बच्चे गणित का नाम सुनते ही घबरा जाते हैं और उससे जल्दी पक जाते हैं। अगर आपका बच्चा भी मैथ से डरता है, तो रटने वाले तरीकों को बदलने का समय आ गया है। बच्चों के मन से इस डर को निकालने और उनकी प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स को मजबूत करने के लिए यहां दिए गए कुछ तरीके आपके काम आ सकते है। ऐसे में इनके बारे में पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि बच्चों को गणित को कैसे मजबूत करें? जानते हैं इस लेख के माध्यम से...
फ्लैशकार्ड से आगे बढ़ें
माता-पिता बच्चों को नंबर्स की पहचान कराने के लिए फ्लैशकार्ड का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, सिर्फ कार्ड्स दिखाने से बच्चे कॉन्सेप्ट को नहीं समझ पाते।
इसके लिए आप इन फ्लैशकार्ड्स को एक नए गेम में बदल सकते हैं। आप कार्ड्स को रैंडम न दिखाकर उन्हें सबसे छोटे से सबसे बड़े नंबर के रूप में रखने के लिए कहें। आप कार्ड्स पर लिखे नंबरों को समझाने के लिए कंकड़-पत्थर या क्ले का इस्तेमाल कर सकते हैं।
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छूने वाली एक्टिविटी आएगी काम
गणित को किताबों से बाहर निकालकर छूने और महसूस करने वाली एक्टिविटी बनाएं। बच्चों की रुचि और हॉबी के हिसाब से खेल तैयार करें। अगर आप बच्चे को जियोमेट्री सिखा रहे हैं, तो क्ले की मदद से अलग-अलग शेप्स जैसे ट्रायंगल या स्क्वायर बनवाएं और उन्हें बिल्डिंग ब्लॉक्स की तरह आपस में जोड़ना सिखाएं।
कहानियों से जुड़ाव जरूरी
बच्चों को मैथ सिखाने के लिए ऐसी कहानियों की किताबों की मदद लें, जिनमें नंबरों, पैसों आदि का जिक्र आता हो। कहानी पढ़ते समय दुनिया की अलग-अलग करेंसी के एक्सचेंज रेट की फोटो दिखाएं। इससे न केवल बच्चों की रीडिंग स्किल्स अच्छी होगी, बल्कि वे यह भी देख पाएंगे कि असल जिंदगी में बजट बनाने, सामान खरीदने में गणित का कितना बड़ा और जरूरी महत्व है।
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Images: magnific
