कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और हौसले के आगे बड़ी से बड़ी मुश्किलें भी घुटने टेक देती हैं। इस बात को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में गरुड़ तहसील के ग्राम पंचायत हवील कुलवान की रहने वाली बेटी नेहा कांडपाल ने सच कर दिया है। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली नेहा ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में असिस्टेंट कमांडेंट का पद हासिल करके अपने माता-पिता का नाम रोशन कर लिया है। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर सपने देखने की हिम्मत हो और उन्हें पूरा करने के लिए जी-तोड़ मेहनत की जाए, तो सफलता की कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

नेहा कांडपाल ने कहां से पढ़ाई की?

नेहा कांडपाल का यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति शुरू से ही काफी सामान्य रही। पिता ने कभी भी अपनी आर्थिक तंगी को नेहा की पढ़ाई के रास्ते में रुकावट नहीं बनने दिया। नेहा ने अपनी दसवीं की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय, सीमार से पूरी की, जबकि बारहवीं की शिक्षा उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज, सिरकोट से प्राप्त की।

नेहा की इस कामयाबी पर राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट, विधायक पार्वती दास और पूर्व विधायक ललित फर्सवाण सहित तमाम प्रमुख लोगों ने उन्हें बधाई दी।

आईटीबीपी (ITBP) क्या है?

ITBP का पूरा नाम भारत-तिब्बत सीमा पुलिस है। यह भारत के पांच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में से एक है, जिसकी स्थापना 24 अक्टूबर 1962 को हुई थी। इस बल को मुख्य रूप से भारत और चीन के बीच लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक की लगभग 3488 किलोमीटर लंबी दुर्गम और ऊंची बर्फीली सीमाओं की सुरक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अपनी बहादुरी के लिए पहचाने जाने वाले आईटीबीपी के जवान अत्यधिक ठंड, माइनस तापमान और ऊंचे पहाड़ों जैसी कठिन परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं की मुस्तैदी से रक्षा करते हैं। सीमाओं की रखवाली के अलावा, यह बल देश के भीतर आंतरिक सुरक्षा, प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत और बचाव कार्य चलाने, और चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से कराने में भी बहुत अहम भूमिका निभाता है।

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Image Credit- Jagran