शादी के बाद अक्सर देखा जाता है कि जब एक पत्नी अपने दिल की कोई बात या चिंता पति के सामने रखती है, तो पति उसे बहस या क्लेश समझ लेते हैं। यह स्थिति दोनों के बीच आपसी तालमेल की कमी के कारण पैदा होती है। असल में गलत समय में बोली गई अच्छी भली बातचीत झगड़े का रूप ले लेती है। ऐसे में यह जानना तो बनता है कि पुरुष ऐसा क्यों सोचते हैं और आप बिना किसी स्ट्रेस या भारी बातचीत के अपनी बात उनके सामने कैसे रख सकती हैं? इसके लिए हमने कोच, हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट और साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) से भी बात की है। जानते हैं इसके बारे में...

पुरुष ऐसा क्यों सोचते हैं?

अक्सर पुरुषों और महिलाओं के सोचने और बातचीत करने का तरीका एकदम अलग होता है। महिलाएं जब अपनी कोई परेशानी शेयर करती हैं, तो वे चाहती हैं कि उनकी बात को ध्यान से सुना और समझा जाए। 

इससे अलग पुरुष स्वभाव से 'प्रॉब्लम सॉल्वर' होते हैं। जब आप उनसे कोई बात कहती हैं, तो उन्हें लगता है कि उन पर किसी गलती का आरोप लगाया जा रहा है या उन्हें कोई काम सौंप दिया गया है। 

अपनी बात को सही तरीके से कैसे कहें?

पति को अपनी बात समझाने के लिए आरोप लगाने वाली भाषा के बजाय अपनी भावनाओं को बताने वाली भाषा का इस्तेमाल करें। यह कहने के बजाय कि "आप कभी मेरी बात नहीं सुनते", आप कह सकती हैं कि "जब हम बात नहीं करते, तो मुझे अकेलापन महसूस होता है।" 

एक्सपर्ट की राय

हर गंभीर मुद्दे पर सीधे बातचीत शुरू करने की जरूरत नहीं होती। आप छोटी-छोटी बातों से अपनी सोच को जाहिर कर सकती हैं। जब भी कोई बात रखनी हो, तो पहले पति के कामों की तारीफ करें, फिर अपनी बात कहें। 

बातचीत के दौरान अपना टोन हमेशा धीमा और सौम्य रखें। जब आप बिना गुस्सा हुए, शांत रहकर अपना पक्ष रखती हैं, तो सामने वाले के लिए आपकी बात को समझना और स्वीकार करना बहुत आसान हो जाता है।

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Images: magnific