एक गांव में रमेश और सुरेश लकड़हारे रहते थे। रमेश दोपहर तक लकड़ियां काटता और शाम को उन्हें बाजार में बेचकर अच्छी कमाई कर लेता था। वहीं सुरेश पूरा दिन जंगल में बिताने के बाद भी पर्याप्त लकड़ी नहीं काट पाता था और इस कारण उसकी आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही थी। सुरेश की परेशानी भांपकर एक दिन किसी करीबी ने उसे रमेश से मिलवाया, तो उसने जी तोड़ मेहनत और समय पर काम निपटाने की आदत को इसका श्रेय दिया। सुरेश ने जब अपने बारे में बताना शुरू किया, तब रमेश ने पूछा, क्या तुम रोज अपनी कुल्हाड़ी को धार देते हो। सुरेश बोला, मैंने तो कभी धार दी ही नहीं। कभी मुझे जरूरत भी महसूस नहीं हुई। अगले दिन रमेश उसे अपने साथ जंगल ले गया। वहां दोनों पास-पास में पेड़ काटने लगे। रमेश ने फटाफट पेड़ काट दिया, जबकि सुरेश उतनी देर में कुछ डालियां ही छांट पाया। तब रमेश ने अपनी बात सही साबित करने के लिए सुरेश को अपनी कुल्हाड़ी दी और उसने भी फटाफट पेड़ काट डाला। सुरेश की आंखें खुशी से चमक उठीं। उसको समय पर काम निपटाने और जीवन में आगे बढ़ने का मंत्र मिल गया था।
फायदे अनगिनत
महिलाएं अक्सर घर, करियर और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच खुद को इतना बिजी कर लेती हैं कि अपने स्किल्स, सेहत और मानसिक शांति पर ध्यान देना भूल जाती हैं। वे लगातार मेहनत तो करती हैं, लेकिन कई बार सही दिशा और खुद को बेहतर बनाने की तैयारी के बिना मेहनत का पूरा फल नहीं मिल पाता। यह छोटी-सी इंस्पायरिंग स्टोरी हमें बताती है कि सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि समय-समय पर खुद को निखारना और नई सीख लेना भी सफलता के लिए बेहद जरूरी है।
यह स्टोरी बताती है कि परिस्थितियां कैसी भी हो, हर प्रोफेशनल को निरंतर खुद को तराशते रहने की कोशिश करनी ही चाहिए। इससे आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होती है और तरक्की के रास्ते खुलते है। खुद को अपग्रेट और अपडेट रखने से कार्यक्षेत्र में आपके ज्ञान और हुनर को पहचान मिलती है। आप कभी आउटडेटेड नहीं होते, परफॉर्मेंस में सुधार होता है और कठिन दौर में चीजें आपके पक्ष में नजर आती हैं। इसलिए एक अच्छे प्रोफेशनल को समय-समय पर अपने हुनर को धार देनी चाहिए। इसके लिए कौन-से तरीके अपनाए जा सकते हैं? इसके बारे में हमें करियर कोच डॉ. सुशील कुमार पारे बता रहे हैं।
खुद को एक प्रोडक्ट मानें
जिस तरह किसी प्रोडक्ट को बाजार में बनाए रखने के लिए उसकी क्वालिटी और पैकेजिंग में निरंतर सुधार किया जाता है, उसी तरह प्रोफेशनल्स अगर समय-समय पर अपनी स्किल को संवारें और खुद में बदलाव लाएं तो वे कभी आउटडेटेड नहीं होंगे। जैसे एक खास तरह का काम जानने वाले प्रोफेशनल्स यदि मार्केटिंग, मैनेजमेंट, ह्यूमन रिसोर्स आदि से जुड़े स्किल भी सीखें, तो वे कंपनी के लिए ज्यादा उपयोगी हो सकेंगे और कठिन दौर में सिर्फ एक ही तरह का काम जानने वाले कर्मचारियों पर उन्हें तरजीह मिलेगी।
तकनीक से दोस्ती
नए दौर में तकनीक ने घर बैठे हुनर को संवारना संभव बनाया है। इसका फायदा उठाएं और अपने कार्यक्षेत्र के लिए जरूरी ट्रेनिंग प्रोग्राम में भाग लें। उदाहरण के लिए यदि आप किसी मल्टीनेशनल कंपनी के एचआर विभाग से जुड़ी हैं, तो नई भाषाएं सीखना फायदेमंद हो सकता है। ऑनलाइन लैंग्वेज प्रोग्राम के जरिए जॉब करते हुए आसानी से विदेशी भाषा सीखी जा सकती है।
सफल लोगों से लें प्रेरणा
कई बार व्यक्ति जीवन में प्रेरणा की कमी की वजह से पीछे रह जाता है, इसलिए हर परिस्थिति में खुद को मोटिवेट रखें। संघर्षशील लोगों के बारे में पढ़ने, उन पर बनी फिल्में देखने और सफल प्रोफेशनल्स से मिलने से उन जैसा बनने की प्रेरणा मिलेगी।
बेहद जरूरी हैं ये बातें
- कई बार जिंदगी के कटु अनुभव नई बातें सीखने से रोकते हैं। इसलिए नए रास्तों पर चलते समय अतीत की ओर मुड़ कर न देखें।
- तरक्की के लिए काम में नयापन लाने का प्रयास करें। लीक से हटकर सोचने और प्रयोग करने से यह संभव होगा।
- हर नई स्किल सीखने के बाद खुद को गिफ्ट दें। इससे दिल खुश होगा।
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Image Credit: magnific.com
