मसूरी भारत के सबसे फेमस हिल स्टेशन में से एक माना जाता है। चाहे गर्मियों की छुट्टियां हों, मानसून का मौसम या फिर सर्दियों का महीना हर साल लाखों पर्यटक यहां घूमने के लिए पहुंचते हैं। यही कारण है कि इसे उत्तराखंड की सबसे ज्यादा घूमी जाने वाली और पसंदीदा पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। लेकिन क्या आप यहां की हॉरर प्लेसिस के बारे में जानते हैं। मसूरी के Lambi Dehar Mines को डरावनी जगहों में से माना जाता है। माना जाता है कि पहले यहां ब्रिटिश काल में चूना पत्थर की खदानें हुआ करती थीं, लेकिन उस समय कुछ ऐसा हुआ, जिसके बाद यहां काम बंद हो गया। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इस जगह के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। आप यहां कैसे पहुंच सकती हैं, इसके बारे में भी जान पाएंगी।

क्यों माना जाता है मसूरी का हॉरर प्लेस?

इस जगह को लेकर मानी जाने वाली कहानी के अनुसार पहले यह एक पुरानी चूना पत्थर (Limestone) की खदान थी। आज भी इसकी दीवारें आपको यहां खड़ी मिलेगी। हजारों मजदूर यहां एक साथ काम करते थे। यह बात 1990 की है, जब माइनिंग के गलत तरह की प्रकिया की वजह से 50 हजार मजदूरों की जान चली गई। खादान में ही हजारों मजदूर दबकर मर गए। इतना ही नहीं, जो लोग बच गए, वह खादान के आस-पास होने की वजह से गंभीर बीमारी से पीड़ित हो गए। कुछ लोगों को लंग्स की बीमारी हो गई और कुछ मजदूर खून की उल्टियां करने लगे। इसके बाद से इस जगह पर कोई काम नहीं हुआ, लेकिन आज भी लोग यहां आने से डरते हैं।

क्या है अब इस जगह का हाल?

अब यहां केवल टूटी-फूटी दीवारें, जर्जर खंडहर इलाका, सुनसान रास्ते और चारों तरफ खामोशी फैली हुई है। दूर से इसे देखा जा सकता है और यहां पहुंचने के लिए रास्ता भी कच्चा है। कुछ लोग इस जगह को खूबसूरत जगह भी बताते हैं, क्योंकि यह मसूरी की शांत और सुंदर जगह है, जहां से नजारा अच्छा दिखता है। दिन में भी यह जगह रहस्यमयी लगती है, जबकि शाम ढलते ही यहां का माहौल कई लोगों को डराने लगता है। इसका कारण यह है कि यह शांत और एकदम अलग क्षेत्र में बनी हुई है।

यहां तक कैसे पहुंचें?

मॉल रोड से यहां पहुंचने के लिए आपको लगभग 10 किमी की दूरी का सफर करना होगा। देहरादून से दूरी लगभग 35 किलोमीटर है। मसूरी पहुंचकर आपको हाथीपांव (Hathipaon) रोड की तरफ जाना होगा। यहां से आपको स्थानीय टैक्सी या निजी वाहन द्वारा लंबी देहर माइंस तक पहुंचाना पड़ेगा। अपनी गाड़ी से जा रही हैं, तो आपके लिए यहां आना आसान हो जाएगा। मॉल रोड से टैक्सी, बाइक या स्कूटी किराए पर लेकर आसानी से आया जा सकता है।

क्या रात में जाना चाहिए?

स्थानीय लोग और कई ट्रैवलर्स का मानना है कि यहां भूतों जैसा अहसास नहीं होता। ऐसा इसलिए, क्योंकि उन्हें यहां जाकर ऐसा महसूस नहीं हुआ, लेकिन रात में जाना सेफ नहीं होगा। ऐसा भूतों की वजह से नहीं कह रहे, बल्कि इलाका सुनसान और जंगलों से घिरा हुआ है, तो खतरनाक लगेगा। रात में दिखाई कम देगा, तो रास्ता समझना मुश्किल हो जाएगा।

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image credit- mussoorie toursim official