हिंदू धर्म की कई ऐसी परंपराएं हैं, जिन्हें आज भी लोग पूरी शिद्दत के साथ निभाते हैं। मगर जब हम इनके पीछे की असल वजह जानते हैं, तो सोच में पड़ जाते हैं। गर्म तवे पर पानी डालने की आदत को भी लोग शुभ-अशुभ से जोड़कर देखते हैं। हम सभी ने कभी-न-कभी अपने बड़े-बुजुर्गों से इसके बारे में जरूर सुना होगा। अगर आपसे इसका जवाब मांगा जाए, तो आप कहेंगी कि इससे हमारे ग्रह प्रभावित होते हैं। मगर ऐसा नहीं है। आज के इस लेख में हम आपको इसके पीछे का असल कारण बताने जा रहे हैं।
गर्म तवे पर पानी न डालने के पीछे की असली वजह
गर्म तवे पर जब हम ठंडा या सामान्य पानी डालते हैं। उस दौरान इस पर जो छन-छन की आवाज या छीटें उठती हैं, तो वैज्ञानिक भाषा में इसे थर्मल शॉक कहते हैं। इस दौरान मेटल अंदर से चटकने लगता है और ऊपरी सुरक्षा परत जो कार्बन के कण होते हैं। वह ढीले हो जाते हैं।
इसके बाद आप जब इस पर दोबारा रोटी सेंकते हैं, तो कार्बन और मेटल के टॉक्सिक कण रोटी से चिपककर पेट में जाते हैं। इसके अलावा, अगर तवा बहुत गर्म है, तो पानी डालने पर निकलने वाली गर्म भाप चेहरे को झुलसा सकती है।
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थर्मल शॉक पर क्या कहती है रिसर्च
विंकेलमैन और शॉट का फॉर्मूला (1894) थर्मल शॉक (तापमान के झटके से चीजों का टूटना) आधिकारिक रिसर्च जर्मनी के दो वैज्ञानिकों, ए. विंकेलमैन और ओ. शॉट ने की थी। उन्होंने कांच और धातुओं पर स्टडी करके दुनिया का पहला गणितीय फॉर्मूला बनाया। उन्होंने साबित किया कि जब किसी चीज के अलग-अलग हिस्सों में तापमान अचानक बहुत ज्यादा बदलता है , तो उसके अंदर एक खतरनाक खिंचाव या दबाव पैदा होता है, जिससे वह चीज टूट जाती है। इससे बर्तन में दरार आना, मुड़ जाना या टूटना शामिल है।
पुराने समय पर मान्यताओं को शुभ-अशुभ से क्यों जोड़ा जाता था?
पुराने समय में बनाई गई परंपराओं को शुभ-अशुभ से जोड़ने का मुख्य कारण लोगों की जीवनशैली और उनकी मानसिकता थी। ऐसा इसलिए किया जाता था क्योंकि लोग मान्यताओं और शुभ-अशुभ से जुड़ी बातों को बिना सोचे-समझे या कुछ गलत न हो जाए के डर से आसानी से मान लेते हैं, जबकि वास्तव में इसके पीछे वैज्ञानिक कारण होता था।
उदाहरण के लिए, अगर आप किसी से सामान्य रूप से कहें कि गर्म तवे पर पानी मत डालो, तो वह एक-दो बार तो इस बात का ध्यान रखेगा, लेकिन बाद में फिर से वही करने लगेगा। वहीं, अगर उससे यह कह दिया जाए कि इसका संबंध ग्रहों से है या इससे आर्थिक दरिद्रता आती है, तो वह गलती से भी दोबारा ऐसा नहीं करेगा। हालांकि, केवल एक नहीं बल्कि ऐसी कई सारी मान्यताएं हैं, जिसे हम मानते चले आ रहे हैं।
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Image Credit- magnific
