Shab-e-Qadr Ki Dua or Namaz Padhne ka Tarika : शब-ए-कद्र की रात कौन सी दुआ पढ़ी जाती है, जानें नमाज का तरीका

रमजान का पाक महीना अपने आखिरी अशरे में आ पहुंचा है। माना जाता है कि यह आखिरी 10 दिन काफी मुकद्दस होता है। अल्लाह ने हमें इस आखिरी अशरे में बड़ी ही फजीलत वाली रातों से नवाजा है। इन्हें शब-ए-कद्र के नाम से जानते हैं। साफ शब्दों में कहें तो यह सबसे आला, आजीम और ताकतवर होती है। इसी मुकद्दस रात को अल्लाह तआला ने आखिरी रसूल हजरत मुहम्मद मुस्तुफा सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम के ऊपर कुरआने-पाक नाजिक फरमाया था।
शब-ए-कद्र की नमाज (Shab-e-Qadr Ki Namaz)

जिस दिन शब-ए-कद्र की रात होगी उस रात बहुत रोशनी होगी और आसमान चांद सा चमक रहा होगा। इस रात न तो बहुत गर्मी और न ज्यादा ठंड होगी। मौसम बेहद खुशनुमा होगा इस रात कसरत से कुरान शरीफ की तिलावत करनी चाहिए,खास नमाज और दुआ पढ़ी जाती है। आप कई तरह की नफ्ल नमाज जैसे सालातुलतस्बीह, सालातुल हाजत,तहज्जुद की नमाज पढना चाहिए।
शब-ए -कद्र में नफिल नमाज पढ़ते हैं। इसका तरीका बाकी नमाज की तरह होता है। आपको नमाज की नियत करते वक्त सिर्फ नफिल नमाज की नियत करनी होती है। आप इसे अपनी क्षमता के मुताबिक 2,4,8,12,20 रिक्त अदा कर सकते हैं।
शब-ए-कद्र की दुआ (Shab-e-Qadr Ki Dua)
रमजान के आखिरी अशरे में पांच पाक रातें होती हैं इन्हीं में से लयलत-उल- कद्र को तलाश किया जाता है। ये रात 21, 23, 25, 27, और 29वीं रात होती है। 27वीं रात पर ज्यादा जोर दिया जाता है। इस दिन मुसलमान अपनी गुनाहों की माफी मांगते हैं,मान्यता है कि लयलत-उल- कद्र की रात में आपकी सारी मुरादें पूरी होती है। इस रात में इबादत का सवाब 83 साल और 4 महीने के इबादत के बराबर होता है। शब-ए-कद्र की रात कुछ खास दुआओं को कसरत से तस्बीह पर पढ़ना चाहिए। इसके बाद अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगनी चाहिए। आइए जानते हैं उन दुआओं के बारे में
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हिंदी में शब-ए-कद्र की दुआ (Shab-e-Qadr Ki Dua in Hindi)
अल्लाहुम्मा इंनका अफुव्वुन तुहिब्बुल अफवा फ'अफु अन्नी
इंग्लिश में शब-ए-कद्र की दुआ (Shab-e-Qadr Ki Dua in English)

Allahumma innaka afuwwun tuhibbbbul afwa fa'Afu anni
अरेबिक में शब-ए-कद्र की दुआ (Shab-e-Qadr Ki Dua in Arabic)
اللّٰہُمَّ اِنَّکَ عَفُوْنَ تُحِبُّ الْعَفُوْا فَاعْفُ عَنِی ۔
इसका मतलब होता है -"ए अल्लाह तू माफ करने वाला है और बेशक तू माफ करना पसंद करता है...हमारे तमाम गुनाह तो माफ फरमा।
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