शादी के बाद एक महिला चाहती है कि उसका पति और उसका मायका आपस में प्यार और सम्मान के साथ रहें, लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता है। कई बार उनके पति मायके वालों से बात करना तो दूर, उनका फोन आने पर भी कतराते हैं। ऐसी स्थिति में एक पत्नी खुद को दोनों परिवारों के बीच सैंडविच की पिस जाती है। एक तरफ माता-पिता की याद और दूसरी तरफ जीवनसाथी का साथ। ऐसे में कुछ तरीके इस समस्या को दूर कर सकते हैं। इनके बारे में पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि पति आखिर क्यों बना लेते हैं मायके वालों से दूरी और कैसे करें डील? इसके लिए हमने कोच और हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट, साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) से भी बात की है। जानते हैं इस लेख के माध्यम से...

पति आखिर क्यों बना लेते हैं मायके वालों से दूरी?

कई बार शादी की रस्मों या किसी फैमिली बातचीत के दौरान हुई कोई अनबन या गलतफहमी मन में बैठ जाती है। कुछ लड़के इंट्रोवर्ट स्वभाव के कारण भी वे नए लोगों से जल्दी घुल-मिल नहीं पाते और दूरी बना लेते हैं। 

इसके अलावा, अगर पत्नी बात-बात पर मायके की तुलना ससुराल से करती है या पति के सामने मायके वालों की तारीफों के पुल बांधती है, तो इससे भी ईर्ष्या का शिकार हो जाते हैं। 

कैसे करें इस परिस्थिति से डील?

  • अपने पति को मायके वालों से बात करने या उनके घर चलने के लिए बार-बार मजबूर न करें। 
  • कभी भी अपने पति के सामने मायके के पैसों, लाइफस्टाइल या तौर-तरीकों की तुलना अपने ससुराल से न करें। 

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  • मायके में होने वाले छोटे-मोटे इवेंट्स या त्योहारों पर पति के हाथों से गिफ्ट्स भिजवाएं या उनके सामने मायके वालों की सिर्फ अच्छी बातें ही रखें।

नोट - इस समस्या का समाधान केवल शांत दिमाग से की गई बातचीत से ही संभव हो सकता है। किसी अच्छे मूड में अपने पार्टनर के पास बैठें और बिना किसी गिल्ट या गुस्से के उनसे पूछें कि आखिर उन्हें किस बात का बुरा लगा है। उनकी शिकायत को बिना टोकना-टाकी किए ध्यान से सुनें।

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