अक्टूबर और नवंबर का महीना बहुत खास होता है। इन महीनों में लोग, खासकर ट्रैवल लवर्स, अलग-अलग जगहों को एक्सप्लोर करना पसंद करते हैं। ऐसे में बात करें पश्चिम बंगाल में स्थित खूबसूरत 'सुंदरवन' की, तो इसे दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन कहा जाता है। रॉयल बंगाल टाइगर्स का नेचुरल हब होने के कारण यह जगह केवल देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में बहुत फेमस है। जीव-जंतुओं, पक्षियों और जानवरों से प्यार करने वालों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। ऐसे में अगर आप भी इस रहस्यमयी और रोमांचक जंगल का आनंद लेना चाहते हैं, तो अक्टूबर से मार्च तक का समय सबसे बेस्ट हो सकता है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी कुछ खास बातें।
सुंदरवन जाने का सबसे बेस्ट समय
1. पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, अक्टूबर से लेकर मार्च तक का समय सुंदरवन की सफारी के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है। इस दौरान यहां का मौसम बहुत सुहावना और अनुकूल होता है, साथ ही कुदरत की खूबसूरती का एक अलग ही नजारा देखने को मिलता है।
2. गर्मियों के महीनों में यहां भारी उमस और चिलचिलाती धूप रहती है, वहीं बरसात के मौसम में सफारी करना काफी मुश्किल हो जाता है। इसलिए अक्टूबर से मार्च के दौरान तापमान मध्यम रहता है, जिसकी वजह से बोट सफारी का सफर बेहद आरामदायक और आनंददायक होता है।
3. सर्दियों की हल्की धूप सेंकने के लिए बंगाल टाइगर और बाकी जानवर अक्सर नदियों के किनारे टहलने आ जाते हैं। ऐसे में इस दौरान जानवरों को देखना बहुत आसान हो जाता है यही नहीं सर्दियों के मौसम में साइबेरिया और बाकी ठंडे देशों से हजारों की संख्या में विदेशी पक्षी यहां आते हैं, जिससे सुंदरवन का नजारा बेहद हसीन और जीवंत लगता है।
सुंदरवन बोट सफारी का अनोखा रोमांच
सुंदरवन में सड़क मार्ग से जंगल सफारी नहीं की जा सकती है। इसलिए यहां बोट या क्रूज सफारी की मदद ली जाती है। लकड़ी और आधुनिक सुविधाओं से लैस ये नावें संकरी नदियों, खाड़ियों और घने मैंग्रोव जंगलों के बीच से होकर गुजरती हैं, जो एक बेहद रोमांचक अनुभव होता है। बोट सफारी के दौरान आपको पानी में तैरती हुई गंगा डॉल्फिन, मगरमच्छ और कई तरह के जलीय जीव आसानी से देखने को मिल जाएंगे।
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सुंदरवन बोट सफारी के जरूरी नियम
वन विभाग और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सुंदरवन में कुछ कड़े नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन करना सभी पर्यटकों के लिए जरूरी होता है -
- सुंदरवन एक संवेदनशील इकोसिस्टम है, इसलिए जंगलों और नदियों के अंदर प्लास्टिक की थैलियां, बोतलें या अन्य कचरा फेंकना सख्त मना है।
- रात के समय नदियों में नाव चलाने या बोट सफारी करने की अनुमति नहीं दी जाती है।
- हर बोट पर वन विभाग द्वारा अधिकृत एक स्थानीय गाइड और सुरक्षाकर्मी का होना अनिवार्य है। यह सुरक्षाकर्मी नियमों का पालन करवाता है और जंगल व जानवरों के बारे में जानकारी देता है।
- जंगल की शांति बनाए रखने और जानवरों को परेशान न करने के लिए तेज आवाज में संगीत बजाना या शोर मचाना मना है।
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निष्कर्ष:अक्टूबर से मार्च का समय प्रकृति और वाइल्डलाइफ लवर्स के लिए सुंदरवन घूमने का सबसे बेहतरीन समय हो सकता है। इस दौरान अगर आप सुंदरवन जाने का प्लान बनाते हैं, तो यह आपकी ट्रिप को हमेशा के लिए यादगार बना देगा। यहां की हरी-भरी वादियां, नदियां और अलग-अलग प्रकार के जानवरों को देखने के बाद आपका वहां से वापस लौटने का मन नहीं करेगा। आप भी ऊपर बताई गई इन गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए यहाँ जाकर अपनी ट्रिप एंजॉय कर सकती हैं। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।
(Image credit: magnific)
