भारत ऐतिहासिक इमारतों का केंद्र माना जाता है। यहां हर राज्य के अलग-अलग जिले में कोई न कोई ऐतिहासिक धरोहर मिल ही जाती है। वहीं आज हम आपको एक ऐसी इमारत के बारे में बताएंगे, जहां की अनोखी बात आज भी लोगों को हैरान कर देती है। इस इमारत में आप एक बार आवाज देंगी, तो वही आवाज बार-बार पलटकर सुनाई देगी।
17वीं शताब्दी की ऐतिहासिक धरोहर है गोल गुंबज
भारत में कई अनोखी और प्रसिद्ध जगहें हैं। इन्हीं में से एक है कर्नाटक के बीजापुर स्थित 'गोल गुंबज', जो आज भी रहस्यमयी बना हुआ है। इस मकबरे को 17वीं शताब्दी में आदिलशाही शासक मोहम्मद आदिल शाह की याद में बनवाया गया था। यह भारत की सबसे बड़ी गुंबददार इमारतों में से एक मानी जाती है।
वास्तुकला और ध्वनि विज्ञान का कमाल
गोल गुंबज का गोलाकार ढांचा और अंदर की दीवारें बेहद खूबसूरत बनी हुई हैं। इसकी बनावट लोगों का दिल जीत लेती है। इस जगह की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर आप यहां एक बार आवाज देंगी, तो वही आवाज दीवारों से टकराकर बार-बार वापस लौटेगी। इससे एक बार बोली गई बात आपको 6 से 7 बार सुनाई देती है। यह कोई चमत्कार या जादू नहीं है, बल्कि उस जमाने की बेहतरीन वास्तुकला और साउंड साइंस का अद्भुत नमूना है।
दुनियाभर में मशहूर है यहां की 'व्हिस्परिंग गैलरी'
गुंबद के अंदर बनी गोलाकार गैलरी यहां का सबसे बड़ा आकर्षण है। इस गैलरी को 'व्हिस्परिंग गैलरी' कहा जाता है। अगर यहां एक व्यक्ति किसी कोने में खड़े होकर धीरे से कुछ भी बोलता है, तो सामने की तरफ दूर खड़े दूसरे व्यक्ति को वह आवाज एकदम क्लियर सुनाई देती है। इसी अनोखे अनुभव को महसूस करने के लिए देश-विदेश से पर्यटक यहां खींचे चले आते हैं।
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कैसे पहुंचें गोल गुंबज?
बरसात के मौसम या छुट्टियों में आप भी इस ऐतिहासिक जगह का दीदार करने जा सकती हैं। यहां तक पहुंचने के लिए आप अपने शहर से विजयपुर रेलवे स्टेशन तक की ट्रेन ले सकती हैं। बात करें एयरपोर्ट की, तो यहां का नजदीकी एयरपोर्ट विजयपुर एयरपोर्ट है। स्टेशन या एयरपोर्ट से बाहर निकलकर आप आसानी से पर्सनल कैब या शेयरिंग ऑटो-रिक्शा बुक करके गोल गुंबज पहुंच सकती हैं।
गोल गुंबज घूमते समय रखें इन बातों का ध्यान
- अगर आप मानसून में जा रही हैं, तो अपने साथ छाता, रेनकोट और वॉटरप्रूफ बैग जरूर रखें।
- अपने साथ बेसिक दवाइयों वाली एक मेडिकल किट भी साथ लेकर जाएं।
- इमारत की गैलरी तक जाने के लिए काफी सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, इसलिए स्पोर्टी या कम्फर्टेबल जूते पहनकर ही जाएं।
- अगर यहां जरूरत से ज्यादा भीड़ होगी, तो गूंजती हुई आवाजों का अनुभव थोड़ा अलग या शोरगुल भरा हो सकता है।
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आपको भी हिस्टोरिकल प्लेसेस घूमने का बहुत शौक है, तो अब आप इस खूबसूरत जगह का जरूर दीदार करें। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।
Image Credit : magnific
