आजकल की भागदौड़ भरी ज‍िंदगी में काम का प्रेशर और रोजाना की ज‍िम्‍मेदार‍ियां न‍िभाते-न‍िभाते लोग स्‍ट्रेस का श‍िकार हो जाते हैं। खासकर शहरों में रहने वाले लोगों के लिए काम और घर के बीच खुद के लिए समय निकालना मुश्किल होता जा रहा है। कई लोगों के पास लंबी छुट्टी लेने का समय नहीं होता है। ऐसे में उन्‍हें छोटा सा ब्रेक म‍िल जाए, वही उनके ल‍िए बहुत होता है। इन्हीं में से एक है वन-नाइट स्टेकेशन यानी सिर्फ एक रात के लिए होटल या रिजॉर्ट में रुककर खुद को समय देना।

वन-नाइट स्टेकेशन के फायदे

आमतौर पर कोई यह नाम सुनता है तो लोगों को लगता है क‍ि यह सिर्फ घूमने-फिरने या लग्जरी ल‍िव‍िंग जैसा है, लेकिन एक्सपर्ट मानते हैं क‍ि ऐसा छोटा ब्रेक द‍िमागी थकान यानी स्‍ट्रेस को कम करने और खुद को रिलैक्स करने में मदद कर सकता है। प्रदीप सिवाच (जनरल मैनेजर, मेफेयर स्प्रिंग वैली रिजॉर्ट, गुवाहाटी) ने बताया कि आखिर एक रात का ऐसा ब्रेक मन और दिमाग को किस तरह राहत दे सकता है? आइए जानते हैं-

भारत में क्यों बढ़ रही है स्ट्रेस की समस्या?

आपको बता दें क‍ि शहरों में रहने वाले लोगों की लाइफ बहुत बिजी हो गई है। ऑफिस का लंबा समय और घर-परिवार की जिम्मेदारियों के कारण लोग हर समय तनाव में रहते हैं। मैकिन्से हेल्थ इंस्टीट्यूट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में काम के प्रेशा के कारण बर्नआउट भी बहुत तेजी से बढ़ रहा है। देश के करीब 59% कर्मचारी हर दिन लंबे समय तक स्ट्रेस झेलते हैं। प्रदीप सिवाच ने कहा क‍ि आजकल किसी के पास कई दिनों की लंबी छुट्टी लेने का टाइम नहीं होता है। यही वजह है कि लोग स्‍ट्रेस दूर करने के लिए 1-2 दिन के छोटे ब्रेक (जैसे वीकेंड ट्रिप या स्टेकेशन) ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें- खिड़की के बाहर बारिश और हाथ में चाय, इन जगहों पर प्लान करें 'Monsoon Staycation'

नया माहौल से द‍िमाग होता है र‍िलैक्‍स

प्रदीप स‍िवाच का कहना है क‍ि हम हर रोज एक ही घर, एक ही रूट और काम के वही पुराने रूटीन में फंसे रहते हैं। लगातार एक ही रूटीन से दिमाग बुरी तरह थक जाता है। ऐसे में जब आप सिर्फ एक रात के लिए भी किसी होटल या रिजॉर्ट में स्‍टे करते हैं, तो आपकाे नयापन म‍िलता है। नई जगह पर रहने से रोज की उबाऊ लाइफस्‍टाइल से कुछ अलग महसूस होता है। उन्‍होंने बताया क‍ि साइकोलॉजी में इसे नॉवेल्टी इफेक्ट (नयापन का असर) कहते हैं। जब दिमाग को कुछ नया दिखता है, तो शरीर में डोपामाइन (खुशी देने वाला हार्मोन) बढ़ता है। यानी घर और ऑफिस के वही पुराने रूटीन से सिर्फ 1 दिन का ब्रेक भी आपके थके हुए दिमाग को रीफ्रेश कर सकता है।

यह भी पढ़ें- दिल्ली के पास 5 खूबसूरत रिसॉर्ट में 2000 से कम में मनाएं छुट्टियां

घर के कामों से भी मिलता है ब्रेक

कई बार स्‍ट्रेस की वजह सिर्फ ऑफिस नहीं होता है। घर की जिम्मेदारियां भी कई बार स्‍ट्रेस का कारण बन जाती हैं। खाना बनाना, सफाई करना और दूसरी चीजों के बीच अपने लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में होटल या रिजॉर्ट में रहने का फायदा यह होता है कि खाने-पीने और शरीर की देखभाल जैसी चीजों की जिम्मेदारी वहां का स्टाफ संभालता है। इससे आपको कुछ समय अपने आपको दे पाती हैं। यही चेंज मन को आराम देता है।

एक ही रात में क्या-क्या कर सकते हैं?

वन-नाइट स्टेकेशन का मतलब सिर्फ कमरे में सोना नहीं है। इस छोटे से ब्रेक में अपनी पसंद के हिसाब से कई आराम वाली चीजें की जा सकती हैं। आप इन चीजों को अपने स्टे का हिस्सा बना सकती हैं-

  • स्पा या मसाज का मजा लें।
  • सैलून में कुछ समय बिताएं।
  • पूल में स्विमिंग करें।
  • शांत जगह पर बैठकर आराम करें।
  • किसी कैनोपी लाउंज में समय बिताएं।
  • होटल या रिजॉर्ट में खाना खाकर रोज के किचन काम से ब्रेक लें।

इसल‍िए अगर आपके पास लंबी छुट्टी का समय नहीं है तो कभी-कभी सिर्फ एक रात का स्टेकेशन भी रोज की भागदौड़ से थोड़ा अलग हो सकता है। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

यह भी पढ़ें- सोशल लाइफ से लेकर मेंटल हेल्थ तक, क्यों जरूरी बनता जा रहा है Third Place?

Image Credit- Freepik/AI