आज के डिजिटल दुनिया में सोशल मीडिया, ईमेल, बैंकिंग और शॉपिंग से लेकर हर छोटी-बड़ी सर्विस के लिए हमारे पास कई अकाउंट्स हैं। हर वेबसाइट और ऐप पर एक नया और अलग पासवर्ड बनाना और फिर उसे याद रखना किसी सिरदर्द से कम नहीं है। इस वजह से हम अक्सर हर जगह एक ही आसान सा पासवर्ड रख देते हैं या फिर हर महीने फॉरगॉट पासवर्ड (Forgot Password) करते हैं। इतना ही नहीं बल्कि इन पासवर्ड को याद रखना मुश्किल भरा काम होता है। इस समस्या का समाधान है पासवर्ड मैनेजर (Password Manager) और एक मास्टर पासवर्ड (Master Password) का इस्तेमाल करना।

पासवर्ड मैनेजर और मास्टर पासवर्ड क्या है?

आसान भाषा में कहें तो पासवर्ड मैनेजर आपकी सभी डिजिटल चाबियों को रखने एक डिजिटल लॉकर की तरह है। इसके लिए आपको बस एक मजबूत और यूनिक मास्टर पासवर्ड बनाना और याद रखना होता है। इसके बाद बाकी के सभी सैकड़ों अलग-अलग अकाउंट्स के लंबे, अटपटे और सुरक्षित पासवर्ड यह मैनेजर खुद याद रखता है।

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आप जब भी किसी वेबसाइट पर लॉगिन करेंगे, यह सॉफ्टवेयर या ऐप खुद-ब-खुद सही पासवर्ड वहां भर देगा। इससे आपको अलग-अलग पासवर्ड याद रखने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती।

कैसे काम करता है मास्टर पासवर्ड वाला यह ऐप?

जब आप किसी पासवर्ड मैनेजर जैसे Bitwarden, 1Password या Google Password Manager का इस्तेमाल शुरू करती हैं, तो यह आपकी सभी जानकारियों को मिलिट्री-ग्रेड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित कर देता है। इसका मतलब यह है कि यह डेटा पूरी तरह से सीक्रेट रहता है और इसे कोई दूसरा व्यक्ति बिना आपकी अनुमति के नहीं पढ़ सकता।

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आपको केवल एक ऐसा मास्टर पासवर्ड चुनना होता है जो कम से कम 12 से 16 अंकों का हो, जिसमें अंग्रेजी के बड़े-छोटे अक्षर, नंबर्स और स्पेशल सिम्बल्स शामिल हों। यह पासवर्ड, मास्टर पासवर्ड को लॉक रखने का काम करता है, इसलिए इसे किसी के साथ शेयर न करें और कहीं लिखकर न रखें।

मास्टर पासवर्ड इस्तेमाल करने के क्या फायदे हैं?

हम जब कभी किसी ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो मन में सवाल आता है कि इस ऐप के नुकसान और फायदे क्या हैं? ऐसे में अगर आप अपने पासवर्ड को सिक्योर रखने के लिए मास्टर पासवर्ड का इस्तेमाल करती हैं, तो इससे पहले जान लें इसके फायदे।

  • हर अकाउंट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड होने से यदि कोई एक अकाउंट हैक भी हो जाता है, तो बाकी के सभी अकाउंट्स पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।
  • बार-बार 'फॉरगॉट पासवर्ड' क्लिक करके नया पासवर्ड सेट करने के झंझट से हमेशा के लिए छुट्टी मिल जाती है। ऑटो-फिल फीचर पलक झपकते ही लॉगिन कर देता है।
  • पासवर्ड मैनेजर केवल असली और अधिकृत वेबसाइट्स पर ही अपना काम करते हैं, जिससे आप नकली या मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट्स के जाल में फंसने से बच जाते हैं।

मास्टर पासवर्ड ऐप का इस्तेमाल करते समय किन बातों का रखें ध्यान?

इस टेक्नोलॉजी को अपनाने के लिए आपको इंटरनेट पर मौजूद किसी भरोसेमंद और प्रमाणित पासवर्ड मैनेजर को अपने फोन या लैपटॉप में इंस्टॉल करना होगा। शुरुआत में यह थोड़ा नया लग सकता है, लेकिन कुछ ही दिनों में यह आपकी आदत बन जाएगी। बस एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि अपना मास्टर पासवर्ड कभी न भूलें, क्योंकि अगर आप उसे भूल गए, तो पासवर्ड मैनेजर भी आपकी मदद नहीं कर पाएगा।

अगर आप अपने अकाउंट्स के पासवर्ड बार-बार भूल जाती हैं, तो मास्टर पासवर्ड का इस्तेमाल आपके काम को आसान बना सकता है। अगर आपको यह लेख अच्छा लगे तो इसे शेयर करें और ऐसे ही आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहे हरजिंदगी के साथ।

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