अगर कोई मुझसे पूछे कि ऐसी कौन-सी जगह है जहां भगवान के दर्शन, एडवेंचर और खूबसूरत नजारे एक साथ मिलते हैं, तो मैं बिना सोचे तुंगनाथ मंदिर का नाम लूंगी। उत्तराखंड के पहाड़ों में बसा तुंगनाथ मंदिर दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर भी है। ये जमीन से करीब 3,680 मीटर (12,073 फीट) की ऊंचाई पर है। यहां लोग दर्शन करने के साथ-साथ खूबसूरत नजारों को देखने भी आते हैं। मैं फ‍िल्‍हाल ताे अभी नहीं जा पाई हूं लेक‍िन मेरी दोस्‍त द‍िव्‍या शर्मा हाल ही में तुंगनाथ होकर आई है।

उसने मुझे अपना खूबसूरत एक्‍सपीर‍ियंस भी शेयर क‍िया। द‍िव्‍या ने कहा क‍ि यहां तक पहुंचने का रास्ता किसी सपने जैसा सुंदर है। जैसे-जैसे हम ऊपर की तरफ चढ़ते गए, वैसे-वैसे बादलों से ढके पहाड़ और जबरदस्‍त हरि‍याली देखने को म‍िली। तो अगर आप भी तुंगनाथ जाने का प्लान बना रही हैं, तो पहले ये जान लीजिए कि यहां का सफर इतना सुंदर कैसे है? आइए जानते हैं-

चोपता से हुई ट्र‍िप की शुरुआत

द‍िव्या ने बताया क‍ि तुंगनाथ मंदिर पहुंचने के लिए हमने चोपता से ट्रैकि‍ंग शुरू की थी। ये तो आप भी जानती होंगी क‍ि चोपता को मिनी स्विट्जरलैंड ऑफ इंडिया भी कहा जाता है। उसने बताया क‍ि यहां का मौसम, हरियाली और माहौल सब कुछ बहुत शानदार था। मंदिर तक पहुंचने के लिए उसने करीब 3.5 से 4 किलोमीटर की ट्रेकि‍ंग की थी।

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रास्ते में दिखे दिल जीत लेने वाले नजारे

द‍िव्‍या का कहना है क‍ि तुंगनाथ ट्र‍िप पर जाने की सबसे बड़ी खूबी स‍िर्फ मंद‍िर ही नहीं, बल्‍क‍ि वहां तक‍ पहुंचने का खूबसूरत रास्‍ता भी है। जब आपको ह‍िमालय पीक नजर आता है तो खूबसूरती देखते ही बनती है। कई जगह तो ऐसा लगा मानो बादल ब‍िल्‍कुल मेरे पास आ गए हों। इस दौरान हमने कई फोटोज भी क्‍ल‍िक करी।

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हर कदम पर महसूस हुई शांति

ट्रैक‍िंग में ऐसा ब‍िल्‍कुल नहीं था क‍ि बहुत कम लोग नजर आ रहे थे। लोगों की अच्‍छी खासी भीड़ देखने को म‍िली। इसके बावजूद यहां सुकून म‍िल रहा था। रास्ते में तो कई बार पक्षियों की चहचहाहट सुनने को म‍िली। तुंगनाथ पहुंचकर ऐसा लगा क‍ि जैसे कुछ लाइफ में कोई स्‍ट्रेस है ही नहीं। वहां ज‍ितने लोग भी आए थे, सभी को ये कहते सुनने को म‍िल रहा था क‍ि असली सुकून यहीं है।

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पंच केदार में से एक है तुंगनाथ

आपको बता दें क‍ि तुंगनाथ को पंच केदार में से एक माना जाता है। ऐसा कहा जाता है क‍ि महाभारत के युद्ध के बाद पांडव भगवान श‍िव का आशीर्वाद लेने के ल‍िए न‍िकले थे। उसी दौरान उन्‍होंने ये मंद‍िर बनाया था।

मंदिर पहुंचकर मिला अलग ही सुकून

द‍िव्या ने कहा क‍ि ट्रेक पूरा होने के बाद जब हमें पहली बार मंदिर दिखाई द‍िया, तो सारी थकान जैसे गायब हो गई। पत्थरों से बना ये प्राचीन मंदिर पहाड़ों के बीच बहुत ही खूबसूरत नजर आ रहा था। यहां हमने मंद‍िर में दर्शन करने के बाद कुछ देर बैठकर आसपास के खूबसूरत नजारों का भी दीदार क‍िया। ये खूबसूरती पहले कहीं नहीं देखने को म‍िली थी।

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चंद्रशिला ट्रेक भी करें

हमारे पास समय था तो हम तुंगनाथ से चंद्रशिला तक भी गए। चंद्रशिला से हिमालय की कई खूबसूरत पीक देखने को म‍िली। इसके ल‍िए एक्‍स्‍ट्रा ट्रैक‍िंग करनी पड़ी लेक‍िन इसकी खूबसूरती ने सब भुला द‍िया।

कब जाएं तुंगनाथ?

तुंगनाथ जाने के लिए मई से जून और सितंबर से नवंबर का समय सबसे अच्‍छा होता है। माॅनसून में यहां जाना अवॉइड करें। वहीं, सर्दियों में यहां हैवी स्‍नोफाल होता है। इसल‍िए मौसम की जानकारी लेकर ही ट्र‍िप प्‍लान करें।

यात्रा से पहले रखें इन बातों का ध्यान

  • कंफर्टे ट्रेकिंग शूज पहनें।
  • पानी की बॉटल साथ रखें।
  • मौसम देखकर गर्म कपड़े रख लें।
  • ऊंचाई पर धीरे-धीरे चलें।
  • रास्ते में गंदगी न फैलाएं।

तो अगर आप भी तुंगनाथ जाने का प्‍लान बना रही हैं, तो आप ये खूबसूरत एक्‍सपीरि‍यंस पढ़ लें। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit- Self Divya Sharma