भारत का इतिहास ऐसी कई महान और साहसी महिलाओं से भरा पड़ा है, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, बुद्धिमत्ता और अदम्य साहस से समाज की रूढ़ियों को तोड़ा। साथ ही देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया। इन असाधारण महिलाओं के योगदान को समय-समय पर दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन Google ने भी अपने खास Doodle के जरिए सम्मान दिया। आज के इस लेख में हम आपको उन भारतीय महिलाओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें गूगल ने अपने डूडल पर जगह दी।
गूगल ने किन महिलाओं को डूडल पर दिया सम्मान?
महिलाओं के लिए समाज में खुद के लिए जी पाना कभी-भी आसान नहीं रहा है। मगर उन्होंने इन सारी रूढ़िवादी सोच को तोड़कर समाज सुधार में योगदान दिया।
| नाम | Google ने Doodle पर क्यों दिया सम्मान(योगदान) | जन्म तिथि | मृत्यु तिथि |
| सावित्रीबाई फुले | भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारिका, जिन्होंने महिलाओं और पिछड़ों के लिए सबसे पहले स्कूल की नींव रखी। | 3 जनवरी 1831 | 10 मार्च 1897 |
| डॉ. आनंदी गोपाल जोशी | 19वीं सदी के अंत में अमेरिका जाकर डॉक्टर की डिग्री हासिल करने वाली भारत की पहली महिला चिकित्सक। | 18 जुलाई 1865 | 26 फरवरी 1887 |
| शकुंतला देवी | गणित की अद्भुत प्रतिभा और 'ह्यूमन कैलकुलेटर' के रूप में मशहूर, जिन्होंने जटिल गणनाओं से दुनिया को हैरान किया। | 4 नवंबर 1929 | 21 अप्रैल 2013 |
| असीमा चटर्जी | प्रसिद्ध भारतीय रसायनशास्त्री, जिन्होंने औषधीय रसायन और मलेरिया-मिर्गी की दवाइयों पर महत्वपूर्ण शोध किया। | 23 सितंबर 1917 | 22 नवंबर 2006 |
| अन्ना मणि | भारत की प्रमुख महिला मौसम विज्ञानी और भौतिकशास्त्री, जिन्होंने मौसम पूर्वानुमान और वैज्ञानिक उपकरणों के विकास में योगदान दिया। | 23 अगस्त 1918 | 16 अगस्त 2001 |
| पी. के. रोजी | मलयालम सिनेमा की पहली महिला अभिनेत्री, जिन्होंने कड़े सामाजिक विरोध के बावजूद अभिनय के क्षेत्र में ऐतिहासिक शुरुआत की। | 18 फरवरी 1903 | 1988 |
इन महिलाओं को Doodle ने दिया खास सम्मान
भारत का इतिहास ऐसी कई असाधारण महिलाओं से भरा है, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और साहस से समाज की रूढ़ियों को तोड़ा। साथ ही उनके इस अमूल्य और ऐतिहासिक योगदान को दुनिया ही नहीं बल्कि Google भी भूल नहीं पाया है।
1. सावित्रीबाई फुले
भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारिका सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा की अलख जगाई। यह काम उन्होने तब किया जब महिलाओं और पिछड़ों को पढ़ने का अधिकार नहीं था। अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर उन्होंने लड़कियों के लिए देश के पहले स्कूलों की नींव रखी। समाज के तमाम विरोधों और कड़वे अनुभवों को सहते हुए उन्होंने महिलाओं और दलितों के उत्थान के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनके इस महान शैक्षिक योगदान को सम्मान देते हुए गूगल ने उनके जन्मदिन पर विशेष डूडल बनाया था।
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2. डॉ. आनंदी गोपाल जोशी
आनंदी गोपाल जोशी भारत की पहली महिला डॉक्टर थीं, जिन्होंने अपनी पढ़ाई के19वीं सदी के अंत में कठिन परिस्थितियों के बावजूद अमेरिका जाकर डॉक्टर की डिग्री हासिल की थी। कम उम्र में विवाह और तमाम सामाजिक बाधाओं का सामना करने के बाद भी उनका मेडिकल के प्रति जज्बा कम नहीं हुआ। भारत लौटकर वे महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनीं। उनके संघर्ष और चिकित्सा क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक कदम को याद करते हुए गूगल ने उनके जन्मदिन पर डूडल के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दी थी।
3.होमई व्यारावाला
भारत की पहली महिला फोटो जर्नलिस्ट होमई व्यारावाला (जिन्हें 'डालिया' के नाम से भी जाना जाता है) ने अपने कैमरे के लेंस से देश के इतिहास को बनते हुए देखा था। आजादी के आंदोलन से लेकर भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी और विदेशी मेहमानों तक, के ऐतिहासिक पलों को उन्होंने अपने कैमरे में कैद किया। पुरुष-प्रधान माने जाने वाले इस क्षेत्र में उन्होंने अपनी मजबूत पहचान बनाई। गूगल ने उनकी 104वीं जयंती पर एक खूबसूरत डूडल बनाकर उन्हें 'फर्स्ट लेडी ऑफ द लेंस' के रूप में सम्मानित किया था।
4. शकुंतला देवी
गणित की दुनिया में 'ह्यूमन कैलकुलेटर' के नाम से मशहूर शकुंतला देवी ने अपनी गजब की मानसिक गणनाओं से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था। बिना किसी आधुनिक कंप्यूटर के वे बड़े से बड़े जटिल गणितीय सवालों का जवाब सेकेंड में दे देती थीं। उनके इसी अद्भुत टैलेंट के कारण उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हुआ। गणित के प्रति लोगों का डर दूर करने और भारत का गौरव बढ़ाने वाली शकुंतला देवी के सम्मान में गूगल ने उनके जन्मदिन पर एक विशेष एनिमेटेड डूडल जारी किया था।
5. असीमा चटर्जी
प्रसिद्ध भारतीय रसायनशास्त्री असीमा चटर्जी विज्ञान के क्षेत्र में रिसर्च करने वाली और डॉक्टरेट (Ph.D.) की डिग्री पाने वाली शुरुआती भारतीय महिलाओं में से एक थीं। इन्होंने मुख्य रूप से प्राकृतिक उत्पादों और औषधीय रसायन विज्ञान पर महत्वपूर्ण कार्य किया, जिससे मिर्गी और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयां बनाने में बहुत मदद मिली। विज्ञान जगत में महिलाओं के लिए नए रास्ते खोलने वाली असीमा चटर्जी के योगदान के लिए गूगल ने उनके जन्मदिवस पर डूडल समर्पित किया था।
6. अन्ना मणि
भारत की पहली महिला मौसम विज्ञानी अन्ना मणि ने देश में मौसम के पूर्वानुमान और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में काम किया। उन्होंने कई ऐसे वैज्ञानिक उपकरणों का डिजाइन तैयार किया। इसका उपयोग आज भी मौसम की सटीक जानकारी के लिए किया जाता है। विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में उनकी इस महान उपलब्धियों को याद करते हुए गूगल ने उनके 104वें जन्मदिन पर एक विशेष डूडल बनाकर उन्हें याद किया था।
7. आर. पी. रोजी
पी. के. रोजी मलयालम सिनेमा की पहली महिला अभिनेत्री थीं, जिन्होंने 1928 में आई फिल्म विगाथाकुमारन में काम किया था। उस दौर में जब फिल्मों में महिलाओं का काम करना सामाजिक रूप से माना था। उस दौरान उन्होंने यह साहसिक कदम उठाया था। हालांकि, उस समय कड़े सामाजिक विरोध के कारण उन्हें गुमनामी का जीवन जीना पड़ा। मगर सिनेमा जगत में उनके इस ऐतिहासिक और साहसी योगदान को अमर बनाने के लिए गूगल ने उनके जन्मदिन पर एक शानदार डूडल के जरिए उन्हें नमन किया।
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निष्कर्ष
इन सभी महान महिलाओं ने अपनी कड़ी मेहनत, संघर्ष और अदम्य साहस से साबित कर दिया कि यदि इरादे मजबूत हों, तो हर सामाजिक दीवार को गिराया जा सकता है। गूगल द्वारा डूडल के माध्यम से इन्हें दिया गया सम्मान इस बात का प्रमाण है कि इनका यह संघर्ष और योगदान इतिहास के पन्नों में अमर है, जिसे आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी।
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Image Credit- Google.Com
