जिल लोगों को गार्डनिंग पसंद है, उनके लिए मानसून का महीना किसी वरदान से कम नहीं होता, क्योंकि इस मौसम में मिलने वाली नेचुरल नमी और बारिश का पानी पौधों की ग्रोथ को दोगुना तेज कर देता है, लेकिन बारिश का स्वागत करने से पहले अपने बगीचे को तैयार करना बेहद जरूरी है। मानसून शुरू होने से ठीक पहले पौधों की प्रूनिंग, यानी कटाई-छंटाई करना सबसे जरूरी कामों में से एक माना जाता है। ऐसे में इनके बारे में पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि प्री-मानसून सीजन में प्रूनिंग क्यों जरूरी है और इसे करने का सही और सेफ तरीका क्या है। जानते हैं इस लेख के माध्यम से...

प्री-मानसून प्रूनिंग क्यों है जरूरी?

बारिश के दिनों में उमस और नमी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, जिससे पौधों में फंगस, फफूंदी और कीड़ों का अटैक होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। 

बता दें कि प्रूनिंग के जरिए सूखी, सड़ी और बीमार टहनियों को हटाने से अच्छी हवा और सही रोशनी पौधों के अंदर तक पहुंचती है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा काफी कम हो जाता है।

पौधों की कटाई-छंटाई का सही तरीका क्या है?

प्रूनिंग की शुरुआत हमेशा साफ और धारदार कैंची या प्रूनर से करें।

इस्तेमाल से पहले टूल्स को सैनिटाइजर या हाइड्रोजन पेरोक्साइड से अच्छी तरह साफ कर लें।

  • अब सबसे पहले उन हिस्सों को टारगेट करें जो पूरी तरह सूख चुके हैं, काले या भूरे पड़ गए हैं, या जिन पर किसी बीमारी का असर दिख रहा है।
  • पौधे के बीच में जो टहनियां एक-दूसरे के ऊपर चढ़ रही हों या आपस में रगड़ खा रही हों, उन्हें छांटकर अलग कर दें। 
  • प्रूनिंग पूरी करने के बाद कटे हुए खुले हिस्सों पर थोड़ा सा साफ पानी छिड़क कर गीली हल्दी का पेस्ट या ऑर्गेनिक फंगिसाइड पाउडर जरूर लगाएं। यह एक एंटीसेप्टिक की तरह काम करता है।

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