आजकल रिलेशनशिप का मतलब सिर्फ प्यार नहीं रहा। Gen-Z में एक नया शब्द बहुत ट्रेंड कर रहा है सिचुएशनशिप। इसका सीधा मतलब है, रिश्ते में रहना तो है, लेकिन उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेनी। जब तक जरूरत है, साथ हैं, जरूरत खत्म तो दूर। अगर आप भी कन्फ्यूज हैं कि आप प्यार में हैं या सिर्फ सिचुएशनशिप में फंसी हैं, तो आइए एम्स दिल्ली की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और BSF में एमिनेंट फैकल्टी डॉक्‍टर विधि पिलनिया से जानते हैं।

सिचुएशनशिप के संकेत क्या हैं?

अक्सर लोग यह नहीं पहचान पाते हैं कि वो रिलेशनशिप में हैं या सिचुएशनशिप में। नीचे दिए गए सकेंतों से आपको यह पता चल सकता है। आइए जानते हैं।

1. रिश्ते का कोई नाम ही नहीं है

सिचुएशनशिप में आपका पार्टनर कभी भी आपको अपना बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड नहीं कहेगा। अगर आप पूछेंगी कि हम दोनों के बीच क्या है, तो वो बात को हंसी में टाल देगा या कहेगा 'लेबल से क्या होता है, हम खुश तो हैं।' असल में वो किसी भी तरह के कमिटमेंट से बचना चाहता है।

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2. हॉट एंड कोल्ड वाला बर्ताव

यह इस रिश्ते का सबसे बड़ा संकेत है। कभी वो आप पर बेइंतहा प्यार लुटाएगा और कभी अचानक बिना बताए गायब हो जाएगा। मैसेज सीन करके छोड़ देना, कॉल इग्नोर करना और फिर दिनों बाद ऐसे वापस आना जैसे कुछ हुआ ही नहीं। इस On and Off की वजह से आप हमेशा कन्फ्यूज रहती हैं।

3. मुश्किल वक्त में पार्टनर गायब

जब आपको इमोशनल सपोर्ट की सबसे ज्यादा जरूरत होगी, तब वो नहीं होगा, लेकिन जब उसे आपकी जरूरत होगी, चाहे वो इमोशनल हो या फिजिकल, तो वह तुरंत आपके पास आ जाएगा। इसमें सिर्फ अपनी सुविधा देखी जाती है। आपको कभी समझ ही नहीं आएगा कि इस रिश्ते के नियम क्या हैं? क्या आप दूसरे लोगों से मिल सकती हैं? क्या आप एक-दूसरे के लिए loyal हैं? इन सवालों का कोई जवाब नहीं होता। बाउंड्रीज क्लियर न होना सिचुएशनशिप की सबसे बड़ी पहचान है।

4. अपने लोगों से मिलवाने में कतराना

अगर आप चाहती हैं कि वह आपको अपने दोस्तों या फैमिली से मिलवाए और वह हर बार कोई बहाना बना दे, तो यह खतरे की घंटी है। सिचुएशनशिप वाला पार्टनर आपको कभी भी अपनी असली जिंदगी का हिस्सा नहीं बनाता, क्योंकि वह इस रिश्ते को लेकर खुद ही सीरियस नहीं होता।

5. Gaslighting और Manipulation का खेल

कभी भी जब आप उससे उसकी गलती के बारे में पूछेंगी तो वह उल्टा आपको ही गलत ठहरा देगा। 'तुम ज्यादा ही सोचती हो', 'तुम्हें तो हर बात पर शक होता है'। ऐसी बाते बोलकर आपको गिल्टी फील कराएगा। यह एक तरह का इमोशनल मैनिपुलेशन है।

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6. पहले लव बॉम्बिंग, फिर घोस्टिंग

शुरुआत में वह आपको इतना प्यार और अटेंशन देगा कि आपको लगेगा कि सच्चा प्यार मिल गया है, लेकिन जैसे ही आप उस पर निर्भर होने लगेंगी, वह धीरे-धीरे आपको नजरअंदाज करने लगेगा। प्यार दिखाना और फिर गायब हो जाना, यही पैटर्न बार-बार चलता रहता है।

आपकी मेंटल हेल्थ पर इसका गहरा असर पड़ता है

ऐसे रिश्ते में रहने से आपका आत्मविश्वास धीरे-धीरे खत्म होने लगता है। बार-बार रिजेक्ट होने से आप खुद को बेकार समझने लगती हैं। लगातार बनी रहने वाली इमोशनल असुरक्षा से एंग्जायटी और मूड डिसऑर्डर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। सबसे बुरा असर यह होता है कि आप भविष्य में किसी भी सच्चे रिश्ते पर भरोसा नहीं कर पातीं। इसलिए जरूरी है कि शुरुआत में ही इन संकेतों को पहचान कर खुद को इस जहरीले रिश्ते से बाहर निकाल लें।

अगर आपके रिश्ते में ऊपर बताए गए सकेंत नहीं दिखते हैं, तो आप एक काफी अच्छे रिलेशनशिप में हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं है, तो आपको सतर्क रहने की जरूरत है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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