घर में दाल रोज बनती है, लेकिन कभी-कभी वही दाल ढाबे पर खाने को मिल जाए, तो उसका स्वाद कुछ अलग ही लगता है। दाल में पड़ने वाला देसी घी, भुने मसालों की खुशबू और ऊपर से लगा तड़का खाने का मजा बढ़ा देता है। अक्सर लोग सोचते हैं कि ढाबे जैसी दाल बनाने के लिए किसी खास मसाले की जरूरत होती है। जबकि स्वाद का राज दाल पकाने के तरीके और तड़का लगाने के सही समय में छिपा होता है।
अगर आपकी ढाबा स्टाइल पीली दाल भी हर बार फीकी या बेस्वाद बनती है, तो तड़के से जुड़ी इन गलतियों को सुधारकर उसका स्वाद बेहतर बना सकती हैं।
ढाबा स्टाइल दाल बनाते समय न करें ये गलतियां
अगर आप घर पर ढाबा स्टाइल दाल बनाना चाहती हैं, लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी उसका स्वाद ढाबा जैसा नहीं आ रहा है, तो कहीं आप भी नीचे लेख में बताई गई गलतियां तो नहीं कर रही हैं।
1. दाल में पानी का सही माप होना जरूरी
दाल का स्वाद अच्छा बनाने के लिए उसका सही तरीके से पकना जरूरी है। अगर दाल बहुत गाढ़ी हो जाए, तो मसालों का स्वाद ठीक से नहीं घुलता। वहीं, ज्यादा पानी डालने से दाल पतली और फीकी लग सकती है। अरहर या मूंग की दाल बनाते समय दाल की मात्रा और उसकी किस्म के हिसाब से पानी डालें। दाल को अच्छी तरह गलने तक पकाएं और जरूरत पड़ने पर थोड़ा गर्म पानी मिलाएं। इससे दाल की बनावट अच्छी रहेगी और तड़के का स्वाद भी उसमें बेहतर तरीके से घुलेगा।
2. प्याज और लहसुन भूनते समय गलती
ढाबे जैसी पीली दाल में प्याज और लहसुन का इस्तेमाल स्वाद बढ़ा सकता है। मगर इन्हें भूनते समय जल्दबाजी करने से दाल का स्वाद बिगड़ सकता है। सबसे पहले कड़ाही में घी या तेल गर्म करें। फिर बारीक कटा लहसुन डालें और हल्का सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद प्याज डालकर उसे अच्छी तरह पकाएं। ध्यान रखें कि लहसुन काला न पड़े, क्योंकि जलने पर उसका स्वाद कड़वा हो जाता है।
मसाले डालने की जल्दबाजी करना
कई बार तड़का इसलिए अच्छा नहीं बनता, क्योंकि मसाले बहुत तेज आंच पर डाल दिए जाते हैं। जीरा, हींग, हल्दी और लाल मिर्च जैसे मसालों को सही सीक्वेंस में डालना जरूरी है। सबसे पहले गर्म घी में जीरा चटकाएं। फिर हींग डालें और आंच धीमी कर दें। लाल मिर्च पाउडर को बहुत देर तक गर्म न करें, वरना वह जलकर कड़वाहट दे सकता है। मसाले डालने के तुरंत बाद तड़के को दाल में मिला दें, ताकि उनकी खुशबू बनी रहे।
3. घी और मक्खन का इस्तेमाल बैलेंस रखना
ढाबे जैसी दाल में घी की खुशबू स्वाद को खास बनाती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि तड़के में बहुत ज्यादा घी डाल दें जरूरी है। दाल की मात्रा के हिसाब से घी या मक्खन इस्तेमाल करें। अगर आप चाहती हैं कि दाल में ढाबे जैसा स्वाद आए, तो तड़का लगाने के लिए थोड़ा घी इस्तेमाल कर सकती हैं। बाद में बारीक कटा हरा धनिया डालने से खुशबू आती है और फ्रेश दिखती है।
4. तड़का लगाने के बाद दाल को ना पकाने की गलती
तड़का डालते ही दाल परोस देने से ढाबा जैसा स्वाद नहीं आएगा। ऐसे में तड़का मिलाने के बाद दाल को धीमी आंच पर दो से तीन मिनट तक पकने दें। इससे घी, मसालों और दाल का स्वाद आपस में अच्छी तरह मिल जाता है। अगर दाल बहुत गाढ़ी लगे, तो थोड़ा गर्म पानी मिलाकर उसकी स्थिरता ठीक कर सकती हैं।
इन बातों का ध्यान रखने से बढ़ेगा दाल का स्वाद
ढाबे जैसी पीली दाल बनाने के लिए महंगे मसालों से ज्यादा जरूरी है सही तरीके से दाल पकाना और तड़का लगाना। मसालों को जलने से बचाएं, घी का संतुलित इस्तेमाल करें और तड़का डालने के बाद दाल को थोड़ा समय दें। इन छोटे बदलावों से घर की साधारण पीली दाल भी ज्यादा खुशबूदार और स्वादिष्ट बन सकती है।
इन बातों का ध्यान रखकर आप घर पर ढाबा स्टाइल स्वादिष्ट दाल बना सकती हैं। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।
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