उज्जैन हनुमान मंदिर की प्रतिमा इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि बजरंगबली की प्रतिमा को हटाने के लिए प्रशासन बड़े से बड़े इंजीनियर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट भी ले आए, लेकिन खड़े हनुमान मंदिर में स्थित 170 साल पुरानी प्रतिमा अपनी जगह से हिली नहीं। सड़क चौड़ी करने या नया रास्ता बनाने के दौरान अक्सर रास्ते में आने वाली चीजों को हटाया जाता है। हालांकि, प्रशासन ने बुधवार को बताया कि अभी तक प्रतिमा को हटाने का कोई प्रयास नहीं किया गया है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो गई। यही वजह है कि सड़क निर्माण के बीच मंदिर की प्रतिमा को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है। अगर आप भी इस मंदिर और यहां स्थित हनुमान जी की प्रतिमा के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके काम आएगा। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इस मंदिर से जुड़ी खास जानकारी विस्तार से बताएंगे।
उज्जैन में कहां स्थित है यह ऐतिहासिक हनुमान मंदिर?
उज्जैन का ‘खड़े हनुमान मंदिर’ कंठाल चौराहा से छत्री चौक जाने वाले रास्ते पर स्थित है। यहां सती गेट है, जहां पहुंचने के बाद आप मंदिर पहुंच सकती हैं। अगर आप पहली बार जा रही हैं और आपको रास्ता समझ नहीं आ रहा है, तो आप स्थानिय लोगों से "सती गेट के पास खड़े हनुमान मंदिर कहां है?" यह पूथ सकती हैं। पूछने पर कोई भी आपको रास्ता बता देगा। कंठाल चौराहा और छत्री चौक तक पहुंचना आसान रहता है।
170 साल पुरानी हनुमान प्रतिमा से जुड़ी क्या है कहानी?
खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को लेकर अलग-अलग कहानी सुनने को मिलती है। माना जाता है कि इस प्रतिमा का इतिहास लगभग 170 साल पुराना है। वहीं मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि इसका संबंध साल 1857 से है। मंदिर से जुड़े पंडित का कहना है कि पांच पीढ़ियों से एक ही परिवार के लोग इस मंदिर की में सेवा कर रहे हैं।
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हनुमान मंदिर की प्रतिमा हटाने की कोशिश क्यों की गई थी?
2028 का सिंहस्थ कुंभ मेला मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में क्षिप्रा नदी के तट पर होने जा रहा है। ऐसे में लाखों भक्त मेला में दर्शन करने का प्लान बनाएंगे, इसलिए सड़क चौड़ीकरण का फैसला लिया गया था। कंठाल चौराहे से छत्री चौक वाली सड़क के रास्ते में मंदिर पड़ रहा था, जिसके चलते प्रशासन ने मंदिर शिफ्ट करने का फैसला किया। रिपोर्ट्स के अनुसार मंदिर का ढांचा हटाने के बाद जब प्रतिमा हटाने की कोशिश की गई, तो प्रतिमा टस से मस नहीं हुई।
मंदिर शिफ्ट करके कहां स्थापित किया जाएगा?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंदिर टंकी चौक पर स्थापित किया जाएगा। अगर आप यहां दर्शन का प्लान बना रही हैं, तो आपको अब नए लोकेशन पर दर्शन के लिए पहुंचना होगा। प्रशासन का दावा है कि प्रतिमा को हटाते समय पूरी कोशिश की जाएगी कि किसी तरह का नुकसान न हो, धार्मिक परंपराओं और मूल स्वरूप का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
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निष्कर्ष- इस मंदिर से जुड़ी जानकारी पढ़ने के बाद आप समझ गए होंगे कि मंदिर प्रशासन भी मंदिर के शिफ्ट करने को लेकर तैयार है। इसके साथ ही लोगों की भावनाओं को ठेस न पहुंचे, इसलिए प्रतिमा को धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए हटाने का फैसला लिया गया है।
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Image Credit- magnific
