सायरा बानो ने 12 साल की उम्र से मिसेज दिलीप कुमार बनने का ख्वाब देखा था, इस बात का जिक्र वह अक्सर इंटरव्यूज के दौरान करती हैं। दिलीप कुमार आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें आज भी सायरा बानो और उनके फैंस के दिलों में बसी हुई हैं। सायरा बानो अक्सर कहा करती थीं कि दिलीप साहब तो मुझे कायनात ने तोहफे में सौंपे हैं। वह दिलीप कुमार की बहुत बड़ी फैन थीं और दिल ही दिल में उनसे प्यार भी करती थीं, इसलिए उनके साथ किसी और को देखना उन्हें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं था। उन्होंने एक बार इंस्टाग्राम पर दिलीप कुमार से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प किस्सा शेयर किया था और बताया था कि कैसे जलन की वजह से उन्होंने दिलीप कुमार और वैजयंतीमाला की फोटो को काटकर अलग कर दिया था। चलिए आप हमारी खास सीरीज 'फिल्मी गलियारों से' में आपको सुनाते हैं यह किस्सा।

सायरा बानो ने कैंची से काट दी थी दिलीप कुमार और वैजयंतीमाला की तस्वीर

सायरा बानो ने सोशल मीडिया पर एक बार कुछ थ्रोबैक फोटोज शेयर करते हुए इस किस्से के बारे में बताया था। उन्होंने लिखा था, "यह तब की बात है जब मैं लंदन में रहा करती थी...1958 का यह किस्सा आज भी मेरे दिल के बेहद करीब है...मैं दिलीप साहब की फोटोज को अपने कमरे में लगाया करती थी। मेरी मां को पता था कि मुझे हिंदी फिल्में पसंद हैं, इसलिए हमारे घर पर फिल्मफेयर मैगजीन आया करती थी। एक बार उस मैगजीन में मधुमति की एक फोटो थी...उस फोटो में दिलीप साहब बहुत रोमांटिक अंदाज में वैजयंतीमाला के माथे पर अपना चेहरा रखे हुए थे....मुझे यह देखकर जलन हुई...वो फोटो सुंदर थी, लेकिन तब बचपने में दिलीप साहब और वैजयंतीमाला को करीब देखकर मुझे इतनी जलन हुई कि मैंने एक कैंची से दोनों की फोटो को काटकर दोनों को अलग कर दिया।"

बड़ी बहन जैसी हैं वैजयंतीमाला

सायरा बानो ने यह भी कहा था कि वैजयंतीमाला उनकी बड़ी बहन जैसी हैं और तब उन्होंने जो भी किया था, वो नादानी में किया था, लेकिन आज जब वो उस किस्से को याद करती हैं, तो उन्हें बहुत हंसी आती है।

यह भी पढ़ें- 'वो मुझसे जलती थीं और मुझे देखकर...', जब मौसमी चटर्जी ने रेखा को लेकर किया था यह दावा

दिलीप साहब के बंगले के पास बनवाया था घर

सायरा बानो ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था जब उनका करियर शुरू होने के बाद मुंबई में घर बनाने के बारे में सोचा, तो वहीं जगह चुनी जो दिलीप साहब के घर से बस दो बंगले दूर थी। सायरा ने कहा था, "23 अगस्त 1966 को मेरे घर की हाउस वार्मिंग पार्टी थी...उस दिन मेरा बर्थडे भी था...जब मैं शूट करके वापस आई तो देखा कि पार्टी में दिलीप साहब खुद आए थे...मेरी मां ने उन्हें खुद बुलाया था और उन्हें देखकर मेरी नजरें उन पर ही टिक गई थीं। वो मेरी जिंदगी का सबसे अच्छा गिफ्ट था।"

यह भी पढ़ें- परदे पर एक्ट्रेसेस को छूने से बचते थे मनोज कुमार, फिर इस एक्ट्रेस के लिए तोड़ दिया था अपना नियम


'फिल्मी गलियारों से' सीरीज में हम बॉलीवुड सेलेब्स और फिल्मों से जुड़े ऐसे ही दिलचस्प किस्से आप तक पहुंचाते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। साथ ही बॉलीवुड इंडस्ट्री, टीवी, ओटीटी और सेलेब्स की लाइफ के बारे में ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।