बालों की देखभाल के मामले में पिछले कुछ सालों से सल्फेट-फ्री शैंपू का इस्तेमाल काफी फेमस हुआ है। लोग इसे आम शैंपू की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और माइल्ड मानते हैं, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या सल्फेट वाले शैंपू को पूरी तरह बंद कर देना सचमुच किसी जादू की तरह काम करता है? सल्फेट दरअसल एक तरह का क्लींजिंग एजेंट होता है, जो सिर की त्वचा से तेल, गंदगी, पसीना और जमे हुए प्रोडक्ट्स को साफ करता है।

ये मजबूत क्लींजर बालों की सफाई तो बहुत अच्छे से करते हैं, लेकिन कई बार यह बालों के उन प्राकृतिक तेलों को भी बहा ले जाते हैं जो बालों को मुलायम और चमकदार बनाए रखते हैं। ऐसे में सल्फेट शैंपू बिल्कुल बंद कर देना कितना सही है, इसके लिए हमने जयपुर के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. साहिल मंसूरी से भी बात की है। जानते हैं आगे...

सल्फेट शैंपू बंद करने पर बालों में दिखने वाले बदलाव

अगर आपने सल्फेट शैंपू बंद किया है तो कुछ बदलाव नजर आ सकते हैं, जानते हैं-

1. बालों की प्राकृतिक नमी बनी रहती है

शैंपू करने के बाद बालों में आने वाली अत्यधिक खिंचाव या सूखेपन की स्थिति हमेशा सेहतमंद बालों की निशानी नहीं होती।

  • ज्यादा कड़े क्लींजर बालों के प्राकृतिक तेल और नमी को पूरी तरह खत्म कर देते हैं।
  • बहुत ज्यादा सफाई से बाल रूखे, बेजान, उलझे हुए और कड़े महसूस होने लगते हैं।
  • ऐसे में हल्के और सल्फेट-फ्री शैंपू का इस्तेमाल शुरू करने से बालों का रूखापन कम होता है और उनकी प्राकृतिक नमी बरकरार रहती है।

2. बाल ज्यादा स्मूथ दिखेंगे

धोने के तुरंत बाद अगर बाल बिखरे हुए, फूले हुए या बहुत ज्यादा रूखे नजर आते हैं, तो इसका मतलब है कि क्लींजिंग का तरीका बहुत कड़ा है।

  • सल्फेट-फ्री शैंपू बालों के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखता है।
  • इससे बाल धोने के बाद ज्यादा चिकने, चमकदार और सुलझे हुए नजर आते हैं।

3. कलर किए गए बालों की देखभाल आसान हो जाती है

अगर आपने बालों में कलर, हाइलाइट्स या ब्लीच करवाया है, तो उन्हें खास देखभाल की जरूरत होती है।

  • केमिकल ट्रीटमेंट से गुजर चुके बाल ज्यादा नाजुक हो जाते हैं और सामान्य शैंपू से धोते ही वे जल्दी खराब होने लगते हैं।
  • केमिकल वाले बालों की प्राकृतिक चिकनाई कम हो जाती है, जिससे उन्हें नमी की सख्त जरूरत होती है।
  • सल्फेट-फ्री शैंपू का इस्तेमाल करने से कलर लंबे समय तक टिकता है और बाल कटने या टूटने से बचते हैं।

4. स्कैल्प की जलन और खुजली से राहत मिलती है

सिर की त्वचा हर व्यक्ति में अलग-अलग होती है। हालांकि, सल्फेट का काम गंदगी और तेल हटाना है, लेकिन कई लोगों को इससे त्वचा में हल्की जलन या जलन महसूस हो सकती है।

  • अगर शैंपू करने के बाद आपका सिर सूखा, खिंचा हुआ या खुजली वाला महसूस होता है, तो माइल्ड फॉर्मूला अपनाना फायदेमंद हो सकता है।
  • साधारण शैंपू के इस्तेमाल से स्कैल्प का पीएच स्तर बना रहता है और त्वचा को आराम मिलता है।

किसे अपनाना चाहिए सल्फेट-फ्री शैंपू?

सल्फेट-फ्री शैंपू हर किसी के लिए एक जैसा काम नहीं करता। यह खास तरह के बालों के लिए ज्यादा असरदार साबित होता है।

  • सूखे, कड़े और घुंघराले बालों वाले लोगों को सल्फेट-फ्री शैंपू जरूर चुनना चाहिए।
  • कलर या केमिकल ट्रीटमेंट कराए गए बालों के लिए यह सबसे बेहतरीन विकल्प है।
  • अगर शैंपू के बाद स्कैल्प पर खुजली या खिंचाव महसूस हो, तो तुरंत सल्फेट-फ्री प्रोडक्ट अपनाएं।

हालांकि, जिन लोगों के बाल बहुत ज्यादा ऑयली हैं या जिनके सिर में बहुत गंदगी जमती है, उन्हें कभी-कभी गहरे क्लींजर की जरूरत पड़ सकती है। सही शैंपू वही है जो सफाई भी पूरी करे और बालों को रूखा भी न बनाए।

निष्कर्ष

सल्फेट शैंपू छोड़ना हर किसी के लिए एक जैसा जादुई समाधान नहीं हो सकता, लेकिन रूखे, घुंघराले और कलर किए गए बालों के लिए यह बेहद फायदेमंद साबित होता है। अगर आपके बाल धोने के बाद बेजान और रूखे महसूस होते हैं, तो सल्फेट-फ्री फॉर्मूला चुनना आपके बालों की सेहत और चमक को वापस ला सकता है।

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।