अरे! क्या बताऊं बडी गडबड हो गई। आज मुझे बैंक से वापस लौटना पडा क्योंकि मैं अपने साथ आईडी प्रूफ ले जाना भूल गया था। मैं डॉक्टर को पेट दर्द के साथ उल्टी और मिचलाने की बात बताना ही भूल गई...। हममें से कई लोगों को किसी जरूरी काम के दौरान अक्सर ऐसी दिक्कतों का सामना करना पडता है। आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? दरअसल, अपने जरूरी कार्यों के प्रति पूर्व-तैयारी न होने और लापरवाही की आदत की वजह से ही लोगों को ऐसी परेशानियां उठानी पडती हैं। आइए जानते हैं कि किन कार्यों के पहले आपकी कैसी तैयारी होनी चाहिए।

1. बैंक या सरकारी ऑफिस में जाना

यह सच है कि इंटरनेट की वजह से आजकल वित्तीय लेन-देन से संबंधित ज्यादातर कार्यों के लिए आपको बैंक, पोस्ट ऑफिस और एलआईसी ऑफिस जैसी जगहों पर खुद जाने की जरूरत नहीं पडती।

फिर भी कुछ कार्य ऐसे होते हैं, जिनके लिए ऐसी जगहों पर आपकी उपस्थिति अनिवार्य होती है। अगर आपको वहां जाना हो तो आपके लिए यह तैयारी जरूरी है:

  • कवर फाइल: आपके पास एक अच्छी कवर फाइल होनी चाहिए, जिसमें आपके सभी कागजात सुरक्षित तरीके से रखे जा सकें।
  • पहचान पत्र: अपने साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र जैसे ओरिजिनल पहचान पत्र और उनकी फोटोकॉपी ले जाना न भूलें।
  • बैंकिंग टूल्स: चेक बुक, पासबुक और डेबिट/क्रेडिट कार्ड भी आपके पास ही होना चाहिए।
  • जरूरी स्टेशनरी: नीले रिफिल वाला बॉलपेन, पासपोर्ट साइज की दो-चार तस्वीरें, स्टिक ग्लू और छोटा स्टेप्लर जैसी चीजें भी अपने साथ रखें ताकि वहां पहुंचने के बाद इन चीजों को जुटाने की कोशिश में अनावश्यक देर न हो।

2. ऑफिस मीटिंग में जाना

अगर वहां आपको कोई प्रेजेंटेशन देना है तो ध्यान रहे कि कम से कम मीटिंग के दो दिन पहले उसे पूरी तरह तैयार कर लें और खुद भी उसका डेमो देने की प्रैक्टिस कर लें।

  • गेजेट्स की तैयारी: मीटिंग वाले दिन अपने लैपटॉप को फुल चार्ज कर लें। अगर संभव हो तो मीटिंग शुरू होने से पहले कॉन्फ्रेंस हॉल में जाकर वहां की व्यवस्था का निरीक्षण कर लें, ताकि मीटिंग के दौरान आपको कोई असुविधा न हो।
  • नोट्स: मीटिंग में आपको किन विषयों पर बोलना है, पहले से उसका एक संक्षिप्त नोट बना लें।
  • वर्क फ्रॉम होम मीटिंग: कोरोना-काल खत्म होने के बाद भी कुछ कंपनियों में अब भी वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था है। उस दौरान अगर कभी मीटिंग हो तो उसके लिए फॉर्मल कपडों के साथ अच्छी तरह तैयार हों और इस बात का पूरा ध्यान रखें कि आसपास किसी तरह का शोर न हो।

3. हॉस्पिटल या डॉक्टर से मिलना

अगर डॉक्टर के पास जाने के बाद आप कुछ बातें बताना भूल जाते हैं तो मोबाइल या किसी नोटबुक में अपनी सभी समस्याओं का संक्षिप्त नोट बना लें।

  • वैक्सीन और मेडिकल हिस्ट्री: अगर आपको कोविड के दोनों टीके लग चुके हैं, तो उसका प्रमाणपत्र अपने मेल पर सेव करके रखें। 
  • टेंपरेचर चार्ट: अगर बुखार से जुडी समस्या हो तो अपने साथ टेंपरेचर चार्ट भी ले जाना चाहिए, जिसमें हर चार घंटे के अंतराल पर बुखार देखने के बाद शरीर का तापमान नोट किया गया हो।
  • आरामदेह कपडे: व्यक्ति को हमेशा ढीले और आरामदेह कपडे पहनने चाहिए ताकि बीपी चेक करने में कोई परेशानी न हो।
  • जांच से जुडी सावधानियां: अगर आपको पैथोलॉजिकल टेस्ट, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड या एमआरआई जैसी जांच के लिए जाना हो तो जांच से पहले बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

4. पेरेंटिंग मीटिंग

स्कूल में पेरेंट्स-टीचर्स मीटिंग के लिए जब भी आप बच्चे के स्कूल में जाते हैं तो उसके लिए भी तैयारी जरूरी है, क्योंकि दो-तीन घंटे की सीमित अवधि में टीचर को 30-35 बच्चों के माता-पिता से बातचीत करनी होती है। लिहाजा उनके पास बहुत ज्यादा समय नहीं होता। इसलिए वहां जाने से पहले आपके पास यह तैयारी जरूर होनी चाहिए:

  • बच्चे से बातचीत: मीटिंग के एक-दो दिन पहले ही अपने बच्चे के साथ उसके स्कूल और पढाई संबंधी समस्याओं के बारे में खुलकर बातचीत करें। 
  • शिकायतों की नोटिंग: स्कूल के स्टाफ या किसी स्टूडेंट के व्यवहार और सफाई आदि को लेकर अगर बच्चे को कोई शिकायत हो तो अपनी नोटबुक में ऐसी सभी समस्याओं को दर्ज कर लें।
  • सुनें और समझे: मीटिंग के दौरान अपने मोबाइल को साइलेंट मोड पर रखें, टीचर की सारी बातें ध्यान से सुनें और संक्षिप्त रूप से बच्चे से जुडी समस्याओं के बारे में उन्हें जरूर बताएं।

अगर आप रोजमर्रा के छोटे-छोटे कार्यों के लिए पहले से थोडी तैयारी रखेंगी तो हमेशा तनावमुक्त और आत्मविश्वासी रहेंगी। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

सखी फीचर

Images: magnific