Indian Women's Golf Achievement: प्रणवी उर्स ने शनिवार को एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बनकर इतिहास रच दिया। एशियाई खेलों में महिला गोल्फ में व्यक्तिगत गोल्ड और टीम सिल्वर जीतकर प्रणवी ने भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। 15-अंडर 195 के स्कोर के साथ तीन-शॉट की बढ़त लेकर फाइनल राउंड में उतरीं 23 साल की प्रणवी ने आखिरी होल पर जबरदस्त संयम दिखाया और जीत हासिल की। भारत के नाम पहले पुरुषों के गोल्फ में तीन गोल्ड मेडल (1982 और 2002 में) और महिलाओं के गोल्फ में अदिति अशोक के जरिए सिर्फ एक सिल्वर मेडल था।
वहीं आइची-नागोया में प्रणवी का गोल्ड और सिल्वर जीतना महिला गोल्फ में देश के लिए शानदार पल है। नीचे लेख में जानें प्रवणी उर्स कौन हैं और कहां से ताल्लुक रखती हैं?
कौन हैं प्रणवी उर्स?
कर्नाटक के मैसूर में 15 अप्रैल 2003 को जन्मीं प्रणवी ने अपने पिता और भाई से प्रेरित होकर छह साल की उम्र में गोल्फ खेलना शुरू किया था। उन्होंने जूनियर और एमेच्योर सर्किट में कामयाबी हासिल की, जिसमें 2018 में थाईलैंड में सिंघा वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप और ऑल इंडिया जूनियर गर्ल्स चैंपियनशिप जीतना शामिल है। इसके बाद 2020 में वे प्रोफेशनल गोल्फर बनीं।
2023 में हांग्जो एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए, वे महिला टीम इवेंट में चौथे स्थान पर रहीं और बहुत कम अंतर से मेडल जीतने से चूक गईं। तब से, प्रणवी ने इंटरनेशनल सर्किट में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने लेडीज यूरोपियन टूर (LET) जैसे इवेंट्स में हिस्सा लिया है और 2024 अंडालूसिया कोस्टा डेल सोल ओपन डी एस्पाना में तीसरा स्थान हासिल किया है।
प्रणवी को 2023 में मिल चुका है 'अर्जुन अवॉर्ड'
प्रणवी को साल 2023 में भारत सरकार ने प्रतिष्ठित 'अर्जुन अवॉर्ड' से सम्मानित किया था। साथ ही, ओलंपिक की तैयारी के लिए खास मदद पाने के मकसद से उन्हें जनवरी 2022 में टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम के कोर ग्रुप में शामिल किया गया था। आइची-नागोया में मिली ऐतिहासिक जीत हासिल की।
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