ब्रेकअप या किसी पुराने करीबी से दूरी बनने के बाद अक्सर लोग एक अजीब खालीपन से जूझते हैं। किसी रिश्ते के खत्म होने पर महीनों या सालों बाद भी उस इंसान की याद सताना बेहद आम बात है। कई बार लोग अपने पुराने मैसेजेस पढ़ना, पुरानी तस्वीरों को बार-बार देखना और बिताए गए लम्हों में खोए रहना बंद नहीं कर पाते। उन्हें लगता है कि वे उस इंसान के बिना अधूरे हैं और उनके जीवन में उस व्यक्ति की जगह कोई नहीं ले सकता, लेकिन एक्सपर्ट के अनुसार, यह एक बहुत बड़ा मानसिक भ्रम हो सकता है। कोच, हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट और साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) के मुताबिक, अक्सर हम उस व्यक्ति को नहीं, बल्कि उसके साथ रहते हुए अपने अंदर के जिस रूप या मिजाज का एक्सपीरियंस करते थे, उस पुराने खुद यानी अपने पुराने वर्जन को मिस करते हैं। जानते हैं आगे...

हम इंसान को नहीं, उसके साथ जुड़ी अपनी भावना को मिस करते हैं

कोई भी गहरा रिश्ता हमारे लिए एक आईने की तरह होता है। यह आईना हमारे व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं को दिखाता है।

  • खुद को देखने का नजरिया: कुछ रिश्ते हमारी कमियों और पुरानी चोटों को उभारते हैं, तो कुछ रिश्ते हमारी काबिलियत, हंसी और बेफिक्र मिजाज को सामने लाते हैं।
  • खुद की पहचान खोने का एहसास: जब वह इंसान हमारी जिंदगी से जाता है, तो उसके साथ वह आईना भी टूट जाता है। इसके बाद हमें लगता है कि हमने अपना एक अहम हिस्सा खो दिया है।

एक्सपर्ट के अनुसार, हम अक्सर दूसरों को अपने भावनात्मक संतुलन (Emotional Balance) का जरिया बना लेते हैं। कोई खास इंसान हमें यह एहसास दिलाता है कि हम खास हैं। उसके साथ रहने पर हम सेफ, क्रिएटिव और खुलकर जीने में सक्षम महसूस करते हैं।

वहीं, रिश्ता टूटने पर जब हमारी खुशियों का लेवल अचानक गिरता है, तो हमारा दिमाग गलती से यह मान लेता है कि यह खुशी सिर्फ उसी इंसान की वजह से थी।

अपने खोए हुए आत्मविश्वास को वापस पाने के तरीके

इस दिमागी उलझन से बाहर निकलने के लिए खुद के साथ काम करना, समय बिताना और सच को स्वीकारना जरूरी है।

  • सच को पहचानें: जो हंसी, बेफिक्री या आत्मविश्वास आपने उस रिश्ते में महसूस किया था, वह आपके अंदर अब भी है। वह दूसरा व्यक्ति सिर्फ एक जरिया था, उस इमोशन के सोर्स आप खुद थे।
  • खुद से सही सवाल करें: "मैं उस इंसान को वापस कैसे पाऊं?" यह सोचने के बजाय खुद से पूछें कि "मैं अपने उस पुराने, हैप्पी वर्जन को दोबारा अपनी जिंदगी में कैसे ला सकता हूं या ला सकती हूं?"

रिश्ते टूटने के दुख से कैसे बाहर आएं?

नए शौक अपनाएं, नई एक्टिविटी में हिस्सा लें और ऐसे लोगों के साथ वक्त बिताएं जो आपको अच्छा महसूस कराते हों। अपनी पुरानी यादों में भटकने के बजाय अपनी शांति के लिए लिमिट तक करें। यह समझें कि जीवन में खुश रहने की क्षमता आपके अंदर हमेशा से मौजूद है, इसके लिए आपको किसी दूसरे पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। 

निष्कर्ष

इस लेख के माध्यम से पता चलता है कि किसी भी रिश्ते के अंत के बाद आगे बढ़ने का असली मतलब किसी ऐसे नए साथी की तलाश करना नहीं है जो बिल्कुल पुराने जैसा हो। असली मकसद यह समझना है कि अपनी खुशी, आत्मविश्वास और मानसिक शांति की चाबी आपके अपने हाथ में है। 

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Images: magnific