शाम की चाय के साथ बिस्किट न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता है। चाय-बिस्किट साथ में खाना लगभग सभी को पसंद होता है और बिस्किट को गर्मागर्म चाय में डुबोकर खाने का तो मजा ही अलग होता है, लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि चाय में डुबोते ही बिस्किट अचानक टूटकर कप में गिर जाता है? कई बार तो बिस्किट मुंह तक पहुंचने से पहले ही चाय में गिरकर हमें टाटा-बाय बाय कर देता है। क्या आपको पता है कि इसके पीछे साइंस का दिलचस्प खेल है। चलिए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

चाय में डुबोने पर बिस्किट नरम क्यों हो जाता है?

चाय में डूबते ही बिस्किट नरम हो जाता है। दरअसल, बिस्किट की बनावट, उसमें मौजूद छोटे छेद और चाय का लिक्विड उसकी मजबूती पर असर डालते हैं और उसे नरम बना देते हैं। बिस्किट बनाने में आमतौर पर आटा या मैदा, चीनी, तेल या घी और पानी का इस्तेमाल होता है। जब बिस्किट को बेक किया जाता है, तो इसका काफी पानी बाहर निकल जाता है और बिस्किट के अंदर छोटे-छोटे छेद हो जाते हैं। अब जब हम इसे चाय में डुबोते हैं, तो गर्म चाय इन छोटे-छोटे छिद्रों में तेजी से अंदर जाने लगती है। इसे कैपिलरी एक्शन कहा जाता है। इस एक्शन के जरिए लिक्विड यानी चाय बेहद छोटे रास्तों या खाली जगहों के जरिए खुद अंदर की ओर खिंचती चली जाती है।

बिस्किट के अंदर जाते ही चाय क्या करती है?

जब चाय बिस्किट के अंदर पहुंचती है, तो बिस्किट के सूखे और कुरकुरे टेक्स्चर को सॉफ्ट कर देती है और इससे बिस्किट को मजबूती देने वाले जो कण होते हैं, उनकी बीच जुड़ाव कमजोर होने लगता है और यही वजह है कि बिस्किट टूट जाता है। गर्म चाय बिस्किट को तेजी से नरम कर सकती है क्योंकि तापमान बढ़ने पर तरल पदार्थ बिस्किट के अंदर फैलने की स्पीड बढ़ जाती है और वह जल्दी टूट जाता है।

 

चाय में बिस्किट कितनी देर डुबोना सही है?

अगर आप चाहते हैं कि बिस्किट चाय में टूटे नहीं, तो उसे बहुत देर तक डुबोकर रखने के बजाय कुछ सेकंड के लिए डुबोकर तुरंत निकालना बेहतर है। इससे बिस्किट थोड़ा नरम भी हो जाएगा और पूरी तरह टूटेगा भी नहीं।

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