आपने देखा होगा कि आजकल मोबाइल पर घर बैठे तुरंत लोन मिलने के मैसेज आते हैं। इन्हें डिजिटल लेंडिंग ऐप, फिनटेक या लोन ऐप कहा जाता है। ये ऐप्स कुछ ही घंटों में लोन पास कर देते हैं। हर कंपनी फर्जी नहीं होती और मुसीबत में इनसे तुरंत मदद भी मिल जाती है, लेकिन इनमें काफी सावधान रहने की जरूरत है।

गैर-कानूनी लोन ऐप्स का जाल

भारत में ऐसे बहुत से लोन ऐप्स आ गए हैं जो मिनटों में पैसे देने का दावा करते हैं। रिजर्व बैंक के मुताबिक यह तरीका सुरक्षित नहीं है। ज्यादातर ऐसे ऐप्स को रिजर्व बैंक से लोन देने की मंजूरी नहीं मिली होती है और इनका किसी बैंक से कोई संबंध नहीं होता।

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क्या है असली समस्या?

रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार देश में 1,100 से ज्यादा लोन ऐप्स हैं, जिनमें से आधे से अधिक गैर-कानूनी हैं। ये ऐप्स आपसे आधार या पैन कार्ड लेकर तुरंत लोन दे देते हैं। ऐप डाउनलोड करते ही यह आपके फोटो और कॉन्टैक्ट लिस्ट का एक्सेस ले लेता है। लोन मिलते ही आपकी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। ये ऐप्स 25 से 50 परसेंट तक का भारी ब्याज लेते हैं और लेट होने पर रोज हजारों रुपये का जुर्माना लगा देते हैं।

पैसे वापस न देने पर ब्लैकमेलिंग

समय पर लोन न चुकाने पर रिकवरी एजेंट फोन पर धमकियां देने लगते हैं। वे आपके दोस्तों और रिश्तेदारों को फोन करके या मैसेज भेजकर आपको परेशान करते हैं। कई बार ये आपकी पर्सनल फोटो सोशल मीडिया पर डालकर बदनाम भी कर देते हैं। इसके अलावा लोन देने से पहले ही ये फीस के नाम पर 2 से 3 हजार रुपये काट लेते हैं।

सही ऐप की पहचान कैसे करें?

सही और असली ऐप नियमों को लेकर पूरी तरह साफ होता है। वह लोन देने से पहले कागजात और ईएमआई (EMI) की पूरी जानकारी देता है। जो ऐप पहले ही एडवांस पैसे मांगे या आपकी पर्सनल डिटेल मांगे, उससे दूर रहें। इन अनऑफिशियल ऐप्स पर रिजर्व बैंक का सीधा कंट्रोल नहीं होता, इसलिए ये मनमानी करते हैं।

लोन लेने से पहले ध्यान रखें ये बातें

कहीं से भी लोन लेने से पहले ब्याज दर, चुकाने का समय और एक्स्ट्रा चार्ज अच्छी तरह समझ लें। हमेशा अपनी क्षमता के हिसाब से ही लोन लें। अगर अचानक पैसों की जरूरत पड़े, तो लोन ऐप के बजाय बैंक से एफडी (FD), एलआईसी (LIC) पॉलिसी, गोल्ड लोन या अपने पीएफ (PF) अकाउंट से पैसे निकालना ज्यादा सुरक्षित रहता है। किसी भी अजनबी ऐप को अपने कागजात न दें और फ्रॉड होने पर साइबर सेल या रिजर्व बैंक के सचेत पोर्टल पर शिकायत करें।

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यह भी न भूलें

ऐप डाउनलोड करने से पहले उसके रिव्यू पढ़ें और परिचितों से राय लें।

  • ऐप की वेबसाइट पर जाकर उसका पता, फोन नंबर और ईमेल आईडी जरूर चेक करें।
  • जिस ऐप की कोई आधिकारिक वेबसाइट न हो, उसे भूलकर भी डाउनलोड न करें।
  • सही समय पर पैसे देने के बाद भी अगर कंपनी परेशान करे, तो तुरंत साइबर पुलिस से शिकायत करें।

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