एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। ढाका में 15 से 25 नवंबर तक आयोजित इस टूर्नामेंट में भारत ने चीनी ताइपे को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। इस जीत में रेडर संजू देवी ने बड़ी भूमिका निभाई है। आज के इस लेख में हम आपको संजू देवी कौन हैं इसके बारे में बताने जा रहे हैं?

कौन हैं संजू देवी?

संजू देवी छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पाली विकासखंड के अंतर्गत आने वाले एक छोटे से वनांचल गांव केराकछार की रहने वाली हैं। 23 वर्षीय संजू साधारण और गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हैं।

उनके पिता रामजी मजदूरी करते हैं और उनकी माता अमरिका बाई एक गृहिणी हैं। आर्थिक तंगी इतनी थी कि परिवार का गुजारा चलाना भी मुश्किल होता था, ऐसे में खेलकूद का सामान या अच्छे जूते खरीदना तो दूर की बात थी। मगर संजू के भीतर खेल के प्रति जो लगन थी, उसने उन्हें इन सारी मुश्किलों से लड़ने की ताकत दी।

संजू देवी के संघर्ष की कहानी

संजू देवी ने अपनी कड़ी मेहनत और पक्के इरादे के बल पर स्थानीय मैदानों से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उन्होंने अपनी रफ्तार और शानदार रेडिंग स्किल से सबको हैरान कर दिया। साल 2025 में हुए महिला कबड्डी विश्व कप में उन्होंने भारत को विजेता बनाने में अहम योगदान दिया था। उस विश्व कप में उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें 'मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर' (MVP) के खिताब से नवाजा गया था। इसके बाद उन्होंने एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में भी भारत के लिए उम्दा प्रदर्शन किया।

संजू देवी को सरकार से मिला सम्मान

संजू देवी की इन शानदार उपलब्धियों और देश का मान बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने भी उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया। उनकी विश्व कप सफलता और अंतरराष्ट्रीय योगदान को देखते हुए राज्य सरकार ने उन्हें 50 लाख रुपये की बड़ी प्रोत्साहन राशि भेंट की थी। संजू देवी आज छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश की बेटियों के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं।

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Image Credit- https://www.olympics.com/