मेंटल हेल्थ को दुरुस्त रखने में हंसी-मजाक और अच्छे सेंस ऑफ ह्यूमर की अहम भूमिका होती है। जब हम हंसते हैं, तो हमारा दिमाग 'सेरोटोनिन' नामक हॉर्मोन जारी करता है, जो तनाव, चिंता और उदासी को कम करने में मदद करता है। यह न केवल हमारे नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करता है और सोचने-समझने की क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि आपसी रिश्तों और कार्यस्थल के माहौल को भी सहज और खुशनुमा बनाता है। हालांकि, हंसी-मजाक करते समय शालीनता और दूसरों की भावनाओं का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है, ताकि रिश्ते हमेशा मधुर बने रहें। इसके लिए हमने क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट संजना सर्राफ से भी बात की है। जानते हैं आगे...
ब्रेन के लिए हंसने के फायदे
हंसने-हंसाने की आदत दिमाग की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होती है। दरअसल हंसते समय ब्रेन से सेरोटोनिन हॉर्मोन का स्राव तेजी से होने लगता है, जो दर्द, तनाव और उदासी को दूर करने में मददगार होता है। इतना ही नहीं, जब हम किसी खुशमिजाज व्यक्ति के साथ हंसी-मजाक कर रहे होते हैं, तो इससे ब्रेन के कॉग्निटिव फील्ड (दिमाग का वह हिस्सा जो चिंतन के लिए जिम्मेदार होता है) की सक्रियता बढ़ जाती है और नर्वस सिस्टम पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ता है।
भावनाओं को साझा करने का आसान तरीका
अच्छा सेंस ऑफ ह्यूमर रिश्तों को खुशनुमा बनाने में मददगार होता है। बातचीत के दौरान अगर थोड़ा हंसी-मजाक हो, तो इससे सामने वाला व्यक्ति सहज महसूस करता है। जब हम किसी के सामने मजाकिया लहजे में कोई बात कहते हैं, तो उसके मस्तिष्क में इसकी त्वरित प्रतिक्रिया होती है। इससे हल्के-फुल्के माहौल में विचारों और भावनाओं को साझा करना आसान हो जाता है।
रिश्तों में सेंस ऑफ ह्यूमर
पहले संयुक्त परिवारों में ऐसे रिश्ते परिवार के माहौल को खुशनुमा बनाए रखते थे। मिसाल के तौर पर, अगर किसी परिवार के टीनएजर लड़के या लड़की को माता-पिता ने डांट दिया, तो उसकी भाभी उसी वक्त मजाक वाले अंदाज में उसके साथ बातचीत शुरू कर देती थीं। इससे डांट सुनने वाले और डांटने वाले, दोनों व्यक्तियों का तनाव दूर हो जाता था।
ऑफिस में हंसी-मजाक
अगर ऑफिस में लोग खुशमिजाज हों, तो उनकी कार्यक्षमता पर इसका सकारात्मक असर पड़ता है। काम ज्यादा होने पर भी थकान महसूस नहीं होती। अगर कोई गंभीर बात भी हंसते हुए कही जाए, तो ऑफिस का माहौल खुशनुमा हो जाता है। इस तरह अगर हम अपने अच्छे व्यवहार से दूसरों को भी थोड़ी सी हंसी देने की कोशिश करें, तो इससे हमारे रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी।
किन बातों का रखें ख्याल?
यह सच है कि हंसी-मजाक से रिश्तों में सहजता बनी रहती है, पर इस दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है:
- अच्छे हंसी मजाक और हंसी उड़ाने में बहुत बारीक अंतर होता है, जिसे समझना जरूरी है। लोगों के साथ हंसना अच्छी बात है, लेकिन कभी भी दूसरों की कमजोरियों का मजाक न उड़ाएं।
- अच्छा सेंस ऑफ ह्यूमर बुद्धिमत्ता की निशानी है, पर कुछ लोगों में इसकी समझ नहीं होती और वे छोटी-छोटी बातों पर बहुत जल्दी नाराज हो जाते हैं। इसलिए मजाक उन्हीं के साथ करें, जो इसे समझ सकते हों।
- अगर कोई व्यक्ति ज्यादा दुखी हो, तो उसे जबरन हंसाने की कोशिश न करें।
- ऑफिस में हंसी-मजाक करते समय सीमाओं का विशेष ध्यान रखें।
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सखी फीचर्स
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