं के सबसे पसंदीदा आउटफिट में से एक है। खासकर सिल्क की साड़ी पहनने का अपना अलग ही अंदाज होता है। जब बात खूबसूरत और शाही लुक की आती है तो कांजीवरम और मैसूर सिल्क के बीच चुनाव करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। दोनों ही साड़ियां अपनी खूबसूरती और खास बनावट के लिए जानी जाती हैं। हालांकि, एक साड़ी जहां भारी और पारंपरिक लुक देती है, वहीं दूसरी साड़ी हल्की और आरामदायक होती है। ऐसे में जानिए फेस्टिव सीजन के लिए आपके लिए कौन सी साड़ी बेहतर रहेगी?

कौन सी साड़ी रहेगी बेस्ट?

फेस्टिव सीजन में हर महिला चाहती है कि उसका लुक सबसे अलग और खूबसूरत नजर आए। इसके लिए कपड़ों से लेकर ज्वेलरी तक का चुनाव काफी सोच-समझकर किया जाता है। अगर आप भी इस बार इस दिवाली सिल्क की साड़ी पहनने की सोच रही हैं तो कांजीवरम और मैसूर सिल्क अच्छे ऑप्शन हो सकते हैं। क्या आप जानती हैं कि इन दोनों साड़ियों में सिर्फ डिजाइन का ही नहीं, बल्कि वजन, बुनाई और पहनने के आराम का भी अंतर होता है? आइए जानते हैं दोनों में से कौन सी साड़ी किस मौके के लिए सही है।

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कांजीवरम और मैसूर सिल्क साड़ी में क्या है अंतर?

कांजीवरम और मैसूर सिल्क दोनों दक्षिण भारत की मशहूर पारंपरिक साड़ियां हैं। कांजीवरम तमिलनाडु के कांचीपुरम में तैयार की जाती है, जबकि मैसूर सिल्क का संबंध कर्नाटक से है। दोनों साड़ियों में शहतूत के रेशम का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इनकी बुनाई और लुक एक-दूसरे से काफी अलग होते हैं।

कांजीवरम सिल्क साड़ी की खासियत

कांजीवरम साड़ी को सिल्क की रानियों में गिना जाता है। इसकी पहचान चौड़े बॉर्डर, भारी जरी के काम और खूबसूरत डिजाइन से होती है। इसमें मोर, फूल, मंदिर और पारंपरिक आकृतियां बनाई जाती हैं। इसकी बुनाई में कोरवाई तकनीक का इस्तेमाल होता है। इसमें साड़ी के बॉर्डर और मुख्य हिस्से को अलग-अलग बुनकर आपस में जोड़ा जाता है। यही वजह है कि इसका बॉर्डर काफी मजबूत और आकर्षक होता है।

फायदे

  •  कम ज्वेलरी के साथ भी शाही लुक मिलता है।
  •  वेस्टिव के लिए शानदार विकल्प है।
  •  सही देखभाल करने पर इसे कई सालों तक इस्तेमाल किया जा सकता है।

कमियां: यह साड़ी वजन में भारी होती है। गर्मी या उमस में इसे लंबे समय तक पहनना मुश्किल हो सकता है। इसकी प्लेट्स बनान भी मुश्किल होता है।

कीमत: इसकी शुरुआती कीमत करीब 8,000 रुपये हो सकती है, जबकि महंगी साड़ियां एक लाख रुपये से ज्यादा की भी मिलती हैं।

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मैसूर सिल्क साड़ी क्यों है खास?

मैसूर सिल्क अपनी मुलायम बनावट, हल्के वजन और चमक के लिए जानी जाती है। इसे कर्नाटक की पारंपरिक रेशम बुनाई का खास उदाहरण माना जाता है। इसमें शुद्ध शहतूत रेशम और जरी का इस्तेमाल किया जाता है। इसका कपड़ा शरीर पर आसानी से गिरता है और पहनने में काफी आरामदायक होता है। इसमें आमतौर पर हल्के बॉर्डर, सादे रंग और कम डिजाइन देखने को मिलते हैं।

फायदे

  •  हल्की होने के कारण इसे लंबे समय तक पहन सकते हैं।
  •  कम डिजाइन के बावजूद यह क्लासी लुक देती है।
  •  त्योहारों में आसानी से पहनी जा सकती है।

कमियां: बहुत भव्य शादी या रिसेप्शन में इसका सादा लुक कुछ लोगों को कम आकर्षक लग सकता है। साथ ही, इसका मुलायम कपड़ा नुकीली ज्वेलरी और सेफ्टी पिन से जल्दी उलझ सकता है।

कीमत: मैसूर सिल्क साड़ी की कीमत करीब 5,000 रुपये से शुरू होकर 50,000 रुपये या उससे ज्यादा हो सकती है।

त्योहार के लिए कौन सी साड़ी चुनें?

अगर आप दिवाली पर पारंपरिक लुक चाहती हैं तो कांजीवरम साड़ी चुन सकती हैं। वहीं, अगर आपको लंबे समय तक समारोह में रहना है और आराम के साथ खूबसूरत दिखना चाहती हैं तो मैसूर सिल्क बेहतर विकल्प है। मेहमान के तौर पर शामिल होने वाली महिलाओं के लिए मैसूर सिल्क ज्यादा सुविधाजनक हो सकती है।

साड़ी खरीदते समय उसकी असलियत जरूर जांचें। मैसूर सिल्क की असली साड़ियों पर KSIC का प्रमाणित निशान और पहचान कोड देखें। वहीं, कांजीवरम खरीदते समय सिल्क मार्क और जीआई टैग से जुड़ी जानकारी जांचना बेहतर है।

दोनों साड़ियों की अपनी अलग खूबसूरती है। कांजीवरम आपको पारंपरिक और रॉयल लुक देती है, जबकि मैसूर सिल्क सादगी और आराम का बेहतरीन मेल है। इसलिए, साड़ी का चुनाव अपने बजट और समारोह की सुविधा को ध्यान में रखकर करें। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।