आज के समय में पल-पल बदलती टेक्नोलॉजी के कारण तमाम तरह के प्रोफेशन या नौकरियां खत्म होती जा रही हैं, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के कारण। हालांकि यह भी कुछ हद तक सही है कि इससे नए रोजगार के रास्ते भी खुल रहे हैं, लेकिन उसकी तुलना में कहीं ज्यादा संख्या में पुराने जॉब्स का अस्तित्व खतरे में पड़ रहा है। उदाहरण के तौर पर कोडिंग या डिजिटल मार्केटिंग जैसे सेक्टर्स का नाम लिया जा सकता है, जिसमें चैटजीपीटी, नए टूल्स और एआई मॉडल्स के आने से अवसर बहुत सीमित होते जा रहे हैं। ऐसे में छात्रों और प्रोफेशनल्स के सामने यह बड़ा सवाल है कि वे अपने करियर को कैसे सुरक्षित करें, क्या ट्रेनिंग लें या फिर कौन सा हुनर सीखें?
बदलाव को समझना जरूरी
सबसे पहले यह जान लेना जरूरी है कि एआई किसी को पूरी तरह से बेरोजगार नहीं कर रहा, बल्कि सिर्फ काम करने के तरीके बदल रहा है। दूसरे शब्दों में, एआई अधिक दक्षता और समय की बचत करते हुए काम को अंजाम दे रहा है। जैसे पहले फैक्ट्रियों में मशीनें ज्यादातर लोगों की मदद से काम करती थीं और समय लेती थीं, पर बिजली के आने के बाद स्थितियां बदलीं। ठीक वैसे ही आज एआई टूल्स, एक ही तरह से बार-बार किए जाने वाले काम, बेसिक कोडिंग, डेटा एंट्री और कंटेंट तैयार करने जैसे काम कम समय में बखूबी कर रहे हैं।
ऐसे में यह कहना उचित नहीं होगा कि एआई सही नहीं है, बल्कि समझदारी यह समझने में होगी कि आप किस तरह एआई के साथ मिलकर काम कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें- बच्चा सिर झुकाकर हर बात मान लेता है? एक्सपर्ट से जानें ऐसा करना सही है या गलत
भविष्य की सुरक्षित स्किल्स
यहां एक बात और समझना जरूरी है कि भविष्य की सुरक्षित स्किल्स वे हैं, जिन्हें मशीनें आसानी से नहीं कर सकतीं। एआई की काबिलियत कई मामलों में बेहद कमजोर है, जैसे मानवीय भावनाएं, रचनात्मक सोच और नए विचार खोजना तथा उन्हें लागू करना। इसलिए उन स्किल्स पर ध्यान देना भविष्य की दृष्टि से अक्लमंदी होगी, जिन्हें एआई आसानी से रिप्लेस नहीं कर सकता।
सीखें ये टेक्निकल स्किल्स
अगर ऐसी टेक्निकल स्किल्स की बात की जाए जो भविष्य में प्रासंगिक रहने वाली हैं, तो सबसे पहला नाम आता है एआई और मशीन लर्निंग (ML) स्किल्स का। इनके माध्यम से एआई को समझने के साथ-साथ एआई टूल्स को डिजाइन और प्रशिक्षित किया जाता है। कहने की जरूरत नहीं कि इस तरह के ट्रेंड प्रोफेशनल्स की भविष्य में सबसे ज्यादा मांग रहने वाली है। इसके लिए कई स्तर के कोर्सेज के विकल्प हो सकते हैं, जिनमें एआई/एमएल फाउंडेशन, टेंसरफ्लो, डेटा साइंस एंड एनालिटिक्स और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) आदि शामिल हैं। इसके अलावा भविष्य के लिहाज से क्लाउड कंप्यूटिंग का भी काफी महत्व है। साथ ही साइबर सिक्योरिटी की बात भी की जा सकती है। डिजिटल दुनिया जितनी बड़ी होती जाएगी, साइबर सुरक्षा की जरूरत उतनी ही ज्यादा बढ़ेगी।
सॉफ्ट स्किल्स
जैसे टेक्निकल स्किल्स की अपनी अहमियत है, ठीक उसी तरह से कई नॉन-टेक्निकल स्किल्स भी कम जरूरी नहीं हैं। इनमें क्रिटिकल थिंकिंग की अपनी अहम भूमिका है, इसे एआई से आगे की स्किल कहा जा सकता है। इसी तरह से इमोशनल इंटेलिजेंस (EQ) की अपनी खास भूमिका है। टीम को लीड करने और कल्चरल सेंस को समझने में अभी भी एआई कमजोर है। इस इंसानी क्षमता से आगे निकलना एआई के लिए इतना आसान नहीं है। इसी तरह क्रिएटिविटी, इनोवेशन और कम्युनिकेशन स्किल्स (जैसे लिखना, बोलना, प्रेजेंटेशन देना आदि) का जिक्र किया जा सकता है। ये स्किल्स हमेशा महत्वपूर्ण रहेंगी।
कौन से कोर्स हैं महत्वपूर्ण?
एआई के निरंतर एडवांस होने से किन कोर्सेज की प्रासंगिकिता भविष्य में बनी रहेगी, यह समझना भी आवश्यक है। शुरुआत करते हैं ऑनलाइन कोर्सेज से। कोर्सेरा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर यूनिवर्सिटी और इंडस्ट्री आधारित सर्टिफाइड कोर्सेज उपलब्ध हैं, जिनमें एआई, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस प्रमुख हैं।
कंप्यूटर साइंस भी ऐसा ही एक एवरग्रीन कोर्स है। लिंक्डइन लर्निंग की ओर से भी सॉफ्ट स्किल्स और टेक्निकल स्किल्स से जुड़े कोर्सेज आयोजित किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त गूगल करियर सर्टिफिकेट्स के माध्यम से आईटी सपोर्ट, डेटा एनालिटिक्स और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट आदि पर आधारित ट्रेनिंग ली जा सकती है। इनमें से कई कोर्स मुफ्त में भी किए जा सकते हैं। आने वाले दिनों में प्रोफेशनल डिप्लोमा भी काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
यह भी पढ़ें- पौधों से प्यार करने वालों के लिए खास मौका, ऐसे बनाएं Gardening को करियर
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
लेखक - मोहक चौहान
Images: magnific
-1784548696662_m.webp)