जब भी कपूर परिवार की किसी लव स्टोरी का जिक्र होता है, तो सबके दिमाग में राज कपूर और नरगिस का नाम ही आता है। दोनों की प्रेम कहानी मुकम्मल नहीं हो सकी थी, क्योंकि राज कपूर पहले से शादीशुदा थे। हालांकि, इनका रिश्ता खूब सुर्खियों में रहा था और आज भी बॉलीवुड की अधूरी प्रेम कहानियों में जरूर याद किया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि राज कपूर के भाई शम्मी कपूर की लव स्टोरी भी कम दिलचस्प नहीं थी। बताया जाता है कि शम्मी कपूर ने परिवार की मर्जी के खिलाफ और परिवार को बिना बताए गीता बाली से शादी की थी और कपूर खानदान की एक बड़ी परंपरा को तोड़ दिया था। चलिए आपको सुनाते हैं यह दिलचस्प किस्सा।

प्यार के लिए शम्मी कपूर ने तोड़ दी थी कपूर खानदान की यह परंपरा

गीता बाली और शम्मी कपूर की लव स्टोरी भी काफी दिलचस्प रही है। दोनों का प्यार साल 1955 में फिल्म 'रंगीन रातें' के सेट पर परवान चढ़ा था। इस फिल्म में शम्मी कपूर लीड रोल में थे और गीता बाली ने कैमियो किया था। शूटिंग के दौरान दोनों करीब आए और कुछ ही महीनों में तय कर लिया कि जिंदगी साथ बिताएंगे। दोनों ने अगस्त, 1955 में बाणगंगा मंदिर में गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो शम्मी कपूर ने यह शादी कपूर परिवार के खिलाफ जाकर की थी। कहा जाता है कि उस समय पृथ्वीराज कपूर ने अपने बेटों के लिए सख्त नियम बनाए थे। कपूर परिवार की परंपरा था कि परिवार का कोई भी लड़का किसी एक्ट्रेस से शादी नहीं करेगा, लेकिन शम्मी कपूर ने प्यार के आगे इस परंपरा को तोड़ दिया और गीता बाली संग सात फेरे लिए। कहा जाता है कि जब वो शादी करने मंदिर पहुंचे थे, तो उनके पास सिंदूर भी नहीं था और उन्होंने लिपस्टिक से गीता बाली की मांग भरी थी।

गीता बाली के जाने से टूट गए थे शम्मी कपूर

गीता और शम्मी कपूर ने साल 1955 में शादी की और साल 1956 में दोनों आदित्य राज कपूर के पैरेंट्स बने। इसके बाग गीता ने साल 1961 में बेटी कंचन को जन्म दिया। बेटी के जन्म के 4 साल बाद गीता की मौत हो गए। कहा जाता है कि गीता के जाने से शम्मी कपूर बुरी तरह टूट गए थे। उन्होंने खाना-पीना तक छोड़ दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इसके कुछ वक्त बात उनकी नजदीकियां मुमताज संग बढ़ी और उन्होंने मुमताज को शादी के लिए प्रपोज कर दिया। शम्मी कपूर ने मुमताज के सामने शर्त रखी थी कि उन्हें शादी के बाद एक्टिंग छोड़नी पड़ेगी, लेकिन उन्होंने इस शर्त को नामंजूद कर दिया और शम्मी कपूर का प्रपोजल ठुकरा दिया।

इसके बाद 27 जनवरी 1969 को शम्मी कपूर ने नीला देवी से दूसरी शादी की थी। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो शम्मी कपूर ने उनके सामने शर्त रखी थी कि वो कभी मां नहीं बनेंगी और शम्मी कपूर और गीता बाली के बच्चों को ही मां बनकर पालेंगी। नीला देवी ने यह शर्त मान ली थी।

 

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