हमारी बालकनी या छत पर हरे-भरे पौधे और रंग-बिरंगे फूल अच्छे लगते हैं, लेकिन अक्सर लोगों को एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है- वह है गमलों में पानी का जमा होना। जब भी तेज बारिश होती है या अनजाने में ज्यादा पानी डाल दिया जाता है, तो पानी मिट्टी के ऊपर ही ठहर जाता है। गमले में लंबे समय तक रुका हुआ पानी पौधों की जड़ों को सड़ा देता है, जिससे पत्तियां पीली होकर गिरने लगती हैं और हरा-भरा पौधा कुछ ही दिनों में सूख जाता है। घर में ही कुछ ऐसी चीजें मौजूद हैं, जिन्हें मिट्टी में डालते ही रुका हुआ पानी मिनटों में गायब हो जाएगा। ऐसे में इनके बारे में पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि गमलों में पानी क्यों जमा हो जाता है? जानते हैं इस लेख के माध्यम से...
गमलों में पानी क्यों जमा हो जाता है?
गमले में पानी रुकने या जमा होने का मेन कारण मिट्टी का बहुत ज्यादा सख्त या चिकनी होना है। समय के साथ गमले की मिट्टी नीचे बैठ जाती है और उसमें हवा का वेंटिलेशन पूरी तरह बंद हो जाता है।
गमलों से पानी कैसे निकालें?
नया पौधा लगाते समय समय सबसे नीचे दो-तीन लेयर टिशू पेपर की बिछा दें। इसके ऊपर सूखी पत्तियां या नारियल के छिलके डालें। टिशू पेपर शुरुआती अतिरिक्त नमी को सोख लेगा और सूखी पत्तियां मिट्टी को नीचे के छेद को ब्लॉक नहीं करने देंगी, जिससे पानी तुरंत छनकर बाहर निकल जाएगा।
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आप एक साफ सैनिटरी पैड को पानी में भिगोकर उसके अंदर का हाइड्रो जेल निकाल लें। इस जेल को गमले की मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें। यह जेल अपने वजन से 10 गुना ज्यादा पानी सोखने की क्षमता रखता है। यह एक्स्ट्रा पानी को तुरंत सोख लेगा और जब मिट्टी सूखी होगी, तो पौधों को धीरे-धीरे नमी देता रहेगा।
मिट्टी भरने से पहले गमले के छेद के ठीक ऊपर एक टूटा हुआ मिट्टी का दीया या मोटा कंकड़ उल्टा करके रख दें। इसके बाद ही मिट्टी डालें। यह छोटा सा गार्डनिंग हैक छेद को हमेशा खुला रखता है।
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