खाना हम सभी खाते हैं, लेकिन सलीके से खाना खाने को सराहा जाता है। आज बदलते समय के साथ टेबल मैनर्स और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं। भोजन करने का तरीका आपकी आदत के साथ दूसरे के प्रति आपके व्यवहार और सम्मान को भी दर्शाता है। आइए पर्सनैलिटी कोच आंचल शाह जौरा से जानें, भोजन करने के शिष्टाचार क्या हैं?
घर पर खाना खाते वक्त भले ही हम शिष्टाचार का ध्यान नहीं रखते, लेकिन किसी के घर अतिथि बनकर जाने पर या फिर रेस्टोरेंट में खाना खाते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इसे ही टेबल मैनर्स या टेबल शिष्टाचार कहते हैं। ये शिष्टाचार आपके सभ्य होने का परिचय भी देते हैं। जैसे जोर-जोर से आवाज करके खाना, मोबाइल फोन को टेबल पर रखना आदि गुड मैनर्स के विरुद्ध माने जाते हैं।

1. बड़ी बाइट न लें

भोजन करते वक्त छोटी बाइट लेनी चाहिए। बड़ी बाइट लेने से मुंह बड़ा लगता है और सामने बैठे व्यक्ति को अजीब भी लग सकता है। इसके साथ ही मुंह खोलकर खाना सभ्य नहीं दिखता, इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि छोटे-छोटे कोर लिए जाएं और थोड़ा सा मुंह खोलकर खाएं।

2. मोबाइल बंद करके खाएं

डिनर के दौरान आपका ध्यान पूरी तरह से साथ में बैठे लोगों पर ही होना चाहिए। कई लोग बीच-बीच में मोबाइल देखते हैं या फिर मोबाइल को टेबल पर रखकर खाना खाते हैं। ऐसा करना सामने बैठे व्यक्ति को उखड़ा हुआ लग सकता है, वे सोच सकते हैं कि आप मोबाइल पर ही व्यस्त हैं। इसलिए बहुत जरूरी ना हो तो मोबाइल थोड़ी देर बंद कर दें।

3. सर्व करने का इंतजार करें

कई बार कुछ लोग टेबल पर खाना आते ही खाना शुरू कर देते हैं, लेकिन संस्कृति के हिसाब से पहले दूसरों को आफर करना चाहिए। उसके बाद खुद खाना शुरू करना चाहिए। पहले सामने बैठे लोगों को सर्व करें और फिर खुद खाना शुरू करें। दरअसल, साथ बैठे लोगों का इंतजार करना शिष्टाचार में शामिल है।

4. कटलरी से न खेलें

कटलरी यानि चम्मच, कांटा और छुरी की बात की जाती है। कई लोग इनके साथ खाना कम खाते हैं, खेलते ज्यादा हैं। मतलब खाना खाने के दौरान या फिर बाद में इन्हें प्लेट पर रख देना चाहिए नाकि इनके साथ खेलना चाहिए। कई लोग इनको हाथों में लेकर नचाते हैं, यह सभ्यता की निशानी नहीं है।

5. टेबल पर कोहनी न रखें

कई लोग हाथों की कोहनियों को टेबल पर रखकर खाना खाते हैं, यह बैड मैनर्स में शामिल है। खाते वक्त कोहनी को हमेशा नीचे रखकर खाना चाहिए।

6. फार्क एंड नाइफ का यूज

कुछ लोगों को फार्क एंड नाइफ किस हाथ में पकड़ने हैं इसे लेकर कंफ्यूजन रहती है। एक्सपर्ट बताते हैं कि आपके लेफ्ट हैंड में फार्क और राइट हैंड में नाइफ होनी चाहिए।

पर्सनैलिटी कोच आंचल शाह जौरा बताती हैं कि शिष्टाचार बचपन में परवरिश के दौरान सिखाए जाते हैं, लेकिन कई बार समय आने पर लोग भूल जाते हैं या फिर उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। दरअसल, ये चीजें बहुत बारीक होती हैं लेकिन इनका महत्व कम नहीं है। शिष्टाचार से जुड़ी छोटी -छोटी आदतें व्यक्ति के व्यक्तित्व को दर्शाने में मदद करती हैं। उनकी आदतों से यह समझना आसान होता है कि वे कैसे परिवार से आए हैं या फिर उन्हें कैसी परवरिश मिली है। आज के समय के हिसाब से इन चीजों पर गौर करना जरूरी है।

नोट- यह लेख सुमन अग्रवाल द्वारा लिखा गया है।

 

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