Parenting Tips: अगर आपका बच्चा भी 2 से 5 साल का है और मॉल, शादी या किसी रिश्तेदार के घर जाते ही जमीन पर लोटने लगता है, खिलौने के लिए जिद करता है या जोर-जोर से रोने लगता है, तो घबराइए मत। आप अकेली नहीं हैं। दरअसल, इस उम्र में बच्चों में नखरे दिखाना एकदम नॉर्मल है। यह उनके विकास का हिस्सा है। इस उम्र में बच्चों को घर और बाहर का फर्क समझ नहीं आता। उन्हें खुद को कंट्रोल करना और अपनी इच्छा को रोकना नहीं आता। पब्लिक प्लेस उनके लिए एक नई और एक्साइटिंग जगह होती है, जहां इतनी भीड़ और शोर से वो ओवरस्टिम्युलेट हो जाते हैं और अपनी फीलिंग्स को कंट्रोल नहीं कर पाते।

एम्स दिल्ली की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और BSF में एमिनेंट फैकल्टी डॉक्‍टर विधि पिलनिया का कहना है कि अक्सर ऐसी स्थिति में माता-पिता बच्चों पर गुस्सा हो जाते हैं, उन्हें डांटते हैं या मार देते हैं, लेकिन ऐसा करने से बच्चा कुछ समझता नहीं है। अगली बार जब बच्चा पब्लिक में जिद करे तो ये 5 स्मार्ट आदतें अपनाएं।

इन 5 तरीकों से बच्चा नहीं करेगा नखरे

अगर आपका बच्चा भी कहीं बाहर जाते वक्त नखरे दिखाता और जिद करता है, तो नीचे दी गई इन बातों को अपनाकर आप उन्हें कंट्रोल कर सकती हैं। आइए जानते हैं।

1. बच्चे के लेवल पर आएं

सबसे पहली और जरूरी बात, आप शांत रहें। जब बच्चा चिल्ला रहा हो, तो आप उसकी एनर्जी पर मत जाएं। खुद को शांत रखें तभी आप उसे समझ पाएंगी। तुरंत डांटने की बजाय पहले कारण समझें। कहीं उसे भूख तो नहीं लगी? नींद आ रही है? डर लग रहा है या भीड़ की वजह से वह थक गया है? उसके लेवल पर बैठकर प्यार से पूछें कि उसे क्या चाहिए?

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2. सुनना जरूरी है, हर जिद पूरी करना नहीं

बच्चे की बात को हमेशा सुनना चाहिए। जैसे की बच्चा मॉल से खिलौने खरीदने को कह रहा है, तो आप उसे सुनें और समझाएं। ऐसा करने से बच्चा आपकी बात समझेगा और जिद नहीं करेगा। साथ ही अगर वह चीज बच्चे को दिलाई जा सकती है तो आप दिला दें। यह आप पर है।

3. घर से निकलने से पहले ब्रीफिंग करें

बच्चा थोड़ा समझदार है, तो बाहर जाने से पहले उसे 2 मिनट की ब्रीफिंग जरूर दें, जैसे कि बेटा हम जहां जा रहे हैं, वहां आपको सबको हेलो बोलना है, ज्यादा शोर नहीं करना है, हम आज सिर्फ कपड़े लेने जा रहे हैं, खिलौने नहीं। जब बच्चे को पहले से पता होता है कि क्या करना है? तो वह कम जिद करता है और शांत रहता है।

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4. बच्चे को बिजी रखें

बच्चा सबसे ज्यादा नखरे अटेंशन के लिए करता है। जब आप किसी पार्टी में किसी से बात करने में बिजी हो जाती हैं, तो उसे लगता है कि उसे भुला दिया गया है। इसलिए उसे इनवॉल्व करें। साथ में कोई छोटा गेम, कलर बुक ले जाएं या उसे छोटा टास्क दे दें जिसे वह बिजी रहे।

5. शर्म के मारे हर जिद पूरी मत करें

कई माएं इस डर से कि पब्लिक में बेइज्जती न हो, बच्चे की हर जिद मान लेती हैं। यह सबसे बड़ी गलती है। इससे बच्चे को आदत पड़ जाती है कि पब्लिक में रोने से हर चीज मिल जाती है। बच्चे सिर्फ डांट से नहीं, इनाम से सीखते हैं। अगर उसने पूरे टाइम अच्छा बर्ताव किया तो तुरंत उसे पॉजिटिव इनाम दें, जैसे उसकी फेवरेट आइसक्रीम दिला दें।

याद रखें, बच्चों में जिद करना कोई बीमारी नहीं है। यह एक दौर है। इस समय आपको बच्चे को कंट्रोल नहीं करना है, बल्कि उसे सब्र सिखाना है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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