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कौन हैं ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट गौरी सावंत? जानें उनकी बेहद इंस्पायरिंग कहानी

Gauri Sawant Biography in Hindi: ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट गौरी सावंत को आपने बहुत बार टीवी पर देखा होगा। इस आर्टिकल में हम आपको उनकी जर्नी बताएंगे।   
Updated:- 2023-05-31, 12:49 IST
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Gauri Sawant Biography in Hindi: कुछ समय पहले मैंने सुष्मिता सेन की ताली फिल्म का पोस्ट देखा। फिल्म के बारे में पढ़ते हुए मालूम हुआ कि ताली फिल्म में गौरी सावंत की कहानी दिखाई गई है। जी हां, गौरी सावंत। वह एक ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट हैं और अपने काम की वजह से काफी चर्चित भी हैं। चलिए जानते हैं उनके बारे में। 

कौन हैं गौरी सावंत? 

  • गौरी सावंत का जन्म पुणे में हुआ था। 7 साल की उम्र में उन्होंने अपनी मां को खो दिया। जीवन में बहुत कठिनाइयों का सामना करने के बाद वह ट्रांसजेंडर लोगों के अधिकारों की बात रखने की वजह से सुर्खियों में आईं। गौरी ने 60 रुपये के साथ कम उम्र में अपना घर छोड़ दिया था क्योंकि उनके पिता ने उन्हें स्वीकार नहीं किया था। 
  • गौरी को लड़कों की तरह रहना और कपड़े पहनना अच्छा नहीं लगता था। इस तरह रहना उनके लिए किसी जेल की तरह था। टीवी में महिलाओं को देखकर उन्हें ऐसा लगता था कि वो खुद भी इसी तरह की दिखें। आज गौरी ढेर सारे अवार्ड्स जीत चुकी हैं। 

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NGO में किया काम 

 

 

 

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शुरुआत में गौरी NGO हमसफर ट्रस्ट के साथ जुड़ी। इसके बाद उन्होंने अपना खुद का NGO खोला जिसका नाम ‘सखी चार चौगी’ है। यह एनजीओ ट्रांसडेंडर समुदाय के लोगों की नौकरी ढूंढ़ने में मदद करता है। 

क्यों रखा गौरी नाम 

गौरी सावंत का बचपन में नाम गणेश था। उन्होंने अपना नाम गौरी इसलिए चुना क्योंकि भगवान गणेश की मां पार्वती को गौरी भी कहा जाता है। गौरी शुरुआत से ही बड़े होकर मां बनना चाहती थीं। बचपन में जब भी उनसे कोई पूछता था कि वो बड़े होकर क्या बनेंगी तो वो जवाब में 'आई' कहती थीं। 

"मां बनने के लिए जन्म देना जरूरी नहीं"

आज गौरी मां हैं और उन्हें इस बात पर गर्व है। एक प्रसिद्ध विज्ञापन में भी गौरी कहती देती हैं, "मेरी बेटी ने मुझे सिखाया कि माँ बनने के लिए बच्चे को जन्म देना ज़रूरी नहीं है, बच्चे की देखभाल करना और उसे दिल से प्यार करना ही मातृत्व है। मुझे यह देखकर बहुत खुशी होती है कि लोग अब मुझे एक मां के रूप में पहचानते हैं।" 

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