घर में जब कमाने वाला केवल एक ही होता है, तो फाइनेंशियल फैसले बहुत सोच-समझकर लेने पड़ते हैं। ऐसे में अगर आप कोई बड़ा लोन लेने की सोच रही हैं, तो जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। एक छोटी सी चूक पूरे परिवार के बजट को पूरी तरह से बर्बाद कर सकती है। इसलिए, लोन की अर्जी देने से पहले कुछ बातों का मूल्यांकन करना बेहद जरूरी है ताकि फ्यूचर सेफ रहे। ऐसे में इनके बारे में पता होना जरूरी है। आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से बताएंगे कि लोन लेने से पहले आपको किन 3 जरूरी बातों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए? इसके लिए हमने सीए हिमांशु गोयल (CA Himanshu Goyal) से भी बात की है। जानते हैं आगे...
रीपेमेंट कैपेसिटी और 50% का नियम
सिंगल इनकम वाले घर में सबसे पहले यह देखना चाहिए कि आपकी जेब पर कितना असर पड़ेगा। बैंकिंग नियमों की मानें तो आपकी कुल मंथली इनकम का 40% से 50% से ज्यादा हिस्सा लोन की किस्तों में नहीं जाना चाहिए।
यानी आपकी मासिक आय ₹50,000 है, तो आपकी सभी ईएमआई मिलाकर ₹20,000 से ₹25,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। वहीं, बाकी पैसे घर के राशन, बच्चों की फीस, बिजली बिल और अन्य जरूरी खर्चों के लिए सेफ रहने चाहिए।
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इमरजेंसी फंड और टर्म इंश्योरेंस है जरूरी
आपके पास कम से कम 6 महीने का इमरजेंसी फंड होना चाहिए, जिससे लोन की किस्तें और घर का खर्च बिना किसी रुकावट के चल सके। इसके साथ ही, कमाने वाले सदस्य के नाम पर एक मजबूत टर्म लाइफ इंश्योरेंस होना जरूरी है। वहीं, राशि इतनी होनी चाहिए कि बीमा के पैसों से पूरा लोन चुकाया जा सके और परिवार पर कर्ज का बोझ न आए।
क्रेडिट स्कोर और लोन ड्यूरेशन
लोन अप्रूव होने में आपका क्रेडिट स्कोर सबसे बड़ी भूमिका निभाता है। ऐसे में लोन लेने से पहले अपना क्रेडिट स्कोर जांचें। यदि यह 750 से ज्यादा है, तो आपको कम इंट्रेस्ट दर पर लोन मिल सकता है। इसके अलावा, लोन की अवधि को बहुत लंबा न खींचें। हालांकि ज्यादा समय से ईएमआई छोटी हो जाती है, लेकिन कुल ब्याज का भुगतान बहुत ज्यादा करना पड़ता है।
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Images: magnific
