शादी के बाद संयुक्त परिवार में रहना या अपनी न्यूक्लियर फैमिली बसाना, ये दोनों बातें आज के दौर के कपल्स के बीच एक बड़ा मुद्दा है। हालांकि, नए जोड़े शादी के तुरंत बाद या कुछ समय बाद अलग रहने का फैसला काफी तेजी से ले रहे हैं। समाज भले ही इसे अलग नजर को देखता हो, लेकिन इसके पीछे आज की लाइफस्टाइल, काम का दबाव और पर्सनल प्रायोरिटी से जुड़े कई कारण होते हैं। ऐसे में इन कारणों के बारे में पता होना जरूरी है। आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में बताएंगे कि क्यों आज का युवा न्यूक्लियर फैमिली को चुन रहा है? इसके लिए हमने कोच, हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट और साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) से भी बात की है। जानते हैं आगे...
कपल्स क्यों चुन रहे हैं न्यूक्लियर फैमिली?
इन दिनों कपल्स के अलग रहने का सबसे बड़ा कारण प्राइवेसी और पर्सनल स्पेस की इच्छा रखना है। इसके अलावा घर को चलाने के लिए पति-पत्नी दोनों ही वर्किंग होते हैं, जिससे उनके ऑफिस की टाइमिंग्स और लाइफस्टाइल काफी अलग होती हैं। ज्वॉइंट परिवार में नियम अलग होते हैं, जिससे अक्सर विचारों का टकराव जिसे जनरेशन गैप भी कहते हैं, होने लगता है।
युवा कपल्स अपने घर को अपने मुताबिक सजाना, अपने हिसाब से खाना बनाना और बिना किसी रोक-टोक के वीकेंड्स प्लान करना पसंद करते हैं।
अलग रहने के फायदे और नुकसान
न्यूक्लियर फैमिली का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पार्टनर के बीच आपसी तालमेल और समझ बढ़ती है, क्योंकि वे हर छोटी-बड़ी जिम्मेदारी मिलकर निभाते हैं।
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इसका दूसरा पहलू अकेलापन और सुरक्षा की कमी भी है। वर्किंग कपल्स के लिए बच्चों को अकेले संभालना स्ट्रेस पैदा कर सकता है। साथ ही किसी बीमारी में तुरंत पारिवारिक सपोर्ट नहीं मिल पाता।
एक्सपर्ट की राय
न्यूक्लियर फैमिली में रहना कोई गलत बात नहीं है, लेकिन आप अपने मूल परिवार के साथ भी पूरी तरह नाता न तोड़ें। अगर आप काम या प्राइवेसी की वजह से अलग रह रहे हैं, तो भी माता-पिता से रोज फोन, वीडियो कॉल पर बात करते रहें या वीकेंड्स पर मिलते रहें।
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Images: magnific
