सालों से हम राम की कहानी सुनते आ रहे हैं। कभी टीवी पर, कभी किताबों में और कभी बड़े पर्दे पर, लेकिन इस बार कहानी वही है, अंदाज बिल्कुल नया है। 4000 करोड़ के बजट वाली यह फिल्म सिर्फ एक पौराणिक कथा नहीं दिखाती, बल्कि उन किरदारों की अनकही परतें खोलती है, जिन्हें हम अब तक सिर्फ एक ही नजरिए से देखते आए हैं। यहां रावण सिर्फ एक खलनायक नहीं है, सीता सिर्फ एक पत्नी नहीं हैं और लक्ष्मण सिर्फ एक आज्ञाकारी भाई नहीं हैं।

5 नवंबर 2026 को रिलीज हुए पहले भाग ने थिएटर में बैठे हर दर्शक को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर रामायण की ये वाली कहानी इतनी अलग क्यों लग रही है? चलिए जानते हैं वो 5 वजहें, जो इस फिल्म को बाकी सभी रामायण से बिल्कुल अलग खड़ा करती हैं।

रामायण को अलग बनाने वाली 5 बातें

रणबीर कपूर की फिल्म रामायण बाकी सभी रामायण से अलग क्यों है, आखिर क्या है इसकी वजह? आइए जानते हैं यहां-

1. रावण को कहानी की तरह दिखाया गया

अब तक हमने रावण को सिर्फ सोने की लंका के राजा और सीता का हरण करने वाले के रूप में देखा है, लेकिन नितेश तिवारी की फिल्म में रावण की शुरुआत ही उसके बचपन से होती है। फिल्म बताती है कि कैसे असुर परिवार में जन्मा एक बच्चा अपनी मां कैकसी और नाना सुमाली के साथ जमीन के नीचे छिपकर रहने को मजबूर था। अपमान और डर के बीच पला वो लड़का कैसे अपनी ताकत के दम पर तीनों लोकों का मालिक बन गया, यह सफर पहली बार इतने डिटेल में पर्दे पर उतारा गया है।

ब्रह्मा जी की तपस्या और वह वरदान कि उसे सिर्फ एक इंसान ही हरा सकता है, इस सीन को फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा माना जा रहा है। इस किरदार में यश की एंट्री ही थिएटर में तालियां बटोर लेती है।

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2. शूर्पणखा के पति की कहानी

हम सब जानते हैं कि शूर्पणखा की वजह से ही राम और रावण के बीच युद्ध हुआ, लेकिन युद्ध की असली जड़ कहां थी? इस सवाल का जवाब इस फिल्म में मिलता है। फिल्म में दिखाया गया है कि रावण ने ही अपनी बहन के पति विद्युतजीवा को मार दिया था। दोनों के बीच हुई जबरदस्त लड़ाई को पहली बार बड़े पर्दे पर इतने विस्तार से दिखाया गया है। इस रोल में विवेक ओबेरॉय नजर आते हैं और उनका छोटा सा किरदार भी कहानी को एक नया मोड़ दे जाता है।

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3. जटायु Vs रावण

सीता हरण वाला सीन तो हर रामायण में होता है, लेकिन इस बार उसे एक अलग ही लेवल पर फिल्माया गया है। जब रावण सीता जी को लेकर जा रहा होता है, तब जटायु बीच में आ जाते हैं। उन्होंने न सिर्फ पुष्पक विमान को तहस-नहस किया, बल्कि लड़ाई के दौरान 10 सिर वाले रावण का एक सिर ही काट दिया। यह सीन थिएटर में लोगों को सीट से उठने पर मजबूर कर देता है। जटायु को आवाज दी है अनुपम खेर ने, जो इस किरदार में जान डाल देती है।

4. लक्ष्मण का गुस्सा

वनवास की कहानी में हम अक्सर राम के त्याग और सीता के समर्पण पर फोकस करते हैं, लेकिन लक्ष्मण के मन में क्या चल रहा था, यह कोई नहीं दिखाता। इस फिल्म में जब कैकेयी वनवास का वरदान मांगती हैं और राजा दशरथ मजबूर हो जाते हैं, तब लक्ष्मण का गुस्सा फूट पड़ता है। उनका रौद्र रूप, उनका अपने बड़े भाई के लिए प्यार और अन्याय के खिलाफ खड़े होने का अंदाज, इस बार कहानी का सबसे इमोशनल पार्ट बन गया है।

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5. सीता - सिर्फ कोमल नहीं, योद्धा भी हैं

अब तक सीता जी को सिर्फ धैर्य, त्याग और कोमलता की मूर्ति के रूप में दिखाया गया, लेकिन इस फिल्म ने उनकी एक और छवि सामने रखी है। साई पल्लवी वाली सीता सिर्फ महल की राजकुमारी नहीं हैं, उन्हें युद्ध कला भी आती है। उनका ये योद्धा वाला रूप दर्शकों को सबसे ज्यादा सरप्राइज करता है। फिल्म ये साफ करती है कि सीता कमजोर नहीं थीं, वो जरूरत पड़ने पर खुद अपनी रक्षा कर सकती थीं।

नितेश तिवारी की रामायण, वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस से प्रेरित है। इसमें रणबीर कपूर राम, साई पल्लवी सीता और यश रावण के किरदार में हैं। फिल्म का पहला भाग सिर्फ शुरुआत है, असली युद्ध तो दूसरे भाग में होगा, जिसका इंतजार अब हर किसी को है।

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