सालभर के इंतजार के बाद एक बार फिर घरों को दीयों से सजाने और मां लक्ष्मी के स्वागत का समय आने वाला है। दिवाली सिर्फ रोशनी और मिठाइयों का त्योहार नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की जीत का प्रतीक भी है। अगर आप भी दिवाली की पूजा और तैयारियों की योजना बना रहे हैं, तो जान लीजिए कि इस बार यह पर्व किस दिन मनाया जाएगा और लक्ष्मी पूजा का शुभ समय क्या है?
दिवाली 2026 की क्या है तारीख?
हिंदू धर्म में दिवाली का त्योहार कार्तिक महीने की अमावस्या को मनाया जाता है। साल 2026 में दिवाली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी। इस दिन घरों में दीपक जलाए जाते हैं और मां लक्ष्मी, भगवान गणेश तथा मां सरस्वती की पूजा की जाती है। मान्यता है कि दिवाली की रात मां लक्ष्मी घर में पधारती हैं और अपने भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। आइए पंडित अरुणेश कुमार जी से दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के पूजन का मुहूर्त जानते हैं।
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दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
दिवाली पर प्रदोष काल में मां लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना जाता है। दिल्ली में 8 नवंबर को लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त शाम 5 बजकर 54 मिनट से रात 7 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इस दौरान भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा की जा सकती है।
अमावस्या तिथि शुरू: 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे
अमावस्या तिथि समाप्त: 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे
प्रदोष काल: शाम 5:31 बजे से रात 8:09 बजे तक
ये समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। दूसरे शहरों में सूर्यास्त और स्थानीय पंचांग के हिसाब से पूजा का मुहूर्त कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
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दिवाली क्यों मनाई जाती है?
दिवाली मनाने के पीछे कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। उत्तर भारत में इस त्योहार को भगवान राम के 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने पूरे नगर में दीपक जलाए थे, तभी से दिवाली पर दीप जलाने की परंपरा चली आ रही है।
वहीं, कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दिवाली के दिन मां लक्ष्मी का समुद्र मंथन से प्राकट्य हुआ था। इसलिए इस दिन उनकी पूजा करके धन, सुख और समृद्धि की कामना की जाती है। जैन धर्म में दिवाली भगवान महावीर के निर्वाण दिवस के रूप में मनाई जाती है। सिख धर्म में भी इस दिन का विशेष महत्व है। इसे बंदी छोड़ दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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दिवाली पर क्या-क्या किया जाता है?
दिवाली से पहले लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं। घर के दरवाजों पर रंगोली बनाई जाती है और फूलों से सजावट की जाती है। शाम के समय घरों और मंदिरों में दीपक जलाए जाते हैं। इसके बाद शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और मां सरस्वती की पूजा की जाती है। इस दिन लोग एक-दूसरे को मिठाइयां बांटते हैं और परिवार के साथ त्योहार मनाते हैं। कई जगहों पर नए बही-खातों की पूजा और नए काम की शुरुआत भी की जाती है।
दिवाली के पांच दिनों का त्योहार कब-कब है?
दिवाली का उत्सव केवल एक दिन नहीं, बल्कि पांच दिनों तक चलता है। इस दौरान धनतेरस से लेकर भाई दूज तक अलग-अलग त्योहार मनाए जाते हैं।
धनतेरस: 6 नवंबर 2026, शुक्रवार यानी आज
छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी: 7 नवंबर 2026, शनिवार
दिवाली और लक्ष्मी पूजा: 8 नवंबर 2026, रविवार
गोवर्धन पूजा: 10 नवंबर 2026, मंगलवार
भाई दूज: 11 नवंबर 2026, बुधवार
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इस साल दिवाली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी और लक्ष्मी पूजा का सबसे शुभ समय शाम 5:54 से 7:50 तक है। इस बार पूजा की जल्दबाजी में नहीं, बल्कि पूरे मन से करें, घर साफ हो, दीपक जलाएं और परिवार साथ हो, यही मां लक्ष्मी का असली स्वागत है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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