भारत में गंगा नदी को स‍िर्फ एक नदी ही नहीं बल्‍क‍ि मां का दर्जा द‍िया गया है। इस पवि‍त्र नदी से करोड़ों लोगों की आस्‍था जुड़ी हुई है। उत्तराखंड के पहाड़ों से न‍िकलकर ये नदी हजारों क‍िलोमीटर का सफर तय करती है और आख‍िरकार समुद्र में जाकर म‍िल जाती है। गंगा नदी कई राज्‍यों को पानी देती है। इससे खेती को भी पूरा सपोर्ट म‍िलता है। साथ ही लाखों लोगों की रोजाना की जरूरतें भी पूरी होती हैं।

इसी कारण गंगा नदी को भारत की लाइफलाइन भी कहा जाता है, लेक‍िन क्‍या आप जानती हैं क‍ि मां गंगा की शुरुआत कहां से होती है और समुद्र तक पहुंचने से पहले ये क‍िन-क‍िन जगहों से होकर गुजरती है? आइए जानते हैं गंगा नदी के पूरे सफर के बारे में-

कहां से निकलती हैं मां गंगा?

गंगा नदी का उद्गम उत्तराखंड में स्थित गंगोत्री ग्लेशियर से हो है। इस ग्लेशियर के पास गौमुख नाम की एक जगह है, जहां से भागीरथी नदी निकलती है। भागीरथी को ही गंगा की मुख्य धारा माना जाता है। आपको बता दें क‍ि हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ट्रैक‍िंग का शौक रखने वाले लोग गौमुख और गंगोत्री के दर्शन करने पहुंचते हैं।

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देवप्रयाग में मिलता है गंगा नाम

गौमुख से निकलने वाली भागीरथी नदी आगे बढ़ते हुए देवप्रयाग पहुंचती है। यहां पर इसका संगम अलकनंदा नदी से होता है। इसी संगम के बाद नदी को गंगा नाम मिलता है। आप सभी ने देवप्रयाग में ये खूबसूरत नजारा जरूर देखा होगा, जहां दो नद‍ियां आपस में एक साथ म‍िलती हैं। देवप्रयाग उत्तराखंड के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है।

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ऋषिकेश और हरिद्वार से मैदानों में प्रवेश करती है गंगा नदी

अब देवप्रयाग से आगे आते हुए गंगा नदी ऋषिकेश और हरिद्वार पहुंचती है। हरिद्वार वही जगह है जहां गंगा पहाड़ों को छोड़कर मैदानों में आती है। यहां पर हर रोज मां गंगा की भव्‍य पूजा की जाती है। हरिद्वार और ऋष‍िकेश की गंगा आरती तो दुनियाभर में फेमस है। शाम के समय तो यहां का नजारा देखने लायक होता है।

कई राज्यों की लाइफलाइन हैं मां गंगा

उत्तराखंड से निकलने के बाद गंगा नदी यूपी, बिहार, झारखंड और वेस्‍ट बंगाल से होकर गुजरती है। इस दौरान ये कई बड़े शहरों जैसे कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, पटना और कोलकाता के पास से बहती है। प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है। वहीं वाराणसी की बात करें ताे गंगा की खूबसूरती घाटों पर साफ द‍िखती है। यहां पर भी हर रोज गंगा आरती होती है। इस दौरान हजारों लोग इस आरती में शामि‍ल होते हैं।

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गंगा नदी की लंबाई कितनी है?

अब आप सोच रही होंगी क‍ि जब गंगा नदी इतने शहरों से हाेकर बहती है तो इसकी लंबाई क‍ितनी होगी? तो आपको बता दें क‍ि गंगा नदी की कुल लंबाई लगभग 2,525 किलोमीटर है। ये भारत की सबसे जरूरी नदी मानी जाती है।

खेती को भी सपोर्ट करती है गंगा नदी

आमतौर पर लोगों को लगता है क‍ि गंगा नदी का सिर्फ धार्मिक महत्व ही है, लेक‍िन ऐसा नहीं है। गंगा नदी से खेती को भी पूरा सपोर्ट म‍िलता है। इसके पानी से लाखों हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होती है।

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आखिर समुद्र में कहां मिलती है गंगा?

अब सवाल आता है क‍ि गंगा नदी समुद्र में कहां म‍िलती है। दरअसल, वेस्‍ट बंगाल पहुंचने के बाद गंगा नदी कई धाराओं में बंट जाती है। आगे जाकर गंगा नदी दुनिया का सबसे बड़ा डेल्टा बनाती है, जिसे हम सुंदरबन के नाम से जानते हैं। इसके बाद गंगा का पानी बंगाल की खाड़ी (Bay Of Bengal) में जाकर मिल जाता है।

तो अब तो आपको मालूम चल गया होगा क‍ि गंगा नदी पहाड़ों से होकर समुद्र में कैसे म‍िल जाती है। ये भारत की संस्कृति, इतिहास और आस्था की कहानी भी है। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Source-
https://nmcg.nic.in/hi/courseofganga.aspx

Image Credit- Incredible India/Gemini