नौकरी से ब्रेक लेना अब बेहद आम बात है। कोई उच्च शिक्षा के लिए काम छोड़ता है, तो कोई परिवार की जिम्मेदारियों या मदरहुड के कारण। कुछ लोग सिर्फ मानसिक थकान दूर करने के लिए भी कुछ समय का ब्रेक लेते हैं, लेकिन काम से दूरी बनाते ही सबसे पहला सवाल मन में यही आता है कि हमारे जमा ईपीएफ (EPF) पैसों का क्या होगा? क्या नया योगदान न होने पर पीएफ खाता बंद हो जाता है?

सच्चाई यह है कि नौकरी छोड़ने या ब्रेक लेने से आपका पीएफ खाता अचानक खत्म नहीं होता। जमा राशि सुरक्षित रहती है और वह आपकी अपनी ही रहती है।

मैटर्नटी लीव के दौरान पीएफ में योगदान

जब आप पेड मैटरनिटी लीव पर होती हैं, तो आपका पीएफ खाता सामान्य दिनों की तरह ही चलता रहता है।

  • कंपनियों की कानूनी जिम्मेदारी: इस अवकाश को वेतन का हिस्सा ही माना जाता है। इसलिए कंपनी और कर्मचारी दोनों का 12-12 प्रतिशत का हिस्सा जमा होता रहता है।
  • इंट्रेस्ट का फायदा: खाते में जमा कुल रकम पर सरकार द्वारा तय ब्याज (जैसे वर्ष 2025-26 के लिए 8.25%) बिना किसी रुकावट के मिलता रहता है।

करियर ब्रेक या बिना वेतन की छुट्टी पर असर

जैसे ही आपका वेतन मिलना बंद होता है या आप आधिकारिक रूप से इस्तीफा देते हैं, आपके खाते की स्थिति बदल जाती है।

  • सेवाएं बंद: वेतन न मिलने की स्थिति में महीने का पीएफ कटना तुरंत रुक जाता है।
  • पुराना पैसा रहता है चालू: भले ही नया पैसा जमा न हो, लेकिन पुराना जमा फंड 58 वर्ष की उम्र तक ब्याज कमाता रहता है, बशर्ते खाता Inoperative न हुआ हो।

क्या 1 से 2 साल के ब्रेक से खाता बंद हो जाता है?

बिल्कुल नहीं। एक या दो साल का छोटा करियर ब्रेक आपके पीएफ खाते को अक्रिय नहीं बनाता। जब आप दोबारा किसी नई कंपनी में काम शुरू करते हैं, तो पुराने पीएफ का पैसा आसानी से नए खाते में ट्रांसफर किया जा सकता है। ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, 55 साल की उम्र के बाद रिटायर या विदेश जाकर बस जाने में लगातार तीन साल तक लेन-देन न होने पर ही अक्रिय माना जाता है।

करियर ब्रेक के दौरान पैसे निकालने के नियम

ईपीएफ योजना 2026 के नए नियमों के तहत अगर आप बेरोजगार हैं, तो जरूरत पड़ने पर पीएफ की कुल राशि का 75% हिस्सा तुरंत निकाल सकते हैं। बाकी बचा 25% हिस्सा लगातार 12 महीने तक बेरोजगार रहने के बाद निकाला जा सकता है।

दोबारा नौकरी शुरू करने पर क्या करें?

जब आप ब्रेक के बाद दोबारा नौकरी में लौटते हैं, तो आपको नया पीएफ खाता खोलने की जरूरत नहीं होती। आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) हमेशा एक ही रहता है। नए एम्प्लॉयर को अपना UAN दें और पुराने पीएफ का बैलेंस नए खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर लें।

करियर ब्रेक लेने से पहले की चेकलिस्ट

काम छोड़ने से पहले इन बातों की पुष्टि जरूर कर लें:

  • यूएएन सक्रिय हो और लॉगिन की जानकारी आपके पास हो।
  • आधार और बैंक अकाइंट की केवाईसी पूरी हो।
  • पुरानी कंपनी ने आपकी नौकरी छोड़ने की तारीख सिस्टम में दर्ज कर दी हो।
  • ई-नॉमिनेशन की प्रक्रिया पूरी हो।

निष्कर्ष

करियर ब्रेक लेने का मतलब यह नहीं है कि आपको तुरंत अपना पीएफ फंड निकालना ही पड़े। सबसे समझदारी भरा कदम यही है कि आप अपने रिटायरमेंट फंड को छेड़े बिना सुरक्षित रहने दें। ब्रेक पर जाने से पहले अपने डॉक्यूमेंट्स की जांच कर लें ताकि भविष्य में दोबारा काम शुरू करते समय ट्रांसफर या निकालने में कोई परेशानी न आए।

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